National Education Policy 2020: समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे शिक्षा तकनीक का लाभ

डॉ.मीनलशर्मा।शिक्षाप्रौद्योगिकीयाशिक्षामेंतकनीककेलिएयहवर्षमहत्वपूर्णरहाहै।वैश्विकस्तरपरजहांकोरोनासंकटनेशिक्षाक्षेत्रमेंएकबड़ेपरिवर्तनकीमजबूरीपैदाकी,वहींभारतमेंएकमहत्वपूर्णपड़ावराष्ट्रीयशिक्षानीतिकापारितहोनाभीरहा।आजहमारेसीखनेकातरीकातेजीसेबदलरहाहैजोतकनीकसेअत्यधिकप्रभावितहै।

चाहेस्कूलीशिक्षाहो,उच्चशिक्षाहोयाकैरियरकीप्रगतिकेलिएप्रशिक्षण,सभीतरहकीशिक्षामेंतकनीककापुरजोरप्रयोगआजहोरहाहै।आजसीखने-पढ़नेकेलिएस्कूल,कॉलेजयाप्रशिक्षणकेंद्रजानाआवश्यकनहींहै।आपघरबैठेहीऑनलाइनक्लासेजकेमाध्यमसेबहुतकुछसीखसकतेहैं।हालांकिशिक्षाकेक्षेत्रमेंतकनीककाप्रयोगथोड़ाधीमाहीरहाहै।इसकीदोवजहकहीजासकतीहै।एकतोभौतिकसंसाधनोंकीअनुपलब्धताऔरदूसरीमानसिकयानीजैसाचलरहाहैवैसाहीचलतारहेवालीहमारीसोचकाहोना।

कोविडसंकटकीप्रतिक्रियाकेरूपमेंयहभीसाबितहुआकिशिक्षाप्रदानकरनेकेलिएप्रौद्योगिकीकालाभउठायाजासकताहै।खासकरतबजबशिक्षकऔरशिक्षार्थीकेबीचआमनेसामनेसेपरस्परप्रभावडालनासंभवनहींहै।इससंकटकेदौरानस्कूलों,कॉलेजोंऔरविश्वविद्यालयोंकेअनुभवनेकईबातोंकाअहसासकराया।जैसेसभीसंस्थानोंकेलिएडिजिटलइंफ्रास्ट्रक्चरमेंनिवेशकाहोनाउतनाहीआवश्यकहैजितनाकिभौतिकइंफ्रास्ट्रक्चरयानीमूलभूतअवसंरचनामेंनिवेशकियाजाताहै।शिक्षाक्षेत्रमेंशिक्षकोंकाप्रशिक्षणऔरविकासअत्यंतआवश्यकहै।बिल्कुलवैसेहीजैसाकिसीभीअन्यक्षेत्रयाउद्योगमेंसंबंधितप्रशिक्षणएवंसंसाधनोंकाविकासहोनाआवश्यकहोताहै।शिक्षादेनेमेंशिक्षकअहमभूमिकानिभातेहैं।अगरवेसहायकमात्रहैं,तबभी।

आजकेपरिवेशमेंजबशिक्षकऔरविद्यार्थीकाआमनासामनासंभवनहींहोपारहाहै,शिक्षकोंकोऑनलाइनप्लेटफॉर्मकाउपयोगकरनेकेलिएप्रशिक्षितकरनेकीजरूरतहै,ताकिऑनलाइनटीचिंगकीयहनईव्यवस्थासीखनेकेप्रतिफलकीउपलब्धिमेंबाधानबने।ऑनलाइनशिक्षाकेदौरमेंएकप्रासंगिकसवालयहउठताहैकिदूरदराजकेक्षेत्रोंमेंरहनेवालेऔरसमाजकेपिछड़ेतबकेकेलोगक्याइसमाध्यमकासमानरूपसेलाभउठापारहेहैं?

यहप्रश्नहमेंभारतमेंप्रचलितडिजिटलडिवाइडयानीडिजिटलअसंतुलनकेबारेमेंविचारकरनेकेलिएमजबूरकरताहै।भारतीयघरोंमेंइंटरनेटकनेक्टिविटी,सिग्नलकीशक्तियाउपकरणोंकीउपलब्धतापरबहुतअधिकतथ्यउपलब्धनहींहैं।एकरिपोर्टकेअनुसारभारतमेंलगभग63करोड़स्मार्टफोनयूजर्सहैं।हालांकियहदुनियाकादूसरासबसेबड़ाइंटरनेटउपयोगकर्ताडाटाबेसहै,किंतुतमामप्रयासोंकेबावजूदआजभीकनेक्टिविटीएकबड़ीसमस्याहै।अगरशहरीक्षेत्रोंकीबातकरेंतोदेशमेंस्मार्टफोनलगभगसभीपरिवारमेंउपलब्धहै।लेकिनजबबातग्रामीणक्षेत्रोंकीआतीहैतोवहांकेवल25प्रतिशतलोगोंकेपासहीयहउपलब्धहै।इनकारणोंसेनिम्नऔरमध्यमवर्गकेबच्चोंकोबहुतनुकसानहोरहाहै।येबच्चेऑनलाइनशिक्षाकालाभउठापानेमेंज्यादातरअसमर्थजानपड़तेहैं।

इससंदर्भमेंनईशिक्षानीतिकोसभीहितधारकोंसेविचारविमर्शकरकेहीनिर्धारितकियागयाहैऔरअगरइसनीतिकोसहीतरीकेसेअमलमेंलायाजाएतोइसमेंभारतकेशिक्षाक्षेत्रकोव्यापकतरीकेसेबदलनेकीक्षमताहै।नईशिक्षानीतिमेंराष्ट्रीयशैक्षिकप्रौद्योगिकीफोरमकीस्थापनाकेबारेमेंबातकीगईहै,ताकिसीखनेऔरमूल्यांकनकेलिएप्रौद्योगिकीकेउपयोगपरविचारोंकेमुक्तआदान-प्रदानकेलिएएकमंचप्रदानकियाजासके।यहसुनिश्चितकरेगाकिसभीहितधारकशिक्षामेंतकनीककेउपयोगमेंआगेरहें।

इससिलसिलेमेंकेंद्रऔरराज्यसरकारोंकोडिजिटलडिवाइडकोपाटनेकेलिएठोसप्रयासकरनेकीआवश्यकताहै,ताकिसमाजकेप्रत्येकवर्गकोऑनलाइनसीखनेकीप्रक्रियासेलाभमिलसके।डिजिटलअसंतुलनकीसमस्यासेनिपटनेकेलिएदुनियाभरकेराष्ट्रकईकदमउठारहेहैं।भारतमेंभीइसदिशामेंधनखर्चकरनेकीआवश्यकताहै।इसचुनौतीसेनिपटनेकेलिएनिजीसंगठनोंवउद्यमियोंकोआगेआनाचाहिएजोइसमेंनिवेशकरसकतेहैं।कंपनियोंकोकॉरपोरेटसोशलरेस्पांसिबिलिटीकेतहतयहकार्यकरनेकेलिएआगेआनाचाहिए,ताकिसमाजकेसभीवर्गोतकइंटरनेटकीपहुंचहो,बच्चोंकेपासगैजेट्सकीउपलब्धतावशिक्षकोंकेप्रशिक्षणजैसीअतिआवश्यकसुविधाएंसभीतकपहुंचसकें।

[सीनियरफेलो,सेंटरफॉरइकोनॉमिकपॉलिसीएंडरिसर्च,नोएडा]