पानी के लिए गुहार, हर बार बेअसर फरियाद

जागरणसंवाददाता,फीरोजाबाद:दतौंजीनईआबादीक्षेत्रकेलोगोंकोपानीकीकिल्लतसेजूझनापड़रहाहै।बूंद-बूंदपानीकोतरसरहेआमजनसेलेकरपार्षदतककईबारअफसरोंकोहकीकतसेरुबरूकराचुकेहैं,लेकिनहरबारउनकीयहफरियादबेअसररही।कईसालगुजरनेकेबादभीपेयजलपाइपलाइननहींबिछसकीहै।मजबूरीमेंलोगपैसादेकरप्राइवेटसबमर्सिबलसेपानीखरीदकरघरकाकामकाजनिपटातेहैं।उनकादर्दहैकिनिगमप्रशासनसुविधाओंकेनामपरठेंगादिखारहाहै।

जलजागरणअभियानकेतहतरविवारकोजागरणटीमनेवार्ड45केदतौंजीनईआबादीक्षेत्रमेंदस्तकदी,तोआमजनकादर्दउभरआया।उनकाकहनाथाकिनिगमप्रशासनकेतमामदावेखोखलेसाबितहोरहेहैं।कईसालपहलेनिगममेंक्षेत्रकोशामिलकियाथा।तबउम्मीदथीकिपानी,सड़कजैसीसुविधाएंबेहतरहोजाएंगी,लेकिनअभीतकअफसरोंकीइनायतनहींहोसकी।बूंद-बूंदपानीकोतरसरहेहैं।पानीकीतलाशमेंसुबहजल्दीउठनापड़ताहै।खालीबर्तनलेकरअधर-उधरदौड़लगानीपड़तीहै।तबकहींजाकरशामतककाइंतजामहोपाताहै।

घरमेंरिश्तेदारभीनहींबुलातेहैंलोग:

अगरघरमेंकोईरिश्तेदारआजाएतोयहसमस्याऔरबढ़जातीहै।अपनेलिएतोमुश्किलहोताहै,उनकेलिएअतिरिक्तपानीकाखर्चाबढ़जाताहै।ऐसेमेंलोगरिश्तेदारोंकोबुलानेसेभीबचतेहैं।लोगोंकाकहनाहैकिपानीकेअभावमेंएक-दोदिनतकनहानानहींहोपाता।हमतोजैसे-तैसेगुजर-बसरकरलेतेहैं,लेकिनरिश्तेदारोंकेलिएतोकहींनकहींसेव्यवस्थाकरनीहीपड़तीहै।इधरनिगमकेटैंकरभीनहींआते।पार्षदराकेशकुमारकाकहनाहैकिइससंबंधमेंकईबारमेयर,नगरआयुक्तऔरअपरनगरआयुक्तकोअवगतकराया,लेकिनअभीतककुछनहींहोसका।'गर्मीकेमौसममेंपानीकीसमस्याऔरबढ़गईहै।सुबहसेशामतकपानीकाइंतजामकरनेमेंलगेरहतेहैं।यहांकेलोगोंकीनगरनिगममेंकोईसुनवाईनहींहोती।'

-बाबूखां'बूंद-बूंदपानीकोतरसरहेहैं।परिवारकेसदस्योंद्वारासोच-समझकरपानीकाउपयोगकियाजाताहै।इसमेंघरकीमहिलाएंभीसहयोगकरतीहैं।'

'प्राइवेटसबमर्सिबलमालिकभीमनमानीकरतेहैं।मनहोतोपानीभरवादेतेहैं,अन्यथानहीं?ऐसेमेंदूर-दराजकेइलाकोंमेंपानीकेलिएभटकनाआमबातहै।'

'कईबारनगरनिगमकीदौड़लगाई।साहबकोशिकायतीपत्रदिए।लेकिनअभीतकसुनवाईनहींहुई।हररोजपानीकेलिएहाय-तौबामचीरहतीहै।'