पानी की पीड़ा से उड़ी मोहम्मदपुर की नींद

जागरणसंवाददाता,फीरोजाबाद:शहरमेंपानीकीसमस्याकोलेकरनगरनिगमलापरवाहबनाहुआहै।इंतजामध्वस्तहैं।कईमुहल्लोंमेंखराबपड़ीसबमर्सिबलकोनहींसुधाराजारहाहैतोजोसबमर्सिबलचलभीरहीहैंवोहांफरहीहैं।यहीहालातहैंमोहम्मदपुरमुहल्लेमें।जहांपरनिगमकीसबमर्सिबलपांचसेदसमिनटतकपानीदेनेकेबादहीहांफजातीहै।दिनरातपानीभरनेकेलिएलोगोंकीभीड़लगीरहतीहै।मजबूरीमेंलोगोंकोरातमेंभीजागनापड़ताहै।कईबारलोगोंनेनिगमप्रशासनकोअवगतकराया,लेकिनअभीतकसुनवाईनहींहोसकीहै।

जलजागरणअभियानकेतहतशनिवारकोजागरणटीमनेसरकूलररोडस्थितमुहोम्मदपुरमेंदस्तकदी।क्षेत्रमेंएकसबमर्सिबलखराबपड़ीथी।दूसरीसबमर्सिबलपरमहिलाएं,पुरुषखालीबर्तनलेकरखड़ेथे।सबमर्सिबलकाहालयहथाकिकुछमिनटचलनेकेबादबंदहोजारहीथी।ऐसेमेंकुछदेरइंतजारकरनेकेबादलोगफिरसेशुरूकरतेतोकुछबर्तनभरते,फिरसेबंदहोजाती।यहांकीयहकहानीरोजकीहै।लोगोंकाकहनाहैकिदोबर्तनभरनेकेलिएघंटोंलाइनमेंखड़ाहोनापड़ताहै।एकनलकूपखराबपड़ाहै।दूसरीसबमर्सिबलखारापानीदेतीहैवोभीकुछदिनोंसेखराबपड़ीहै।कईबारनिगममेंशिकायतदर्जकराई,लेकिनअभीतकअफसरोंकेकानपरजूंतकनहींरेंगी।पांचहजारसेअधिकआबादीपरएकसबमर्सिबलहै।वहभीपांचसेदसमिनटतकचलकरअपनेआपबंदहोजातीहै।कुछसमयबादफिरचलाओतोपानीआताहैफिरबंद।घरकेकाम-काजछोड़करपूरेदिनलाइनमेंलगनापड़ताहै।रातकेसमयभीयहीहालातरहतेहैं।जबबिजलीनहींआतीहैतोसमस्याऔरविकरालहोजातीहै।टैंकरभीकभी-कभीआतेहैं।----

'जबदिनमेंपानीनहींभरपातेहैंतोरातमेंजागकरपानीभरनापड़ताहै।फिरभीपर्याप्तमात्रामेंपानीनहींमिलपाताहै।चौकीगेटसेपानीलानापड़ताहै।'

'गर्मीकेदिनोंमेंबार-बारपानीकीआवश्यतापड़तीहै,लेकिनकभी-कभीघरमेंपानीनहींमिलपाता।बाजारसेबोतलखरीदकरलानीपड़तीहै।'

'पाइपलाइनसेपानीनहींआता।सबमर्सिबलपर्याप्तमात्रामेंपानीनहींदेपारही।कभी-कभीदोदिनतकनहानाधोनानहींहोपाताहै।'

'घरकेबुजुर्ग,बच्चे,महिलाओंसहितसभीसदस्यपानीभरनेमेंजुटेरहतेहैं।सबमर्सिबलठीकनहींहोरही।कईबारपुरुषनगरनिगमगए,लेकिनअभीतकसुनवाईनहींहुई।'

मालतीदेवीफोटो-6