पढ़ने की चाहत रखने वाले बच्चों को मयूरेश पहुंचाते हैं विद्यालय

पूर्णिया।मयूरेशगौरवआएदिनशहरमेंऐसेगरीबबच्चोंकोढूंढताहैजिसकेमनमेंशिक्षाहासिलकरनेकीललकहोनेकेबावजूदअपनेमाता-पिताकीआर्थिकतंगीकेकारणशिक्षाहासिलकरनेसेवंचितरहजारहेहैं।

मयूरेशगौरवनकेवलवैसेबच्चोंकीपढ़ाई-लिखाईमेंमददकरताहैबल्किगुणवत्तापूर्णशिक्षादेनेकेलिएबकायदाशैक्षिकसंस्थानमेंनिश्शुल्कदाखिलादिलातेहैं।वैसेबच्चोंकादाखिलामयूरेशशिक्षणसंस्थानरानीपतरामेंकरातेहैं।

बतातेचलेंकिउक्तशिक्षणसंस्थानकासंचालनअर्चनादेवकेद्वाराकियाजाताहै।इसबाबतचाइल्डलाइनमेंकार्यरतमयूरेशगौरवकाकहनाहैकिसमाजमेंबहुतऐसेबच्चेहैंजोपढ़नाचाहतेहैं।परंतुअपनीमजबूरियोंकेकारणपढ़नहींपातेहैं।जबकिहरेकबच्चेकाअधिकारहैकिउसेशिक्षामिले।गरीबबच्चोंकेमाता-पिताकीहालतऐसीनहींहैकिवहअपनेबच्चोंकोठीकसेपढ़ासके।ऐसेपरिवारोंकोबच्चोंकीपढ़ाईमेंमददकरनाहमसबकाफर्जहै।गरीबपरिवारकेबच्चोंकोपढ़ाकरउनकोकिसीकाबिलबनानासहीमायनेमेंदेशसेवाहीहै।यहीबच्चेदेशकाभविष्यहैं।पढ़-लिखकरदेशहितकेलिएकुछकामकरेंगे।अगरपढ़नहींपाएतोफिरइससेहमाराशिक्षितसमाजनहींबनेगा।मयूरेशबराबरअपनासमयनिशुल्कशिक्षणसंस्थानमेंबच्चोंकेबीचबितातेहैं।अर्चनादेवकेसाथबच्चोंकोपढ़ाईकेनए-नएतरीकेभीबतातेहैं।दरअसलमयूरेशइनसभीबच्चोंकेसाथएकदोस्तकीतरहरहतेहैं।यहीवजहहैकियहांकेबच्चेसभीविषयोंकेसाथफर्राटेदारअंग्रेजीबोलनेमेंसमर्थवानहोजातेहैं।इसबाबतराष्ट्रपतिपुरस्कारसेसम्मानितसेवानिवृत्तशिक्षिकाअर्चनादेवबतातीहैकिगरीबबच्चोंकीभलाईकेलिएकुछकरनेकेबादउन्हेंकाफीखुशीमिलतीहै।अपनेपासपढ़नेवालेबच्चोंकोवेसरकारीस्कूलभीभेजतीहै।जिलास्तरीयप्रतियोगिताओंमेंऐसेबच्चेअपनीप्रतिभाकालोहामनवाचुकेहैं।वेसरकारीस्कूलोंकीसमयसीमाकेअनुसारअपनीकक्षाओंकासमयभीबदलदेतीहैताकिबच्चोंकोस्कूलजानेमेंपरेशानीनहींहो।

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