नींद न आने से मानसिक रोग का बन सकते हैं शिकार : डा. दिनेश कुमार

जासं,अमृतसर:वर्तमानमेंकामकीवजहसेतनावकाशिकारहोनेवालोंकीसंख्यामेंतेजीसेवृद्धिहोरहीहै।कार्यालयमेंकामकादबावयाघरकीपरेशानियांइंसानकोतनावग्रस्तबनादेतीहैं।इसकेअलावातनावकाशिकारलोगोंकोनींदभीकमआतीहै।यहमानसिकविकारोंकाएककारणबनसकताहै।यहजानकारीन्यूरोलाजिस्टडीएमडा.दिनेशकुमारनेदी।उन्होंनेकहाकिपारिवारिकपरेशानियांभीतनावकाकारणबनरहीहैं।वर्तमानमेंकईलोगऐसेहैंजोपूरादिनकामकरनेकेबादथकजातेहैं,परपूरीरातनहींनहींआती।कुछलोगोंकीनींदआधीरातमेंटूटजातीहै।नींदकाटूटनामानसिकबीमारियोंकीवजहबनसकताहै।ऐसेमेंयहजरूरीहैकिलोगअपनेदिलोंदिमागमेंतनावकोहावीनहोनेदें।मनमेंअच्छेविचाररखें।नकारात्मकविचारोंसेबचें।महिलाएंभीऐसीस्थितिमेंजारहीहैं।मोबाइलकेअधिकइस्तेमालसेभीरात-रातभरइंसानसोनहींपाता।इसकेअतिरिक्तनशासेवनभीइसकाएकप्रमुखकारणहैं।डा.दिनेशनेकहाकिबाहरकीबनेखाद्यपदार्थखानेसेपरहेजकरें।सुबहशामसैरवव्यायामकरें।तनावकाउपचारसंभवहैं।