नारियल पेड़ सूखने से किसानों की बढ़ी परेशानी

मधेपुरा।किसानोंकेलिएआर्थिक²ष्टिकोणसेलाभदायकनारियलकीखेतीसेकिसानविमुखहोनेलगेहैं।कोसीवसीमांचलमेंनारियलकीखेतीकेलिएभूमिकोउपयुक्तमानाजाताहै।लेकिननारियलकेपेड़सूखनेसेकिसानमायूसहैं।कृषिपदाधिकारीकाकहनाहैकिसहीढंगसेदेखभालनहींहोनेकेकारणहीपेड़सूखरहेहैं।इससंबंधमेंप्रखंडकृषिपदाधिकारीशमीमअहमदअंसारीकाकहनाहैकिकोसीप्रमंडलकेकिसाननारियलकापेड़लगाकरछोड़देतेहैं।उसकीदेखभालसमयानुसारनहींकरते।जबकिनारियलपेड़कासमय-समयपरदेखभालकरनाआवश्यकहोताहै।नारियलकेबेहतरपैदावारकेलिएठंडकाशुरूआतहोतेही15दिनोंकेअंतरालमेंअनिवार्यरूपसेपटवनकरानाजरूरीहोताहै।इसकेअलावापोषकतत्वप्रतिपेड़फास्फेट500ग्राम,पोटाश500ग्राम,¨जककंपोस्ट40किलो,नाइट्रोजन750ग्रामप्रतिपेड़डालनाचाहिए।नारियलपेड़केजड़मेंसुहागा100ग्रामडालनेसेपैदावारबेहतरहोनेकीसंभावनाबनींरहतींहै।वहींप्रतिपेड़एकलीटरखट्टादहीकामट्ठाडालनेसेफलगिरनेकीसमस्यामेंकमीआतीहै।एकशोधसेप्रमाणितकियागयाहैकिनारियलपेड़मेंमाइट्सबीमारीकीसमस्याआतीहैं।इसकेबचावकेलिएउवेरानउमाइटनामकदवादोग्रामपतिलीटरपानीमेंडालकरछिड़कावकरनाजरूरीहोताहै।पेड़मेंएकप्रकारकाकीटतनाकोकाटकरछिद्रबनाताहै।इससेबचावकेलिएड्रायनलौरोभासनामकदवारूईसेकटावस्थलमेंडालकरचिकनीमिट्टीसेछिद्रकोबंदकरनेकेबादसमस्यासेनिजातमिलसकताहै।किसानोंकोप्रतिपेड़100-200नारियलफलपैदावारहोनेकीसंभावनाबनीरहतीहैं।जोकिसानोंकेलिएलाभप्रदसाबितहोताहै।