नाग-नागिन की समाधि की पूजा के बिना पूरी नहीं होती महादेव की आराधना

नागेश्वरमहादेवशिवमंदिर-जसोई

जेएनएन,मुजफ्फरनगर।जसोईकेनागेश्वरमहादेवमंदिरमेंशिवकीमूर्तिकेसाथशिवलिगवइच्छाधारीनाग-नागिनकीसमाधिबनीहै।प्रत्येकवर्षश्रावणमासमेंशिवरात्रिपरबड़ीसंख्यामेंश्रद्धालुजलाभिषेककरनेकेलिएआतेहैं।मान्यताहैकिजोभीश्रद्धालुयहांआकरप्रार्थनाकरताहैभगवानशिवउनकीमनोकामनाअवश्यपूरीकरतेहैं।इतिहास

जसोईगांवमें21वर्षपूर्वआलूकेखेतमेनाग-नागिनकाजोड़ादिखाईदियाथा,जोएकसप्ताहतकएकहीस्थानपरमौजूदरहा।गांवमेंचर्चाफैलनेपरउन्हेंदेखनेकेलिएग्रामीणजुटगए।बतायागयाकिउन्होंनेलड़कीकारूपधारणकरवहांशिवमंदिरबनानेकीइच्छाव्यक्तकीऔरपुन:सांपकारूपधारणकरबिलमेंघुसगए।लोगोंनेउसजगहसेमिट्टीहटाकरदेखातोनाग-नागिनमृतमिले।क्षेत्रकेगांवोंसेपैसाइकट्ठाकरउसस्थानपरशिवमंदिरकीस्थापनाकीगई।मंदिरपरिसरमेंनाग-नागिनकीसमाधिभीबनाईगई।विशेषता

श्रावणमाहमेंमंदिरकोभव्यरूपसेसजायाजाताहै।शिवरात्रिपरहजारोंशिवभक्तयहांजलाभिषेककरतेहैं।शिवभक्तोंकीसेवामेंग्रामीणलगेरहतेहैं।कांवड़केदौरानशिवभक्तोंकीसेवामेंमंदिरमेंभंडाराचलताहै।सोमवारकोमंदिरमेंभोलेनाथकेजलाभिषेककोश्रद्धालुओंकीभीड़लगीरहतीहै।मंदिरमेंभगवानशिवकीपूजाकेबादअगरनाग-नागिनकीप्रतिमाकीपूजानहींकीजातीतोपूजासंपूर्णनहींमानीजाती।मंदिरमेंभोलेनाथकेअलावागणेशजी,हनुमानजीवशाकुंभरीदेवीकीमूर्तिस्थापितहै।इनकाकहनाहै..

भगवानशिवअपनेभक्तोंकेकष्टोंकानिवारणकरतेहैं।श्रावणमाहमेंमंदिरमेंभंडारेकाआयोजनकियाजाताहै।जोभीश्रद्धालुश्रद्धावआस्थाकेसाथमंदिरमेंआकरमहादेवकीपूजा-अर्चनाकरअभिषेककरतेहैं,उनकेघरमेंसुख-समृद्धिवशांतिकावासरहताहै।

-मोहनदास,पुजारीमहादेवमंदिरभक्तोंकीआस्थाकाकेंद्रहै।शिवरात्रिपरप्रतिवर्षआसपासकेदर्जनोंगांवोंकेशिवभक्तमंदिरपरआकरजलाभिषेककरतेहैं।मान्यताहैकियहांश्रद्धालुओंकीमनोकामनापूरीहोतीहै।

-राकेशसैनी,श्रद्धालु