निजी ट्रामा सेंटरों में ताक पर नियम, दो सरकारी ट्रामा सेंटरों में होता है गंभीर उपचार

जेएनएन,सहारनपुर।वैसेशहरमेंट्रामासेंटरोंकीभरमारहै,लेकिनसरकारीट्रामासेंटरकीबातकरेंतोकेवलएकट्रामासेंटरएसबीडीजिलाअस्पतालमेंऔरदूसरामेडिकलकालेजमेंहै।यहांपरपूरेनियमकेसाथट्रामासेंटरचलरहेहैं।हालांकिनिजीअस्पतालोंमेंकदमकदमपरबनाएगएट्रामासेंटरोंमेंनियमताकपररखकरचलाएजारहेहैं।सीएमओडा.संजीवमांगलिककाकहनाहैकिट्रामासेंटरोंकीसमयसमयपरजांचहोतीरहतीहै।निजीअस्पतालकेसंचालकोंसे52पेजकीएकरिपोर्टहरवर्षमांगीजातीहै।जिसेवहपूराकरकेदेतेहैं।धरातलपरपहुंचकरभीजांचकीजातीहै।

बतादेंकिसहारनपुरमेंकरीब10सालपहलेट्रामासेंटरस्थापितहुआथा।शासनकेआदेशकेबादयहांपरइमरजेंसीमेडिकलआफिसरकीतैनातीकाफीसमयबादकीगईथी।हालांकिवर्तमानमेंयहट्रामासेंटरचलरहाहै।ट्रामासेंटरमेंइमरजेंसीमरीजकोभर्तीकियाजाताहै।शहरकेदिल्लीरोडस्थितकईनिजीअस्पतालोंमेंट्रामासेंटरकीसुविधाहै,लेकिनयहांपरसहीसेउपचारनहींमिलनेकेकारणकईमरीजअपनीजानगवांचुकेहैं।सीएमओडा.संजीवमांगलिकनेबतायाकिट्रामासेंटरकेनियमजिनअस्पतालोंनेपूरेनहींकिएहैं।इसविषयपरएकअभियानचलायाजाएगा।उनकेखिलाफकड़ीकार्रवाईकीजाएगी।सीएमओकेअनुसार,शहरमेंलगभग20से25ट्रामासेंटरचलरहेहैं।हालांकिउनकाकहनाहैकिउनकास्टाफहड़तालपरचलरहाहै।सहीआंकड़ावहरिकार्डदेखकरहीबतासकतेहैं।येहैट्रामासेंटरकीगाइडलाइन

सीएमओडा.संजीवमांगलिकनेबतायाकिट्रामासेंटरखोलनेकेलिएलाइफस्पोर्टलाइफएंबुलेंसहोनीचाहिए।इसकेअलावाआइसीयू,ट्रामाओटी,ओ‌र्ब्जवेशनवार्ड,स्पेशलिस्टवार्ड,डायग्नोस्टिकवार्ड,लैबोरेट्रीएवंब्लडबैंक,पोस्टमार्टमगृहआदिहोनेचाहिए।51टेस्टमशीनेभीअनिवार्य

सीएमओनेबतायाकिशासनकीगाइडलाइनकेअनुसार,ट्रामासेंटरमेंसिटीस्कैन,पोर्टटेबलअल्ट्रासाउंडमशीन,आइएफटीमशीन,एनिथिसियायंत्र,हाईवेयकूममशीन,ट्रांसपोर्टवेटिलेटर,आइसीयूबेड,एक्सरेमशीनआदि51मशीनेहोनाभीअनिवार्यहै।यहस्पेशलिस्टहोनेचाहिएतैनात

इमरजेंसीमेडिकलआफिसरकेअलावाट्रामासेंटरमेंन्यूरोसर्जन,रेडियोलाजिस्ट,प्लास्टिकसर्जन,आर्थोपेडिकसर्जन,जनरलसर्जनतैनातहोनेचाहिए।ताकिमरीजोंकोसमयपरऔरजल्दहीहरतरहकाउपचारमिलसके।-------सर्वेंद्र