ऑटिज्म से पीड़ित लोग झूठ नहीं पहचान पाते, एक अध्ययन में आया सामने

लंदन[प्रेट्र]।ऑटिज्मस्पेक्ट्रमडिसऑर्डर(एएसडी)सेपीड़ितलोगसचऔरझूठमेंभेदनहींकरपाते।इसवजहसेलोगउनकाफायदाउठातेहैं।इसकेचलतेजीवनमेंउन्हेंकईजोखिमउठानेपड़तेहैं।यहबातएकअध्ययनमेंसामनेआईहै।ब्रिटेनकीयूनिवर्सिटीऑफकेंटकेडेविडविलियम्सकेनेतृत्वमेंशोधकर्ताओंकेएकदलनेयहअध्ययनकिया।शोधकर्ताओंनेपायाकिएएसडीसेपीड़ितलोगोंकीझूठकोपहचाननेकीक्षमताउल्लेखनीयढंगसेकमहोजातीहै।

इससंबंधमेंशोधकर्ताओंनेएएसडीसेपीड़ितलोगोंकेसाथकुछप्रयोगकिए।शोधकर्ताओंनेइनप्रतिभागियोंकोकुछवीडियोदिखाए।इनवीडियोमेंकुछलोगझूठबोलरहेथे,जबकिकुछलोगसचबोलरहेथे।प्रतिभागियोंकोयेटास्कदियागयाकिवेउनलोगोंकीपहचानकरेंजोझूठबोलरहेहैं। कौनव्यक्तिझूठबोलरहाहैयहपतालगानेकेलिएप्रतिभागियोंकोकुछसंकेतभीदिएगए,लेकिनएएसडीसेपीड़ितलोगझूठबोलनेवालेव्यक्तिकोपकड़नहींपाए।

शोधकर्ताओंकेमुताबिक,इसकेचलतेऑटिज्मसेपीड़ितलोगोंकोजीवनमेंकईपरेशानियोंकासामनाकरनापड़ताहै।उन्हेंधोखेखानेपड़तेहैं।ऑटिज्मसेपीड़ितलोगोंकोप्रशिक्षणदेकरसिखायाजासकताहैकिसचऔरझूठमेंकैसेअंतरकियाजाए।कुछप्रयासकेबादवेइनमेंअंतरकरनासीखसकतेहैं।

ऑटिज्मयानीस्वलीनतामस्तिष्ककेविकासकेदौरानहोनेवालाविकारहैजोव्यक्तिकेसामाजिकव्यवहारऔरसंपर्ककोप्रभावितकरताहै।हिंदी मेंइसेआत्मविमोहऔरस्वपरायणताभीकहतेहैं।इससेप्रभावितव्यक्ति,सीमितऔरदोहरावयुक्तव्यवहारकरताहै।जैसेएकहीकामकोबार-बारदोहराना।यहसबबच्चेकेतीनसालहोनेसेपहलेहीशुरूहोजाताहै।हालहीमेंहुएएकअध्ययनमेंसामनेआयाहैकिएकहजारमेंछहलोगएएसडीसेपीड़ितहोतेहैं।