पीलीभीत में पेड़ पर तीन दिन, दाे रात काटने वाले दूधिए बोले- पल-पल मौत से कांपता था कलेजा, ना भूख लगी ना प्यास

बरेली,देवेंद्रदेवा।FloodRescueNews: मैंने65सालबादबुढ़ापेमेंजिंदगीऔरमौतकीऐसीजंगदेखी।पल-पलयहीलगताथाकिकिमौतअबझपट्टामारेगी।परंतुफिरसोचताकिमुझेनिराशनहींहोनाचाहिए,नहींतोबाकीपाँचसाथीभीटूटजाएंगे।वोसबपेड़परमेरेआसपासहीथे,जिन्होंनेअभीबहुतकमजीवनभीजीयाथा।भूख-प्याससेपरेशानथे।यहकहतेहुएवहफफकपड़े।कुछपलबादकपड़ेसेआंसूपोंछेऔरमुस्कराये।कहाकिदेवदूतोंकीवजहसेअबवोसमयबीतगया।

सोमवारशामछहबजेसेबाढ़केबीचफंसेपांचअन्यसाथियोंकेसाथजलालुद्दीनकोगुरुवारकीरातसाढ़ेनौबजेपुलिससुरक्षितनिकालकरलेआई।वहऔरउनकेसाथीखौफनाकपलोंकोयादकरबार-बारआंसुओंसेगलेमिलतेऔररोपड़ते।गांवनहरोसानिवासीजलालुद्दीननेबतायाकिसोमवारकीशामपांचबजेशारदानदीमेंभीषणबाढ़आनेपरवहमोहिदखान,मोईनउद्दीन,मोहम्मदहसन,रमजानीतथाअरशदकेसाथजंगलमेंस्थितगौढ़ी(डेयरी)परफंसगए।किसीतरहपरेशानहाेकरलगभगदोकिलोमीटरदूरपानीपारकरलिया।आगेरास्तानहींदिखातोवहांएकशीशमकेपेड़परसभीलोगरातदोबजेचढ़गए।

जलालुद्दीननेगुरुवारकीरातलगभगसाढ़ेनौबजेरेस्क्यूआपरेशनखत्महोनेकेबादजागरणसंवाददाताकोबतायाकिसुबहतोचारोंतरफपानीहीपानीथा।मौतकाखौफथा।ऐसेमेंनाभूखऔरनाप्यासलगी।हमारेपासचारमोबाइलफोनथे।स्वजनकोजानकारीदेदी।जबतक.बैटरीरही,तबतकलोगोंसेबचानेकीगुहारलगातेरहे।इसदौरानअरशदनेअपनेमोबाइलसेवीडियोबनाकरकईलोगोंकोभेजदी।परंतएकगलतीहोगई।हमकोमोबाइलबैटरीकाधीरे-धीरेउपयोगकरनाचाहिएथा।बुधवारकाेचारोंमोबाइलफोनबैटरीडिस्चार्जहोनेसेबंदहोगए।

मुश्किलवक्तमेंधैर्यसेकैसेकामलेंहमसबकेलिएसीख

जिंदगीकीमुश्किलोंकेसमयपरसंघर्षकैसेकरनाचाहिए।बड़ेलोगोंकोकैसेअनुभवसेसीखदेनीचाहिए।बाढ़में75घंटेतकफंसेरहेछहलोगोंकीयहकहानीऐसासबकोसिखातीहै।इनमेंसबसेबड़े65सालकेजलालुद्दीनथे।वहकईबारथोडेघबरायेतोलेकिनउनकेपकेहुएबालोंकेसाथपरिपक्वअनुभवजानताथाकियदिवहीहिम्मतखाेदेंगेताेहिम्मतवैसेहीटूटजाएगी।ऐसेमेंकईबारनिराशहोनेकेबादभीउन्होंनेचेहरेपरऐसेभावनहींआनेदिए।पेडपरहीतीनदिनऔरदोरातगुजारी।इसदौरानखानेकोकुछनहींथाऔरपानीकानीचेसमंदरसाथालेकिनपीनेकेलिएनहीं।कईबारनींदकेझोंकेइतनेपरेशानकरतेकिबैठनामुश्किलहोजाता।