पानी पर विचार-मंथन

उम्मीदभरेनजरिएकेसाथइंडियाटुडेवॉटरराउंडटेबलकीशुरुआतकरतेहुएसुनीतानारायणनेकहा,''पानीदुनियाकीऐसीनियामतहैजिसेफिरभराजासकताहै.''सेंटरफॉरसाइंसऐंडएनवायरनमेंटकीडायरेक्टरजनरलनेयहभीकहा,''जरूरीनहींकिभारतपानीकीकमीयाजलयुद्धकासामनाकरेगाही.''इंडियाटुडेकेग्रुपएडिटोरियलडायरेक्टरराजचेंगप्पाकेसंचालनमेंआयोजितइसवर्चुअलसत्रमेंनारायणसरीखेऐसेविशेषज्ञशामिलथेजोजलसंरक्षणकेक्षेत्रमेंकामकररहेहैं.सत्रकाआयोजन22मार्चकोकियागया,जिसदिनविश्वजलदिवसमनायाजाताहै.इसमेंऐसेनवाचारोंऔरटेक्नोलॉजीपरआधारितसमाधानोंकीपड़तालकीगईजिनकाइस्तेमालभारतकेजलसंकटसेनिपटनेमेंकियाजासकताहै.

देशमेंआनेवालीबारिशकीहरेकबूंदकोइकट्ठाकरना,जमाकरकेरखनाऔरइस्तेमालकरनाऐसीजरूरतहैजिसपरसत्रकाहरेकवक्ताआमरायसेसहमतथा.नारायणनेकहा,''भारतकीहरेकछतपरपानीइकट्ठाकरनेकीजगहहोनीचाहिए.हरेकनालेकीपूजाकीजानीचाहिएऔरहरेकपोखरऔरतालाबकोमंदिरबनानाचाहिए.''

वॉश(वाटर,सैनिटाइजेशनऐंडहाइजीन)इंस्टीट्यूटकेप्रोग्रामडायरेक्टरअरुमुगमकलिमुथुकेमुताबिक,भूमिगतजलकागिरतास्तरबेहदचिंताकीबातहै.उन्होंनेकहा,''जलसंसाधनमंत्रालयकेअनुसार,1955मेंभारतमेंप्रतिवर्षप्रतिव्यक्ति52लाखलीटरमीठापानीमौजूदथा.साल2000तकयहघटकर22लाखलीटरपरआगयाथा.''नतीजायहहुआहैकिदेशकोअपनीजरूरतोंकेलिएभूमिगतजलकामुंहताकनापड़ा,लेकिनफ्लूरॉइडऔरआर्सेनिककीमौजूदगीकीवजहसेभूमिगतपानीखतरनाकभीहै.''कलिमुथुनेयहभीकहाकिबीते10सालोंमेंबारिशमेंबहुतज्यादाबदलावनहींआयाहै.लिहाजा,भारतकीपानीकीतकलीफोंकाउपायबारिशकेपानीकेसंग्रहऔरसंरक्षणमेंहीहै.

नारायणकेमुताबिक,बड़ीचुनौतीशहरीभारतसेनिकलकरआरहीहैक्योंकिशहरसाफपानीकाइस्तेमालकरतेहैंऔरगंदापानीछोड़देतेहैं.यहीनहीं,भारतजैसे-जैसेऔरज्यादाऔद्योगिकीकृतहोताजाएगा,इसक्षेत्रकेलिएऔरभीज्यादापानीकीजरूरतहोगी.इससेनिपटनेकेलिएनारायणशहरीक्षेत्रोंमेंपानीकीआपूर्तिऔरखासकरशहरोंसेनिकलनेवालेगंदेऔरअपशिष्टपानीकेशोधनकेतौर-तरीकोंमेंबदलावलानेकीवकालतकरतीहैं.वेकहतीहैं,''हालांकिमुझेयहदेखकरखुशीहोतीहैकिबीतेकईसालोंमेंकेंद्रऔरराज्यदोनोंस्तरोंकीसरकारेंजलप्रबंधनकीहमारीरणनीतिमेंबदलावलानेकीजरूरतकोपहचाननेलगीहैं.''

