प्राचीन तालाब का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर

जागरणसंवाददाता,मझवां(मीरजापुर):जमुआंबाजारस्थितपक्काघाटतालाबकाअस्तित्वधीरे-धीरेखत्महोनेकेकगारपरहै।यहहालाततालाबखुदबयांकररहीहै।तालाबमेंदोयातीनफीटपानीबचाहै।कूड़ा-कचराफेंकनेकेकारणपानीदूषितहोनेकेसाथहीतालाबसूखगयाहै।क्षेत्रीयलोगोंनेजिलाप्रशासनसेतालाबकाअस्तित्वबचानेकेलिएसाफ-सफाईकराकरकूड़ा-कचराफेंकनेवालोंपरकार्रवाईकीमांगकीहै।

तालाबमेंपानीहोनेकेकारणएकव्यक्तिनेसदरतहसीलसे10वर्षोंकेलिएमछलीपालनकेलिएअधिकमूल्यपरउक्ततालाबकोलीजपरलियाथा,लेकिनपानीकेअभावमेंउसकोकाफीनुकसानउठानापड़रहाहै।पूरेबाजारकेघरकाकूड़ावप्रतिबंधितपालीथिनतालाबमेंफेंकाजारहाहैऔरअगल-बगलकेघरोंकानाबदानकागंदापानीभीगिरायाजारहाहै।ग्रामसभाकेकमलासिंह,फेकूराम,अवधनरायनपाल,शीतलपटेल,चंद्रिकामास्टरआदिबुजुर्गोंनेबतायाकिपहलेहमलोगोंकेघरोंमेंतालाबकेस्वच्छवमीठेपानीसेभोजनपकायाजाताथा,लेकिनइससमयपानीहाथ-पैरभीधोनेलायकनहींहै।इसकामुख्यकारणहैकिपहलेअगल-बगलकेगांवोंसेलगभग100एकड़खेतीकीभूमिसेहोतेहुएबरसातकापानीआनेकेकारणतालाबलबालबभरजाताथा,लेकिनवर्तमानसमयमेंहालातठीकविपरीतहैक्योंकितालाबमेंपानीआनेवालेरास्तोंपरकिसानोंनेअतिक्रमणकररखाहै।इसवजहसेबरसातमेंपानीतालाबमेंनपहुंचकरइधर-उधरबेकारचलाजाताहै।