पिता से पड़ी डांट से सीखा जिंदगी का सबक, 75 साल की उम्र में भी एकदम फिट हैं विधायक डॉ. धर्मबीर अग्निहोत्री

तरनतारन[धर्मबीरसिंहमल्हार]।छहफुटऊंचाकद,शरीरएकदमफिटऔरचेहरेपरमुस्कान।यहहैंविधायकडा.धर्मबीरअग्निहोत्री।उन्हेंभलेहीअधिकतरलोगविधायककेतौरपरजानतेहैं,परंतुवहएकअच्छेडाक्टरभीहैं।जिंदगीके75बसंतदेखचुकेडा.अग्निहोत्रीसादाजीवनव्यतीतकरनेकेसाथसादाभोजनकरनेकेशौकीनहैं।प्रेमनगरजंडियालारोड(तरनतारन)मेंरहनेवालेडा.धर्मबीरकेपितापंडितमाधोरामक्षेत्रकेनामवरहकीमथे।पिताकेनामपरडा.धर्मबीरशेरोंमेंअस्पतालभीचलातेहैं।उनकीखासियतहैकिअस्पतालमेंकिसीभीमरीजकीओरसेकिएगएउधारकाहिसाबरखनेकेलिएउन्होंनेकोईकापीयारजिस्टरनहींलगाया।उनकीनिजीकिताबकेपन्नेखोलेंतोपताचलताहैकिवहनर्मदिलकेइंसानहैं।परिवारमेंपत्नीकिरणअग्निहोत्री,बड़ेबेटेनरेशअग्निहोत्री,छोटेबेटेडा.संदीपअग्निहोत्री,बहूज्योतिअग्निहोत्री,पोतारोनितवपोतीसुनेहाहैैं।उनकेपुत्रसंदीपवबहूज्योतिभीडाक्टरहैं।

गांवशेरोंमेंपैदाहुएडा.अग्निहोत्रीकोयादहैकिजबपितायहांहकीमीकरतेथेतोउन्होंनेएकबारजड़ी-बूटीलानेकेलिएकहाथा।उसदिनगांवमेंदंगलहोरहाथा।नामवरपहलवानोंकोदेखनेकेलिएदंगलमेंचलेगएवजड़ी-बूटीलानाभूलगए।बसफिरक्याथा,पितानेकानपकड़करऐसासबकसिखायाकिजिंदगीमेंदोबाराकिसीकाममेंलापरवाहनहींहुए।डा.धर्मबीररोजसुबहपांचबजेउठतेहैं।एकघंटायोगकरतेहैं।प्रकृतिसेभीउनकोबहुतप्यारहै।घरमेंलगेपेड़-पौधोंकीभीवहरोडअच्छेसेदेखभालकरतेहैं।सुबहनौसेसाढ़ेनौबजेकेबीचब्रेकफास्टकरतेहुएवहगजलसम्राटजगजीतसिंहकीगजलेंसुनतेहैं।

परिवारकेलिए समयनिकालनानहींभूलते

विधायकबननेकेबादउनकाशेडयूलभलेहीव्यस्तरहताहै।परंतुपरिवारकेलिएवहसमयनिकालनानहींभूलते।खानेमेंउनकोपीलीदाल,सरसोंकासाग,मक्कीकीरोटीवचाटीकीलस्सीकाफीपसंदहै।दिनमेंरायतावग्रीनसैलेडलेतेहैैं।उनकोखानाबनानानहींआता।हालांकिपूरेपरिवारकेलिएचायबनाकरएकसाथजरूरपीतेहैं।पहनतेहैंबेटाऔरबहूकेपसंदकिएकपड़ेविधायकडा.धर्मबीरकेपहनावेकीबातकरेंतोसर्दियोंमेंवहअधिकतरकोटपैंटपहनतेहैं।गर्मीमेंटी-शर्टपहननापसंदकरतेहैं।वहमौंटब्लैककामहंगापैनइस्तेमालकरतेहैंजोउन्हेंउनकेबेटेसंदीपनेदियाहै।राडोकंपनीकीघड़ीबड़ेबेटेनरेशखरीदकरदेतेहैं।उनकेलिएकपड़ेबहुज्योतिवपुत्रडा.संदीपखुदखरीदतेहैं।वहजेबमेंडायरीरखतेहैंक्योंकिराहजातेलोगोंकामर्जदेखकरउनकोदवाईलिखकरदेनीहोतीहै।इसकेअलावाअबतोवहअपनीगाड़ीमेंकाफीमास्करखतेहैं।बुजुर्गोंसेआशीर्वादलेतेसमयउन्हेंंमास्कदेकरकोरोनासेबचावकेलिएजागरूकभीकरतेहैं।फुर्सतकेपलोंमेंगुनगुनातेहैैंजगजीतसिंहकीगजलें

डा.धर्मबीरजगजीतसिंहकेअलावामोहम्मदरफी,आशाभोसले,पंजाबकेप्रसिद्धकलाकारआसासिंहमस्तानाकेगीतसुननाउनकोपसंदहै।फुर्सतकेपलमेंवह'यहदौलतभीलेलो,यहशौहरतभीलेलो....भलेछीनलोमुझसेमेरीजवानी...,एकप्यारकानगमाहै,मौजोंकीरवानीहै,जिंदगीओरकुछभीनहीं,तेरी-मेरीकहानीहै...आदिगजलवगीतगुनगुनातेहैं।वहयेगीतइसलिएसुनतेहैंक्योंकियेसदाबहारहैंऔरउनकोसुकूनदेतेहैं।राजनीतिकोलेकरनजरियाडा.अग्निहोत्रीकहतेहैंकिआजकेदौरमेंलोगभलेहीसियासतकोठीकनहींसमझते।परंतुईमानदारीसेकीगईसियासतकिसीपूजासेकमनहींहोती।लोगोंकेसाथउनकीसियासीनहीं,बल्किनिजीसांझहै।