बेनकैपिटलइंडियाकेमैनेजिंगडायरेक्टरऔरचेयरमैनअमितचंद्रामानतेहैंकिपानीकीजरूरतोंपरदेशकानजरिया'कॉमनसेंस'परआधारितहोनाचाहिए.वेकहतेहैं,''भारतमेंदुनियाका4फीसदमीठापानीऔरदुनियाकी16फीसदआबादीहै.ऐसेआंकड़ोंकोदेखतेहुएपानीकाइस्तेमालसमझदारीसेकरनाहोगा.''वेयहभीकहतेहैंकिकिसानोंकोकमपानीनिगलनेवालीफसलोंकालाभकारीमूल्यदेनाबेहदजरूरीहै.

जैसाकिनारायणनेजिक्रकियाथा,केंद्रऔरराज्यजलसंरक्षणकीऔरज्यादाकोशिशेंकरतेरहेहैं.जलशक्तिमंत्रालयमेंएडिशनलसेक्रेटरीऔरजलजीवनमिशन(जेजेएम)केमिशनडायरेक्टरभरतलालकेमुताबिक,केंद्रसरकारकाध्वजवाहककार्यक्रमबीतेवक्तकेजलआपूर्तिकार्यक्रमोंसेअलहदाहै.सत्रमेंलालनेकहा,''जेजेएमकाफोकसनलसेजलकीआपूर्तिकोसरलऔरकारगरबनानाहै,ताकिपानीकीपर्याप्त,साफऔरनियमितआपूर्तिकीजासके.''वेयहभीकहतेहैं,''इसकार्यक्रमकेकेंद्रमेंलोगहैं,चाहेवहयोजनाबनाने,जमीनपरउतारनेयानिगरानीकरनेकेचरणहों.टेक्नोलॉजीकाइस्तेमालइसकार्यक्रमकीएकऔरखासियतहै.''लालकेमुताबिक,जबयहकार्यक्रमलॉन्चकियागयाथा,19.19करोड़मेंसे3.23करोड़ग्रामीणघरोंमेंनलकेपानीकेकनेक्शनथे.

15महीनोंकेभीतरजेजेएमनेयहपक्काकियाकि3.9करोड़अतिरिक्तघरोंमेंनलकापानीमिले.इनकनेक्शनोंकेलिएजोपानीदियाजारहाहै,वहशोधितऔरधूसरापानीहैताकिमीठेपानीकेस्रोतोंपरदबावकमपड़े. आगाखानरूरलसपोर्टप्रोग्राम(इंडिया)केसीईओअपूर्वअजयओझानेजेजेएमसरीखेकार्यक्रमकीसफलताकेचारकारणगिनाए.उन्होंनेकहा,''फैसलेलेनेमेंविकेंद्रीकरणसेसमुदायोंकेजिम्मेदारीलेने,पेशेवरोंकेसाथपरस्परसम्मानजनकभागीदारीकायमकरनेऔरइसेगलतीसेजिम्मेदारियोंकेएकहिस्सेकाठेकानहींसमझलेनेमेंमददमिलतीहै.निगरानीकेलिएटेक्नोलॉजीऔरविशेषप्रयोजनसंस्थाबनानाऔरउसकास्तरबढ़ानाकामयाबीकीकुंजीहैं.''

जलसंरक्षणकेलिएऔजारकेतौरपरटेक्नोलॉजीकेइस्तेमालपरटाटावॉटरमिशनकेप्रमुखदिव्यांगवाघेलानेभीजोरदिया.उन्होंनेकहाकियहखुदअपनेखपतकेपैटर्नकोसमझनेऔरउसकीयोजनाबनानेमेंसमुदायोंकीमददकरताहै.उन्होंनेयहभीकहाकिकिसानोंकेलिएकमलागतकीनई-नवेलीटेक्नोलॉजीअपनानेपरभीजोरदेनेकीजरूरतहै.उन्होंनेकहा,''जबतकडेटानहो,पानीकीबर्बादीकेमुद्देकोहलनहींकियाजासकता.''