पहले मदद मांग कर भी जन सेवा करते थे मुखिया

उपेंद्रकश्यप,दाउदनगर(औरंगाबाद):बिहारमेंग्रामपंचायतोंकाचुनाव1978केबादवर्ष2001मेंपंचायतचुनावहुआथा।जबतकचुनावनहींहुएतबतककरीब23वर्षतक1978मेंनिर्वाचितमुखियाहीपंचायतोंमेंमुखियारहे।तबऔरअबमेंकितनाअंतरआयाहै,यहजाननेकेलिएदैनिकजागरणनेवर्ष1978मेंदाउदनगरप्रखंडकेअरईपंचायतसेमुखियाबनेमहेंद्रशर्मासेबातचीतकी।उन्होंनेकहाकिजितनीप्रतिष्ठापहलेथीअबनहींहै।हमारेजमानेमेंइतनीयोजनाएंनहींथीं।उससमयकेमुखियामददमांग-मांगकरजनताकीसेवाकरतेथे।अबजनताकीसेवासेज्यादाकमाईकीभावनाआगईहै।हमारेजमानेकेमुखियापांवपैदलचलतेथे।आजकीमुखियाकीपहचानचमचमातेमहंगेचारपहियावाहनहैं।अबचुनावलड़नेमेंखर्चभीबढ़गयाहै।जीतहासिलकरनेकेलिएप्रत्याशीपानीकीतरहपैसेबहारहेहैं।अबपैसाकाफीहै,इसकारणवहप्रतिष्ठाभीनहींरही।मुखियाकापदअबपेशेवरहोगयाहै।व्यक्तिगतलाभपहलेउसकेबादसगेसंबंधीकोलाभदेनेकीकोशिशहोतीहै।पहलेसबकोलाभदेनेकीकोशिशजनप्रतिनिधियोंकीहोतीथी।

25वर्षकीउम्रमेंछोटेसेगांवमुसेपुरखैरानिवासीमहेंद्रशर्माउससमयइलाकेकेचर्चितऔरप्रतिष्ठितव्यक्तित्वथे।वेकहतेहैं,अभीस्थितियहहैकिचकाचौंधऔरग्लैमरदेखकरपीड़ाहोतीहै।चुनावजीतनेकेप्रयासमेंमुखियाप्रत्याशीपानीकीतरहपैसाबहातेहैं।जातीयगोलबंदीकरतेहैं।यहांतककिचुनावआयोगद्वारातयपैसेमेंआजकेप्रत्याशीनामांकनभीनहींकरपातेहैं।शक्तिऔरअधिकारपरबोलेपूर्वमुखिया

पूर्वमुखियामहेंद्रशर्मानेबतायाकिमुखियाकेलिएतयशक्तिवअधिकारकरीब-करीबयथावतहै।जैसेपंचायतसमितिद्वाराविकासकार्यकाप्रस्तावभेजतेथेऔरडीडीसीसेस्वीकृतहोकरकार्यान्वितहोताथा।यहआजभीहै।मुखियाकीप्रतिष्ठागिरनेकेकारणकईसमस्याएंआईहैं।पहलेडीलरकास्टाकचेककरनाऔरअनाजवितरणकरानेकीजिम्मेदारीमुखियाकीहीहोतीथी।डीलरशिपकापूराअधिकारमुखियाकेपासहोताथा।इसकेबादहीवितरणकेलिएचार्टलगताथा।पंचायतसेवककावेतनमुखियाकीअनुशंसाकेबादहीजारीहोताथा।पंचायतसमितिसेयोजनाएंपारितहोतीथीं।जैसेअहरा,पोखरा,तालाब,चापाकल,नली,गली,सड़कनिर्माणयामरम्मतकाप्रस्तावडीडीसीस्वीकृतकरतेथे।बीडीओकेसंचालनमेंनिर्माणकार्यठीकेदारकरतेथे।उससमयकेतेजतर्रारमुखियाभीठीकालेकरकामकरतेथेऔरकमातेथे।कमीशनकानंगाखेलनहींथा।