पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मुहिम, प्रकृति की सेहत के लिए उपवास...पहल अच्छी है

बागपत,नवीनचिकारा।व्रतकाउद्देश्यमात्रनिराहाररहनानहीं,बल्कियहएकसंकल्पहै।आमतौरपरलोगमानसिकऔरशारीरिकशक्तिजागृतकरनेकेलिएउपवासरखतेहैंलेकिनयहांप्रकृतिकीसेहतकेलिएउपवासरखाजारहाहै।इसअनूठीमुहिममेंभारतकेसाथ-साथअमेरिका,कनाडासमेतकईदेशोंकेपर्यावरणप्रेमीभीजुड़चुकेहैं।

पर्यावरणसंरक्षणसेजुड़ीबागपतकेशहरबड़ौतकीसंस्थाएनवायरमेंटएंडसोशलरिसर्चआर्गेनाइजेशन(एस्रो)नेदोसालपहलेकोरोनाकालमें'प्रकृतिउपवास-शेयरफारएनवायरमेंट'मुहिमशुरूकी।संस्थाकेअध्यक्षऔरनैथलागांवनिवासीपर्यावरणविद्हरिओमत्यागीकेदिमागमेंपर्यावरणसंरक्षणकीखातिरउपवासकाअनूठाविचारआया।उन्होंनेबड़ौतनिवासीसंस्थाकेनिदेशकसंजयराणाकेसाथयहविचारसाझाकिया।तैयारीशुरूहुईऔर15अगस्त2020सेइसकाशुभारंभहोगया।

जुड़चुके175सदस्य

संस्थाकेमार्गदर्शकसंजयगांधीपीजीकालेजकेपूर्वप्राचार्यडा.प्रकाशवीरमलिकनेवाट्सएपग्रुपबनाकरपर्यावरणप्रेमियोंकोइसमेंजोडऩाशुरूकिया।ग्रुपमेंभारतसमेतअमेरिका,कनाडा,स्वीडन,दुबईआदिदेशोंके175सदस्यजुड़चुकेहैं।संस्थाकेसचिवदेवेंद्रफोगाटग्रुपकोसंचालितकरतेहैं।

एकमाहकाबनताहैशेड्यूल

हरमहीनेकीपहलीतारीखकोपूरे30दिनकाशेड्यूलबनालियाजाताहै।इसमेंहरदिनएकयाएकसेअधिकलोगउपवासरखतेहैं।उपवासतिथिकाचयनसंबंधितसदस्यअपनीसहूलियतसेकरतेहैं।

पर्यावरणसमृद्धिकोसमर्पितरहताहैपूरादिन

संस्थाकेनिदेशकसंजयराणाबतातेहैंकिउपवासवालेदिनव्यक्तिपूरेदिनपर्यावरणकीसमृद्धि,संरक्षणकेलिएसमर्पितरहताहै।इनमेंपरिवारकेसाथमिलकरपौधरोपण,निराई-गुड़ाई,पर्यावरणसंरक्षणकेप्रतिजागरूकताफैलाना,नुक्कड़बैठककरलोगोंकोप्रकृतिकीसुरक्षाकेलिएमानसिकरूपसेतैयारकरनेजैसीगतिविधियांशामिलरहतीहैं।इनगतिविधियोंकेफोटोखींचकरवाट््सएपग्रुपभीशेयरकिएजातेहैं।उनकेकार्योंपरग्रुपकेसदस्ययथासंभवसुधार,बेहतरकरनेआदिकेसुझावभीदेतेहैं।

दियाजाताहैप्रकृतिप्रहरीसम्मान

दिसंबरकेतीसरेशनिवारकोसंस्थाकेबड़ौतकार्यालयपरअभिनंदनसमारोहआयोजितकियाजाताहै।इसमेंसालभरपर्यावरणहितमेंबेहतरकामकरनेवालेपांचलोगोंकाचयनकरउन्हेंप्रकृतिप्रहरीसम्मानसेनवाजाजाताहै।