प्रज्ञा की प्रेरणा से संवरा बेटियों का जीवन

संवादसूत्र,हाथरस:सासनीकस्बेकीप्रज्ञावाष्र्णेयनेसमाजसेवाकोजीवनकामकसदबनालियाहै।गरीबऔरअसहायबेटियोंवउनकेपरिवारकीपरेशानियांउन्हेंकचोटतीरहतीहैं,जिसकेचलतेवेकईसालसेगरीब,असहायवअनाथबेटियोंकीशादीकराकरउनकेजीवनकोनयाआयामदेरहीहैं।सर्दियोंमेंगरीबोंकोकंबलवितरणकेअलावागरीबबेटियोंकीशादीमेंअपनीतरफसेघरेलूसामानआदिउपलब्धकरातीहैं।संक्षिप्तपरिचय:

12फरवरी1981कोजनपदबुलंदशहरकेकस्बाडिबाईमेंवीरेन्द्रकुमारकेघरजन्मींप्रज्ञावाष्र्णेयनेगणितविषयसेएमएससीकीहै।विद्यार्थीजीवनसेहीप्रज्ञासमाजसेवासेजुड़ीरहीहैं।वेप्रखरवक्ताएवंमंचसंचालककेरूपमेंजानीजातीहैं।आठदिसंबर2003कोनगरकेप्रमुखसमाजसेवीएवंउद्योगपतिनमेशचंद्रवाष्र्णेयकेपुत्रइं.निर्देशचंद्रवाष्र्णेयकेसाथविवाहबंधनमेंबंधनेकेबादभीवंचितवर्गकीबेटियोंकेप्रतिगहरीसहानुभूतिरखतीहैं।ऐसीबेटियांजोकिसीवजहसेशिक्षासेवंचितरहजातीहैं,उन्हेंदेखकरगहरीपीड़ामहसूसकरतीहैं।सामाजिकक्लबकीस्थापना

प्रज्ञावाष्र्णेयनेसमाजमेंबेटियोंकोसमुचितशिक्षादिलाने,रोजगारपरकशिक्षादिलाकरआत्मनिर्भरबनानेकेलिएकस्बेमेंहीएकक्लबकीस्थापनाकीहै।वेअबऐसेघरोंमेंजाकरजहांबालिकाएंशिक्षानहींलेपारहीहोतीहैं,अभिभावकोंकोजागरूककरकेगरीबकन्याओंकोशिक्षाएवंरोजगारसेजोड़नेकीमुहिमचलातीहैं।अपनीओरसेबालिकाओंकोपाठ्यसामग्रीभीउपलब्धकरातीहैं।गरीबकन्याओंकीशादीकेलिएघरेलूसामानआदिउपलब्धकरातीहैं।पर्यावरणकेक्षेत्रमेंवृ़क्षारोपणजैसेपुनीतकार्यकरकेसमाजसेवामेंनएनएआयामजोड़तीहैं।

सामूहिकविवाहकीतैयारी

जल्दहीभारतविकासपरिषदतथाइनरव्हीनक्लबकेसाथमिलकरवेगरीबपरिवारोंकीबेटियोंकेलिएसामूहिकविवाहसम्मेलनकरानेकीतैयारीमेंजुटीहुईहैं।इसविवाहसमारोहमेंआनेवालेखर्चकोभीउनकासंगठनवस्वयंउठाएंगी।11जोड़ोंकासामूहिकविवाहकरायाजानाप्रस्तावितहै।