मूंग व उड़द फसल की बुवाई करें खत्म

जागरणसंवाददाता,पालमपुर:गेहूंकीफसलकटाईकासमयआरहाहै,इसलिएतैयारीकरलें।मध्यमपर्वतीयक्षेत्रोंमेंखुलीकांगियारी(कालीबालियोंवालेपौधे)रोगसेग्रस्तगेहूंकेपौधोंकोनिकालकरजलादें।यहसलाहकिसानोंकोकृषिविविपालमपुरकेप्रसारनिदेशालयनेदीहै।तोरियायासरसोंकीफसलकोकाटलें।निचलेवमध्यमपर्वतीयक्षेत्रोंमेंसूरजमुखीकीफसलमेंखादडालनेकासमयहै।निचलेक्षेत्रोंमेंमूंगऔरउड़दकीफसलोंकीबुवाईखत्मकरें।बुवाईसेपहलेबीजोंकोफसलविशेषराइजोबियमतथाफास्फोरससोलूबलाइ¨जगबैक्टीरियासेअवश्यउपचारकरें।

अनाजभंडारघरकीकरेंसफाई

अनाजकोरखनेसेपहलेभंडारघरकीसफाईकरलें।भंडारघरकीछत,दीवारोंऔरफर्शपरएकभागमेलाथियान50ईसीको100भागपानीमेंमिलाकरछिड़कावकरें।भंडारणकीबोरियांकोएकभागमेलाथियानव100भागपानीकेघोलमें10मिनटतकभिगोकरछायामेंसूखालें।

कद्दूवर्गीयसब्जियोंकीकरेंबुवाई

बढ़तेतापमानकोदेखतेहुएसब्जियोंकीफसलमेंहल्कीसिंचाईकरलें।कद्दूवर्गीयसब्जियों(लोकी,¨टडा,तूरई,सीताफल,ककड़ी,करेला,तरबूज,खरबूजा)कीबुवाईकासमयहै।बुवाईसेपहलेबीजोंकोकैप्टानयाथीरम2.0ग्रामप्रतिकिलोग्रामबीजकीदरसेउपचारितकरें।बुवाईसेपूर्व10-12टनप्रतिएकड़कीदरसेसड़ीहुईगोबरकीखादखेतोंमेंजुताईकेसमयउपयोगकरें।

आलूकीफसलकोझुलसारोगसेबचाएं

आलूकीफसलमेंझुलसारोगकेलक्षणदिखनेपरकार्बडिजम1.0प्रतिलीटरपानीयाडाईथेनएम-452.0ग्रामप्रतिलीटरपानीमेंमिलकारछिड़कावकरें।आलूकीफसलमें¨सचाईकरें।

पशुओंकीखांसीपररखेंध्यान

जुओंवचिचड़ोंसेबचावकेलिएबटॉक्टसदोमिलीलीटरप्रतिलीटरपानीकेहिसाबसेपशुशालामेंछिड़कें।पशुओंकोसाफवगरमपानीदेंऔरपशुओंकीखांसीपरविशेषध्यानदें।मुर्गियोंकोबीमारीसेबचानेकेलिएमुर्गीघरोंमेंनमीनहोनेदें।