पांच हजार की आबादी पानी को तरसी

जागरणसंवाददाता,बागेश्वर:आधानगरपानीकेबूंद-बूंदकोतरसरहाहै।टैंकरआतेहीलोगपानीकेलिएटूटरहेहैंऔरजलसंस्थानपानीकीआपूíतकरनेमेंपूरीतरहविफलहोगयाहै।जिससेलोगोंमेंभारीआक्रोशहै।

नगरकेलोगोंकीप्यासबुझानाजलसंस्थानकेलिएचुनौतीबनीहुईहै।पिछलेएकपखवाड़ेसेलोगपानीकेलिएतरसगएहैं।नदीगांव,तहसीलमार्गमेंरहनेवालेलोगपरेशानहोगएहैं।दोदिनपूर्वविभागनेवैकल्पिकव्यवस्थाकरनगरकोपानीपिलानेकाप्रयासकिया,लेकिनव्यवस्थाफिरचरमरागईहै।प्राकृतिकस्त्रोतोंतथाहैंडपंपकेपानीसेलोगप्यासबुझानेकोमजबूरहैं।द्वारिकाछीनाकीपहाड़ीलोनिविऔरजलसंस्थानकेलिएपरेशानीकासबबबनीहुईहै।लोनिविमार्गखोलनेकेलिएकईबारप्रयासकरचुकीहै,लेकिनपहाड़ीलगातारदरकरहीहै।इसीपहाड़ीमेंजलसंस्थानकीयोजनाकेपाइपजमीदोजहोगएहैं।विभागनेतीनबारअस्थाईव्यवस्थाकेलिएप्लास्टिककेपाइपसेयोजनाकोजोड़दियाहै,लेकिनभूस्खलनकेकारणयोजनाकालाभलोगोंकोनहींमिलरहाहै।

पांचहजारजनतापरेशान

पानीकीआपूर्तिबहालनहींहोनेसेपांचहजारसेअधिकउपभोक्तापरेशानहोगएहैं।नदीगांवस्थितपानीकीटंकीखालीपड़ीहै।जिससेअभीपानीकीआपूíतबहालहोनेकीउम्मीदकमहै।तहसीलरोडनिवासीपूरनपंत,बसंतसिंहमनराल,हरीशसिंहमनराल,राजेंद्रउपाध्याय,धीरजकोरंगाआदिनेकहाकिटैंकरसेपानीबांटाजारहाहै,लेकिनवहसड़कतककेलोगोंकोहीमिलपारहाहै।उन्होंनेपानीकीआपूíतसुचारूनहींहोनेपरउग्रआंदोलनकीचेतावनीदीहै।

पानीकीसप्लाईकेलिएतीनबारयोजनाकोअस्थायीरूपसेजोड़ागयाहै,लेकिनभूस्खलनकेकारणपरेशानीबनीहुईहै।जहांपानीकाअधिकसंकटबनाहुआहैवहांटैंकरोंसेपानीभेजाजारहाहै।नगरपेयजलयोजनासेभीलोगोंकोराहतदीजारहीहै।

-एमकेटम्टा,ईई,जलसंस्थान।