Politics of Vote Bank : साइकिल वाले भैया नहीं पहुंचे बाबू जी अंतिम विदाई में Aligarh news

अलीगढ़,जेएनएन।इंसानकीअंतिमविदाईमेंमनसमभावहोजाताहै।दलछोटेहोजातेहैंदिलबड़ाहोजाताहै।मगर,लखनऊमेंसाइकिलवालेभैयाकेनपहुंचनेपरसवालउठगए।अबउन्हेंजवाबनहींदेतेबनरहाहै।ऐसासिर्फउन्होंनेनहींकिया,जिलेमेंभीतमामऐसेनेतारहेजोबाबूजीकीअंतिमविदाईमेंनहींपहुंचे।जिससमयबाबूजीकापार्थिवशरीरथाउससमयवहकार्यक्रमोंमेंव्यस्तअपनेगलेमेंमालाडलवानेमेंव्यस्तथे।बसचंदकदमकीदूरीथी,परउन्हेंवक्तनहींमिला।तनिकबातपरसंवेदनाजतानेवालेकईऔरनेताहैं,जिनकेमुंहसेसंवेदनाकेदोशब्दनहींनिकलें।उन्हेंअपनीसियाासतकाडरहै।वोऐसेसमयमेंभीनफा-नुकसानदेखरहेथे।मगरयहसमयकाचक्रहै,इसकीधुरीपरहरकिसीकोआनाहोताहै,इसलिएऐसेसमयमेंसियासतनहीं,बल्किसद्भावनाकीजरूरतहोतीहै।

पलभरमेंकोईनहींबनताकल्याण

आजकलराजनीतिमेंभीलोगरफटफचाहतेहैं।शार्टकटकेमाध्यमसेशिखरतकपहुंचनेकीकोशिशकरतेहैं।मगर,पलभरमेंकोईकल्याणसिंहनहींबनताहै।यहसीखनईपीढ़ीकोअंतिमविदाईमेंबाबूजीदेगए।उमड़ाजनसमूहउनकेएकदर्शनकोहिलोरेमाररहाथा,बुजुर्गोंकीआंखोंमेंभीआंसुओंकासैलाबथा।लंबीसाधनाऔरउनकीअविरलयात्राकोलोगयादकररहेथे।बाबूजीकभीसाइकिलसेचलेतोकभीजीपकोधक्काभीलगानापड़ा।मगर,कभीअविचलितनहींहुए।एकसाधककीतरहवोआगेबढ़तेचलेगए,निर्णयलियातोसीनाठोकरस्वीकारभीकिया।इसलिएजाते-जातेबाबूजीनईपीढ़ीकोसीखदेगएकिराजनीतिमेंआगेबढ़नाहैतोजमीनसेजुड़ो।संघर्षकरो,संकटमेंघबराओंनहीं।परिक्रमानहींबल्किपराक्रमपरविश्वासकरो।एकदिननिश्चितशिखरकामार्गप्रशस्तहोगा।

छोड़तेहैंतीर,ऐसेहैंवीर

पंजेवालीपार्टीमेंकार्यकर्ताकमहैं,जुबानीतीरछोड़नेवालेनेताजीबहुतहैं।येतीरछोड़करअपनेआपकोसबसेवीरसमझतेहैं।इसेमेंखूबखुशभीरहतेहैं।इसलिएइनतीरोंसेघायलहोकरतमामनेतापार्टीछोड़तेजारहेहैं।वोदेखरहेहैंकिपार्टीमेंसिर्फतीरोंकीबौछारहै,इसलिएअपनारास्ताकहींऔरबनालो।पार्टीकेशीर्षनेताभीकुछठोसकदमनहींउठातेहैं।अबपार्टीकेनयेजिलाध्यक्षपरतीरोंकीबौछारशुरूहोगईहै।एकनेताजीघरबैठेहीजुबानीतीरछोड़दियाकरतेहैं।अबवोटबैंककीराजनीतिकाआरोपलगातेहुएतीरछोड़नीशुरूकरदीहै।मगर,नेताजीकाेसमझनाचाहिएकिजबपार्टीकेशीर्षकेनेतासंगठनकेप्रतिचिंतितनहींहैंतोउनकेतीरछोड़नेसेक्याहोनेवालाहै?ऐसाहीरहातोसिर्फतीरहीतीरबचेंगे,नेतापार्टीछोड़चुकेहोंगे।इसलिएसिर्फसंगठनकोएकजुटबनाएरखनेकीजरूरतहै।

चलोथानाघेरनेचले

गजबहै,अपनीहीसरकारमेंइन्हेंथानाघेरनापड़ताहै।कमलवालीपार्टीमेंसाढ़ेचारसालमेंयहीहुआ।कार्यकर्ताओंपरहीखुदमुकदमेदर्जहोजातेहैं,उन्हेंपाबंदकरदियाजाताहै।पुलिस-प्रशासनबड़ेनेताओंतककीनहींसुनते।अभीकुछदिनपहलेभीएकमामलेमेंकईनेताओंकोपाबंदकरदियागया।दूसरेदिनहीआवाजउठीचलोथानाघेरतेहैं।ऐसेकईमामलेआए,जबनेताजीकोथानाघेरनापड़ा,पुलिसअधिकारियोंसेनोकझोंकतककरनीपड़ी।एकवरिष्ठकार्यकर्ताइसथानाघेराईसेखींझगए।उन्होंनेआखिरपाबंदवालेमामलेमेंकहहीदिया,संगठनमेंबड़ीसमस्याहै।विपक्षमेंरहेतबभीथानाघेरनापड़ा,अबअपनीसरकारमेंभीबात-बातपरथानाघेरनापड़जाएतोफिरइससेशर्मकीबातऔरक्याहोसकतीहै?ऐसेमेंकार्यकर्ताओंकामनोबलकैसेबढ़ेगा?परनेताजीकीतोसिर्फएकहीबातरहतीहै?चलोथानाघेरनेचलतेहैं।