पेट्रोल डीजल से लेकर खाद्य वस्तुएं आम जनता की पहुंच से बाहर

बगहा।पेट्रोलडीजलकीकीमतेंलगातारबढ़नेसेउपभोक्तावस्तुओंपरअसरसाफदिखनेलगाहै।सड़कमार्गसेवाहनोंद्वाराजरूरीसामानकीसप्लाईमहंगीहोनेसेरोजमर्राकीवस्तुओंकेदामभीबढ़नेलगेहैं।होलसेलऔरलोकलबाजारमेंजरूरतसब्जियोंकेदामकाअंतर10-20रुपएप्रतिकिलोदेखाजारहाहै।डीजलपेट्रोलकेसाथसाथहरचीजकेदामबढ़ेहुएहैं,चाहेफिरसब्जीकीबातकरेंयाफिरकिरानासामानकीबातयाफिरदैनिकदिनचर्यामेंइस्तेमालहोनेवालेअन्यसामानोंकीबातकरें।जिसतरहकीमहंगाईबढ़ीहै,उससेगृहिणियोंकोअबघरचलानामुश्किलहोरहाहै।

मईसेलेकरअबतककरीबदोदर्जनबारपेट्रोल-डीजलकीकीमतेंबढ़ाईगईहैं।जिससेखाद्यवस्तुएंजनताकीपहुंचसेबाहरहोगईहैं।शुक्रवारकीबातकरेंतोहरनाटांड़मेंपेट्रोलपंपपरडीजल96.72रुपयेवपेट्रोल103.55रुपयेप्रतिलीटरअंकितकिएगएहैं।ऐसेमेंबढ़तीकीमतोंनेरोजमर्राकेव्यवसायकाकाफीबुराप्रभावडालाहै।सवारीवाहनोंकाभाड़ाभीदोसेतीनगुनाअधिकबढ़गयाहै।जिससेनिचलेतबकेकेसाथसाथमध्यमवर्गीयपरिवारभीपरेशानहैं।दालवतेलकेसाथहरिसब्जियोंकीकीमतोंमेंभारीउछाल:पिछलेसालकोरोनाकीशुरुआतकेसाथदालकीकीमतमेंबढ़ोत्तरीकादौरप्रारंभहुआथा।लेकिन,अगस्तकेबादकीमततेजीसेबढ़ीहै।दालकेअलावाइसबारसरसोंतेलवरिफाइनकीकीमतभीदिन-प्रतिदिनबढ़तीजारहीहै।महंगाईकीमारसेगृहिणियोंकेरसोईकाजायकाबिगड़गयाहै।खुदराबाजारमेंतेल,दालवहरीसब्जियोंकीकीमतोंपरएकनजर..ताजाआंकड़ोंकेमुताबिकहरनाटांड़बाजारमेंखाद्यसामग्रीवहरिसब्जियोंपरएकनजर...अरहरदाल105से110रुपएप्रतिकिलोउड़ददाल110से115रुपयेप्रतिकिलो

मसूरदाल75से80रुपएप्रतिकिलोमूंगदाल100से110रुपएप्रतिकिलो

सरसोंतेल160से170रुपयेप्रतिलीटरखुदरातेल200रुपयेप्रतिकिलो

रिफाइन120से160रुपयेप्रतिलीटरपरवल-40रुपयेप्रतिकिलो

कटहल-30रुपयेप्रतिकिलोकरेला-40रुपयेप्रतिकिलो

घेवड़ा-40रुपयेप्रतिकिलोबैगन-40रुपयेप्रतिकिलो

भिडी-40रुपयेप्रतिकिलोटमाटर-60रुपयेप्रतिकिलो

हरिमिर्च-100रुपयेप्रतिकिलोअरुई-40रुपयेप्रतिकिलो

खुरदून-40रुपयेप्रतिकिलोनींबू-5रुपयेप्रतिपीसकहतेहैंव्यवसायी...महंगाईबढ़नेकाप्रमुखअसरडीजलपेट्रोलकीबढ़तीकीमतहै।पेट्रोलियमपदार्थोंमेंवृद्धिकाअसरवाहनोंकेभाड़ेमेंभीदेखाजारहाहै।जोसमानपहले100रुपयेकेभाड़ेमेंआतेथे।अबउसकेलिएडेढ़सेदोसौरुपयेवसूलेजारहेहैं।जिसकीवजहसेखाद्यपदार्थोंकेभीदामबढ़ेहैं।

राजेशगुप्ता,किरानाव्यवसायीहरनाटांड़हमारेक्षेत्रमेंसब्जीकीखेतीनहींहोती।हरीसब्जियोंकीखेपबाहरसेआतीहै।जोवाहनोंकेद्वाराहीमंगायाजाताहै।पेट्रोलडीजलकीबढ़तीकीमतकाअसरहरीसब्जियोंपरभीपड़ाहै।ऐसेमेंमहंगीखरीदीगईसब्जीकोउसीभावमेंबिक्रीकीविवशताहै।

बच्चनदेवखतईत,सब्जीव्यवसायीहरनाटांड़कहतीहैंगृहिणियां...महंगाईसेरसोईकाबजटगड़बड़ागयाहै।सब्जीकेसाथसाथतेल,दालऔररसोईगैसकेदामआसमानछूरहेहैं।खाद्यपदार्थोंकीबढ़तीकीमतोंपरनियंत्रणबहुतजरूरीहै।नहींतोदामयेआमआदमीकीपहुंचसेदूरहोजाएंगे।-साधनाजायसवाल,गृहिणीहरनाटांड़तेल,दालवसब्जीकीकीमतमेंआगलगगईहै।हरमाहयेबढ़तेहीजारहेहैं।कहींनाकहींपेट्रोलियमपदार्थोंकीबढ़तीकीमतसेइसपरभीप्रभावपड़ाहै।येमहंगाईहमगृहिणियोंसेलेकरगरीबवमध्यमवर्गीयपरिवारोंकेसामनेमुश्किलेंपैदाकररहीहैं।सरकारकोइसपरभीध्यानदेनेकीआवश्यकताहै।

-रीनामिश्रा,गृहिणीहरनाटांड़एकतरफकोरोनानेलोगोंकाजीनामुहालकियाहै,तोदूसरीओरबढ़तीमहंगाईरसोईसंभालनेमेंदिक्कतपैदाकररहीहै।आजहरवस्तुओंकेदामआसमानछूटेनजरआरहेहैं।बीतेसालकीअपेक्षाइसबारखाद्यपदार्थोंकीकीमतमेंदोगुनीबढ़ोतरीहुईहै।इसपरअंकुशलगानेकीआवश्यकताहै।तभीसभीतबकाइसकासमुचितलाभलेपाएगा।-हेमादेवी,गृहिणीहरनाटांड़खाद्यतेलकेसाथदाल,रसोईगैसऔरहरीसब्जियांभीकाफीमहंगीहोतीजारहीहैं।कोरोनाकालकेसाथहरचीजकेदामलगातारबढ़तेजारहेहैं।इससेरसोईकाबजटगड़बड़होनेलगाहै।सरकारकोमहंगाईकाबूकरनेकेलिएठोसप्रयासकरनेचाहिए।

-रंजनादेवी,गृहिणीबैरियाखुर्द