पहले ओलावृष्टि, फिर बाढ़ और अब लॉकडाउन से किसान परेशान

खगड़िया।खेती-किसानीसंकटमेंहै।खगड़ियाकेकिसानहताश,निराशऔरपरेशानहैं।पिछलेवर्षसेहीखेती-किसानीपरआफतआतीरहीहै।पिछलेवर्षअप्रैलमाहमेंभयानकओलावृष्टिवआंधीसेसैकड़ोंएकड़मेंलगीफसलेंनष्टहोगई।जिसकामुआवजाकईकिसानोंकोनहींमिला।रहीसहीकसर2019कीबाढ़नेपूरीकरदी।इसबाढ़मेंबेलदौरप्रखंडकी12पंचायतेंप्रभावितहुईथी।यहांपांचहजारएकड़धानकीफसलबर्बादहोगईथी।41हजारहेक्टेयरमेंकीगईगेहूंकीखेती

जिलेकेकिसानओलावृष्टिऔरबाढ़कीविपदासेउबरइसबाररबीफसलमेंकुछबेहतरहोनेकेसाथखेतीकार्यकररहेथे।41हजारहेक्टेयरमेंगेहूंकीखेतीकीगई।जबकि50हजारहेक्टेयरमेंमक्काकीखेतीकीगईहै।गेहूंकीफसलकिसानतैयारकरघरलारहेहैं।मक्काकीफसलतैयारहोनेमेंदेरीहै।

लेकिनअबकोरोनाकेकारणलगालॉकडाउनकिसानोंकीपरेशानीकाकारणबनाहै।वर्तमानमेंगेहूंकीकटाईकार्यकासमयहै।किसानोंकोफसलकटनीऔरथ्रेसिगकेलिएनतोमजदूरमिलपारहेहैंऔरनाहीसंसाधन।जबकिकृषिकार्यकोलॉकडाउनसेमुक्तरखागयाहै।गेहूंतैयारकरनेमेंचबानेपड़रहेलोहेकेचने

बेलदौरप्रखंडकेमहिनाथनगरगांवकेकिसानपप्पूसिंहनेचारबीघामेंगेहूंकीखेतीकीथी।उन्होंनेकहाकिलॉकडाउनकेकारणमजदूरनहींमिलरहाहै।स्वजनोंकेसंगप्रतिदिनसुबह-शामखेतमेंजाकरगेहूंकीकटाईऔरतैयारीकररहेहैं।मजदूरनहींमिलनेसेबड़ीपरेशानीहै।यहांकेहीदिनेशमंडलनेबतायाकिमजदूरनहींमिलरहेहैं।मिलनेपरदोगुनामजदूरीमांगतेहैं।इससेलागतखर्चबढ़गयाहै।मकईकीसिचाईकोलेकरभीमजदूरनहींमिलरहेहैं।फसलसूखनेपरहै।कोट

खगड़ियाजिलेमें41हजारहेक्टेयरमेंगेहूंकीखेतीकीगईथी।80प्रतिशतगेहूंतैयारहोचुकाहै।50हजारहेक्टेयरमेंमक्काकीखेतकीगईहै।कृषिकार्यकोलॉकडाउनसेमुक्तरखागयाहै।बीतेवर्षकीबाढ़सेजोफसलक्षतिहुईथी,उसकोलेकरकिसानोंकोमुआवजादियाजारहाहै।जबकिओलावृष्टिसेहुईक्षतिकोलेकरपांचकरोड़रुपयेआयाथा,जोकिसानोंमेंबांटीगई।कुछकिसानोंकोराशिकेअभावमेंफसलक्षतिपूर्तिनहींमिलीहै।जिसकोलेकरलिखागयाहै।लॉकडाउनकेबादइसदिशामेंफिरप्रयासकियाजाएगा।

दिनकरप्रसादसिंह,जिलाकृषिपदाधिकारी,खगड़िया