प्रकृति का अनुपम उपहार, खिल गए पलाश

मनोरंजन,रांची:होलीकोलेकरउत्साहहरतरफदेखनेकोमिलरहाहै।रंगऔरगुलालकेचयनमेंराजधानीवासीसतर्कताबरतरहेहैं।हानिकारकरसायनसेबनेरंगऔरगुलालकीबजायबाजारमेंहर्बलगुलालकीविशेषमांगहै।रांचीकेबाहरकेइलाकोंमेंआजभीपारंपरिकरूपमेंपलाशकेफूलसेरंगऔरगुलालतैयारकिएजातेहैं।अपनेगुणोंकेकारणहीझारखंडकेलोगोमेंपलाशकेफूलनेअपनास्थानबनायाहै।अनगड़ाकेपासमहलीहोहोगांवमेंकईपरिवारहोलीसेपहलेइसकाममेंजुटजातेहैं।महिलाओंकेसाथपूरापरिवाररंगतैयारकरनेमेंलगजाताहै।होलीतकऔसतएकपरिवाररंगबनाकरचारहजाररुपयेतककीकमाईकरलेताहै।इनरंगोंकोबनाकरस्थानीयबाजारमेंतोबेचतेहीहैं,कुछसमितियांभीउनसेरंगोंकीखरीदारीकरतीहैं।कईविधिसेबनायाजाताहैरंग:

गांवमेंरंगबनानेकाकामकरनेवालेलोगबतातेहैंकिपलाशकेफूलसेकईविधियोंसेरंगबनायाजाताहै।फूलसेरंगबनानेकेलिएपहलेफूलकोछांवमेंसुखायाजाताहै।सूखेफूलोंकोदोसेतीनलीटरपानीमेंडालकरदोसेतीनदिनतकछोड़दियाजाताहै।पानीकारंगलालयासिदूरीहोजाताहै।इसरंगीनपानीकाइस्तेमालसुरक्षितहोलीखेलनेकेलिएकियाजाताहै।दूसरेतरीकेमेंपलाशकेफूलकोपेड़सेतोड़करमिट्टीकीहंडीमेंदोसेतीनदिनोंतकरखाजाताहै।इसकेबादइससेरंगनिकलआताहै,जोकाफीगहराहोताहै।वहींकुछलोगफूलकोपानीमेंउबालकररंगनिकालतेहैं।रंगमेंचूनामिलादेनेसेपलाशकेफूलसेबनारंगकपड़ोंसेनहींछूटता।आयुर्वेदकेगुणोंसेभराहैपलाश:

आयुर्वेदाचार्यडा.भरतअग्रवालबतातेहैंकिपलाशकेरंगसेहोलीखेलनेकेकईबड़ेफायदेहैं।इससेगर्मियोंमेंत्वचारोगसेबचनेकेसाथरोगप्रतिरोधकक्षमताबढ़तीहै।पलाशसेटॉनिकऔरएंथेलमिटिकयाआंतोंकेकीड़ोंकोमारनेवालीदवाबनाईजातीहै।आयुर्वेदिकग्रंथमेंआचार्यचरकऔरसुश्रुतनेपलाशकेबीजऔरछालकेऔषधीयगुणोंकेबारेमेंबतायाहै।पलाशमेंसूजनकोकमकरनेवाले,सूक्ष्म-कीटाणुनाशक,एंटी-डाइबेटिक,मूत्रवर्धक,दर्दनाशकऔरट्यूमर-रोधीगुणहोतेहैं।इसकीपत्तियांएस्ट्रिजेंट,मूत्रवर्धकऔरएंटीओव्यूलेटरीगुणोंसेभरपूरहोतीहैं।इसकेफूलटानिकऔरपोषकतत्वोंसेभरपूरहोतेहैंऔरइसकीजड़ेंरतौंधीकेइलाजमेंउपयोगीहैं।कोरोनाकोदेखतेहुएबढ़ीपलाशकीमांग:

अपरबाजारकेरंगऔरगुलालथोकव्यापारीशुभमअग्रवालबतातेहैंकिइसवर्षकोरोनासंक्रमणकेकारणपलाशकेफूलोंसेतैयाररंगोंऔरगुलालकीमांगकाफीज्यादाहै।लोगरासायनिकरंगकेबजाएहर्बलरंगकीखरीदारीमेंरुचिदिखारहेहैं।दोवर्षपहलेतकहर्बलरंगऔरगुलालकाकारोबारकेवलबीसप्रतिशतथा।अबआधेबाजारपरहर्बलरंगोंकाकब्जाहै।इसव्यापारमेंकईबड़ीकंपनियांआगईहैं।ऐसेमेंगांवमेंबननेवालेरंगोंकोभीबाजारमिलाहै।कईलोकलमहिलासमितियांइनउत्पादोंकीमार्केटिगकररहीहैं।ऐसेमेंउम्मीदहैकिरांचीकेआसपासकेगांवमेंबनरहेरंगोंकोजल्दहीमार्केटमेंपहचानमिलेगी।

----------प्रतिक्रिया------

आदिकालसेपलाशकेफूलोंसेरंगबनानेकाकामहोताआयाहै।पहलेकेवलअपनेलिएबनातेथे।अबकईलोगखरीदनेआतेहैंतोकुछलोगोंनेरंगबनाकरबेचनाशुरूकरदिया।इसकीखपतलोकलहाटमेंहोजातीहै।

रामबालकभोक्ता,ग्रामीण,अनगड़ापलाशहमारेलिएशुभकाप्रतीकहै।इसलिएहोलीखेलनेकेलिएपलाशकेरंगकाइस्तेमालकियाजाताहै।जोलोगरंगनहींबनातेवोकिसीसेखरीदलेतेहैं।हमलोगआजभीपलाशकारंगपारंपरिकतरीकेसेबनातेहैं।

रीना,ग्रामीण,अंगड़ापलाशकेरंगसेहीपहलेकपड़ेभीरंगेजातेथे।हालांकिअबकपड़ारंगनेकाकामइससेनहींहोताहै।केवलहोलीकेसमयरंगतैयारकियाजाताहै।हालांकिरंगकेअलावाभीफूलोंकोहमसुखाकररखतेहैं।दवामेंइसकाउपयोगहोताहै।

रीमा,ग्रामीण,अनगड़ा।