प्रयागराज में मंत्री सिद्धार्थनाथ के प्रवक्‍ता बोले- दीपावली सांस्कृतिक और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है

प्रयागराज,जेएनएन।त्योहारखुशियोंकोव्यक्तकरनेकेतरीकेहोतेहैं।हमारेदेशमेंभीत्योहारोंकीबहुतायतहै।यहांलोगउत्सवपरंपरावसंस्कृतिकेअनुसारमनातेहैं।दीपावलीभीइन्हींमेंसेएकहै।यहपर्वखुशियोंवसमृद्धिकाप्रतीकहै।आमतौरपरयहपांचदिनोंतकचलताहै।येबातेंकैबिनेटमंत्रीसिद्धार्थनाथसिंहकेप्रवक्तादिनेशतिवारीनेकही।

उन्‍होंनेकहाकिशहरपश्चिमीमेंकहाकिसद्भावकेसाथसभीलोगपर्वमनाएं।देशहीनहींविदेशमेंभीइसेउत्साहकेसाथलोगमनातेहैं।खासबातयहकिइसदिनअमावस्याकीकालीरातहोनेकेबावजूदपूराभारतरोशनीसेजगमगायाहुआहोताहै।यहकेवलधार्मिकआस्थाकाप्रतीकनहींहै,बल्किइसकासामाजिक,आध्यात्मिक,पौराणिक,ऐतिहासिकऔरआर्थिकमहत्वभीहै।मंत्रीकेप्रवक्तानेकहाकिशहरपश्चिमीकेलोगइसबारदीपावलीकोखासबनाएं।क्षेत्रमेंविकासकीजोधाराबहरहीहैउसकाप्रतिबिंबदिखनाचाहिए।

दीपककोसूर्यकेहिस्सोंकाप्रतिनिधित्वकरनेवालामानागयाहै

दिनेशतिवारीनेलोगोंकोदीपावलीकेप्राचीनमहत्वकोसमझाया।कहाकियहशब्ददीपावलीदीपवआवलीसेमिलकरबनीहै।अर्थातदीपकऔरआवली।दूसरेशब्दोंमेंलाइनयाश्रृंखला,जिसकामतलबहुआदीपकोंकीश्रृंखलायादीपोंकीपंक्ति।इसेदीपोत्सवभीकहतेहैं।दीपककोस्कन्दपुराणमेंसूर्यकेहिस्सोंकाप्रतिनिधित्वकरनेवालामानागयाहै।वैदिकप्रार्थनाहैतमसोमाज्योतिगर्मयअर्थातअंधकारसेप्रकाशमेंलेजानेवालाऔरदीपावलीकोभीरोशनीकाउत्सवकहाजाताहै।