पगडंडी के सहारे पूरा हो रहा जीवन का सफर

शिवहर।सुनीलकुमार:सूबेसेलेकरइसजिलेतकविकासकेढोलपीटेजारहेहैं।वहींजिलामुख्यालयसेतीनकिलोमीटरकीदूरीपरजाफरपुरगांवविकासकेदावेकरनेवालोंकोमुंहचिढ़ारहाहै।जहांसड़क,शिक्षा,पेयजलजैसीजरूरीसुविधाओंकाघोरअभावबनाहुआहै।यहांकेलोगअपनेजीवनकासफरपगडंडीकेसहारेपूराकरनेकोविवशहैं।वैसेमेंकोईबीमारपड़जाएतोउसकाजीवनभगवानभरोसेहै।इसगांवकेबच्चोंकोशिक्षाकेलिएदूरकेगांवोंमेंस्थितस्कूलमेंजानापड़ताहै।जिसकेकारणअधिकांशलोगअशिक्षितहैं।वहींअधिकांशकी¨जदगीझोपड़ीमेंकटरहीहै।-सातसौलोगोंकीयहांआबादी

बतादेंकिखैरवादर्पपंचायतकेवार्ड5स्थितजाफरपुरटोलागांवकीआबादीकरीबसातसौहै।लोगयहांरहतेतोजरूरहैं।लेकिन,उन्हेंघरतकजानेकोलेकरएकअददसड़कनसीबनहींहै।आजभीपगडंडीइनकीजीवनरेखाबनीहुईहै।बरसातकेदिनोंमेंयहगांवटापूबनकररहजाताहै।तबयहांकेलोगोंकाजीवननारकीयहोजाताहै।वैसेसमयमेंकोईबीमारहोजाएतोउसकाभगवानहींमालिकहै।जोसरकारकेहरघरतकसड़ककादावाववादाकापोलखोलतानजरआताहै।

-एकचापाकलकेभरोसेपेयजलव्यवस्था

ग्रामीणसचिन्द्रगिरि,राजीवगिरि,उदयगिरिबतातेहैंकिइसपूरेगांवमेंशुद्धपेयजलकेनामपरएकचापाकलकीव्यवस्थाहै।जिसकेसहारेसातसौआबादीपानीपीतेहैं।वहींशिक्षाव्यवस्थानदरारदहै।यहांतककीइसगांवमेंआंगनबाड़ीकेंद्रतकनहींहै।जिसकेकारणबच्चोंकोएककिलोमीटरदूरबवालीचौकस्थितस्कूलमेंहींबच्चोंकोजानापड़ताहै।जिसकेकारणछोटेबच्चेशिक्षासेवंचितरहजातेहैं।आजभीयहांके90फीसदलोगअशिक्षितहै।प्रशासनिकपदाधिकारियोंसेकईबारशिकायतकरनेपरसमस्याकासमाधाननहींहोरहाहै।कुछलोगकेनिजीजमीनसड़कनिर्माणमेंबाधकबनीहुईहै।कुछदूरनिर्माणशुरूकियागयाहै।लेकिनमामलेमेंउत्पन्नसमस्याकाशीघ्रनिदानकरसड़कनिर्माणकरायाजाएगा।जिसकेसाथहींविकासकेअन्यमार्गप्रशस्तहोंगे।

मुखिया,खैरवादर्प