पीएम मोदी ने जिस रं समुदाय के बारे में की मन की बात, जानें उसकी कुछ खास बातें nainital news

पिथौरागढ़,जेएनएन:चीनऔरनेपालसीमासेलगेअतिदुर्गमऔरबर्फीलेक्षेत्रमेंरहनेवालेरंसमुदायकेप्रयासकीचर्चाप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीनेअपनेलोकप्रियकार्यक्रममनकीबातमेंकी।उन्‍होंनेकहाकिसमुदायकेलोगोंलेअपनीबोलीऔरभाषाकोबचाएरखनेकेलिएअभूतपूर्वप्रयासकिया।अतिदुर्गमक्षेत्रहोनेकेबादभीजिसतरहसेउन्‍होंनेअपनीपहचानकोबचाएरखनेकाप्रयासकियानिश्चिततौरपरवहअनुकरणीयहै।इससमुदायकेलोगनसिर्फअपनीकला,संस्‍कृतिऔरबोलीकोसंजोएरखनेकेलिएनिरंतरप्रयासरतहैं,बल्किइनकापरस्‍परसहयोगऔरसामाजिकसहभागिताहरसमाजकेलिएप्रेरणादायकहै।इतनाहीनहींयेदेशकीसीमापरतैनातएकतरहसेअवैतनिकप्रहरीहैं,जाेसरकारकेलिएआंख-कानकीतरहकामकरतेहैं।तोचलिएजानतेहैंरंसमुदायकेबारेमें।

रंसमुदायकेलोगोंकोकहाजाताहैभोटिया

चीनऔरनेपालसीमापरउच्चऔरउच्चमध्यहिमालयकीतीनघाटियोंदारमा,व्यासऔरचौदासकेमूलनिवासियोंकोजिन्हेंआजसरकारीतौरपरभोटियाकहाजाताहैयेहीरंलोगहैं।रंसमाजकेलोगअपनीकला,जीवट,व्यापार,संस्कृति,लोकजीवनकोलेकरअपनीअलगपहचानरखतेहैं।अतीतमेंतिब्बतमेंव्यापारकरनेवालेरंसमाजकेलोगोंनेवर्ष1962केभारतचीनयुद्धकेबादकाफीदुर्दिनझेलेहैं।इससेपूर्वतिब्बतव्यापारमेंइससमाजकेलोगकाफीआगेथे।विषमभौगोलिकपरिस्थितिमेंजीवनजीनेवालेरंलोगभारतचीनयुद्धकेबादआजीविकाविहीनहोगएथे,परंतुसमाजकेलोगोंनेहारनहींमानी।शिक्षाकेप्रतिअपनीअभिरुचिबढ़ाआजवेसरकारीमहकमोंमेंऊंचेओहदोंपरतैनातहैं।सबसेबड़ीविशेषतायहहैकिदेश,विदेशमेंकहींभीरहे,परंतुअपनेसमाज,बोली,भाषाऔरलोकजीवननहींछोड़तेहैं।

आपसीबातचीतकेलिएकरतेहैंरंबोलीकाप्रयोग

रंलोगोंकीबोली,भाषा,संस्कृतिकीअपनीअलगपहचानहै।सीमांतजिलेमेंइनकीजनसंख्यादसहजारकेआसपासहै।रंसमुदायकेलोगअपनोंकेबीचरंबोलीकेजरिएहीबातचीतकरतेहैं।संख्याकीदृष्टिसेकाफीकमहोनेकेबादअपनीभाषाऔरसंस्कृतिकोबचानेकाइनकाप्रयाससराहनीयरहाहै।रंबोलीएकभाषाकारूपलेसके,उसकीलिपितैयारहो,अस्सीकेदशकसेइसकेलिएतेजीसेप्रयासहुआ।इससमाजकेव्यापारीनंदरामनेतबरंलिपितैयारकरनेवालेकोएकलाखरुपयेइनामदेनेकीघोषणाकीथी।

मकरसिंहनेतैयारकिरंलिपि

इसघोषणापरगर्ब्‍यांगगांवकेमकरसिंहगर्ब्‍यालनेरंलिपितैयारकी।इसकेबादसमाजकेकईलोगआगेआनेलगे।अपनीबोली,भाषामेंहीबातहोनेलगी।वर्तमानमेंसोशलमीडियामेंभीरंसमाजकेलोगअपनीबोलीभाषाकाहीप्रयोगकरतेहैं।इसकेलिएवाट्सएपग्रुपबनायागयाहै,जिसेरंभाषामेंरंग्लौकहाजाताहै।वाट्सएपमेंहीचर्चापरिचर्चाहोतीहै।गोपालसिंहनेरंभाषाकेविकासकेलिएअपनीपुत्रीसंदेशारायपाकोइसकेलिएप्रेरितकिया,जोइसदिशामेंप्रयासरतहैं।आजइसीकापरिणामहैकिरंभाषाकाजिक्रखुदप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीनेकिया।वर्तमानमेंरंकल्याणसंस्थाकार्यरतहै,समुदायकेउत्थानसेलेकरअपनीसंस्कृतिसेरंलोगोंकोजोडऩेकाकार्यकररहीहै।

सीमाकेअवैतनिकप्रहरीहैंरंलोग

वर्ष1962मेंजबभारतचीनयुद्धहुआ,तबरंसमाजकेलोगोंनेभारतीयफौजोंकेलिएखुदसामग्रीढोईथी।तबधारचूलासेलिपूलेखतकपैदलमार्गबेहदखराबथा।धारचूलासेयहांपहुंचनेतकचारसेपांचदिनलगतेथे।रंलोगोंनेभारतीयफौजकेलिएअपनीपीठपरधारचूलासेगोला,बारूदढोयाथा।इसविषमपरिस्थितियोंमेंभीअपनेगांवनहींछोड़े,बल्किइन्हेंआबादरखजवानोंकेलिएखानाबनायाथा।यहांतककिजवानोंकेसाथमिलकरलडऩेकोतैयाररहतेथे।

दोसौसालपुरानेपहनावासंरक्षित

रंसमाजकेलोगोंकाविशेषआयोजनों,धार्मिकअनुष्ठानोंपर पहनावाअलगरहताहै।इससमाजमेंस्वागतनौमीटरमखमलीसफेदरंगकेकपड़ेकीपगड़ीपहनाकरहोताहै।इसेरंबोलीमेंरंगाव्यठलोकहतेहैं।वहींमहिलाओंकेपरिधानकोच्यूबालाकहतेहैं।पुरुषकोरंऔरमहिलाकोरमस्याकहतेहैं।आजभीगांवोंमेंदोसौसालपुरानेपरिधानमिलतेहैं।

इनगांवोंमेंरहतेहैंरंलोग

व्यासघाटी-बूंदी,गर्ब्‍यांग,गुंजी,नाबी,रोंगकोंग,नपलच्यु,कुटी।

दारमाघाटी-दर बौगलिंग,सेला,चल,बालिंग,नागलिंग,दुग्तू,दांतू,बौन,ढाकर,तिदांग,सीपू,सौन,गो,विदांग।

चौदासघाटी:पांगू,धारपांगू,छलमाछिलासो,सोसा,सिर्खा,रूंग,हिमखोला,सिमखोला,सिर्दांग। इसकेअलावानेपालकेछांगरु,टिंकरआदिगांवहैं।दारमाऔरव्यासघाटीकेग्रामीणसालमेंदोबारमाइग्रेशनकरतेहैं।शीतकालजौलजीवीसेधारचूलाऔरग्रीष्मसेमानसूनकालउच्चहिमालयीगांवोंमेंव्यतीतकरतेहैं।

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