पहले अशोक वाटिका उजाड़ी, फिर फूंकी लंका

जागरणसंवाददाता,रुड़की:श्रीरामलीलासमितिबीटीगंजकीओरसेआयोजितरामलीलामेंआठवेंदिनलंकादहनलीलाकामंचनकियागया।इसदृश्यनेदर्शकोंकोरोमांचसेभरदिया।साथहीजयश्रीरामऔरजयहनुमानकेउद्घोषोंसेमंचनस्थलगूंजउठा।

बीटीगंजमेंआयोजितरामलीलामेंभगवानश्रीरामकेशबरीकेजूठेबेरखानेकेदृश्यसेरामलीलाकाशुरूआतहोतीहै।इसकेबादश्रीरामउसवनकोभीछोड़आगेबढ़जातेहैं।अगलेदृश्यमेंजबश्रीरामऔरलक्ष्मणपर्वतकेपाससेगुजरतेहैंतोउनपरसुग्रीवकीनजरपड़तीहै।सुग्रीवअपनेभाईसेछिपकरपर्वतपररहरहेहोतेहैं।वेहनुमानसेकहतेहैंकिजाकरपतालगाओकिवेकौनहैं।यहसुनकरहनुमानब्राह्मणकारूपधारणकरश्रीरामकेपासपहुंचतेहैंऔरपूछतेहैंकिहेवीर,आपकौनहैं।श्रीरामबतातेहैंकिवेअयोध्याकेराजादशरथकेपुत्रराम-लक्ष्मणहैं।भगवानरामकोपहचानकरहनुमानउनकेचरणोंमेंगिरजातेहैं।इसकेबादहनुमानश्रीरामवलक्ष्मणकोअपनेकंधोंपरबिठाकरपर्वतपरलेजातेहैं।वहांपरश्रीरामकीमुलाकातसुग्रीवसेहोतीहै।सुग्रीवसारीबातसुनतेहैंऔरआश्वस्तकरतेहैंकिमातासीताअवश्यमिलजाएगी।वेमातासीताकेसंबंधमेंमहत्वपूर्णजानकारीदेतेहैंऔरफिरसुग्रीवनेअपनेभाईबालीकीसारीकहानीबतातेहैं।श्रीरामउनकीसहायताकरनेकाआश्वासनदेतेहैं।सुग्रीवबालीकोयुद्धकेलिएललकारतेहैं।बालीसुग्रीवकोपीट-पीटकरघायलकरदेताहैलेकिनपहचाननहींपानेकेकारणश्रीरामउसेमारनेसेचूकजातेहैं।दूसरीबारसुग्रीवकेगलेमेंश्रीराममालापहनादेतेहैंताकिउसकीपहचानहोसके।मौकापाकरवेबालीकोतीरमारतेहैंऔरवहघायलहोकरगिरपड़ता।काफीसंवादकेबादबालीबेटेअंगदकोश्रीरामकोसौंपदेताहै।इसकेबादपूरीवानरसेनामातासीताकोढूंढनेकीतैयारीकरनेलगतीहै।मातासीताकीखोजकरते-करतेहनुमानअशोकवाटिकापहुंचतेहैंऔरमातासीताकोअपनीपहचानबतातेहैं।इसकेबादहनुमानपहलेअशोकवाटिकाकोउजाड़देतेहैंतोबादमेंअपनीपूंछपरआगलगाकरलंकाकोजलादेतेहैं।इसअवसरपरसुनीलशर्मा,विकासगुप्ता,अमितअग्रवाल,मनोजअग्रवाल,अर्जुनसिघल,नितिनत्यागी,शक्तिराणा,संजीवराय,मनोजकुमार,धीराजसैनी,चंद्रप्रकाशबाटा,आशीषअग्रवाल,प्रदीपनेगी,नवीनजैन,प्रबंधकराकेशगर्ग,प्रदीपपरुथी,देशबंधुगुप्ताआदिउपस्थितरहे।

सीताहरणकेदृश्यनेकियाभावुक

रुड़की:श्रीरामलीलासेवासमितिडाडाजलालपुरकीओरसेआयोजितरामलीलामेंसीताहरणलीलाकेदृश्यनेदर्शकोंकोभावुककरदिया।वहींइसकेबादमातासीताकीखोजलीलाकामंचनभीकियागया।इसमौकेपरयोगेंद्रसैनी,अभिमन्युसैनी,विनोदकुमार,ओमप्रकाश,सूर्यकांत,आशीषशर्मा,प्रकाशचंद,प्रवीन,राजकिशोर,दीपक,हरिराम,रामकुमार,डॉ.नाथीरामआदिउपस्थितरहे।