मूक-बधिर बच्चों के लिए बने भवन में चल रहा बसिया का कस्तूरबा विद्यालय

संवादसूत्र,बसिया:बालिकाशिक्षाकोबढ़ावादेनेकेउद्देश्यसेगुमलामेंआरंभकस्तूरबाविद्यालयबसियाकाअबतकअपनाभवननहींहै।फिलहालयहविद्यालयमूकबधिरबच्चोंकेलिएबसियामेंबनेभवनमेंचलरहाहै।इसविद्यालयकाआरंभलगभगदसवर्षसेअधिकहोरहाहै।इसकेबावजूदविद्यालयकाअपनाभवननहींबननाबालिकाशिक्षाकोबढ़ावादेनेकेउद्देश्यपरसवालखड़ाकररहाहै।जहांयहविद्यालयफिलहालचलरहाहैवहांभीछात्राओंकोमूलभूतसुविधानहींमिलरहाहै।इसविद्यालयमेंकक्षा6से12वींतककीपढ़ाईहोतीहै।लगभग300छात्राओंकाआवासीयसुविधामात्रछहकमरेमेंहै।कमराकाआकार10फिटलम्बाऔर10फिटचौड़ाहै।एककमरामें50छात्राओंकोरखाजाताहै।विद्यालयभवनकाचारदीवारीनहींहै।बच्चियांअपनेकोसुरक्षितमहसूसनहींकरतीहै।खिड़कीटूटाहुआहै।शौचालयएवंबाथरूममात्रदोहैं।पानीकीसमस्याहै।किचनभीनहींहैं।बरामदापरखानाबनानापड़ताहै।विद्यालयबालसांसदकीप्रधानमंत्रीआशाकुल्लूनेकहाकिअपनाविद्यालयभवनकीकमीहीयहांकासबसेबड़ीसमस्याहै।अपनाभवनबनजातातोसारीसमस्याकाहलहोजाता।जिसभवनमेंवेलोगरहतेहैंवहांदरवाजाभीठीकनहींहै।शौचालयकीसमस्याहै।सुभद्राकुमारीहमेंविद्यालयमेंरहनेमेंकाफीपरेशानीहोतीहै।एककमरामें50बच्चेंरहतेहैं।छात्रारंथीलकड़ाकाकहनाहैकिपानीऔरशौचालयकीसमस्याहै।तैयारहोकरकक्षामेंपहुंचनेमेंबिलम्बहोताहै।

विद्यालयमेंमूलभूतसुविधाकाअभावहै।कक्षा6से12तककीपढ़ाईहोतीहै।जिसमेंमात्रदोस्थाईशिक्षकहैं।विद्यालयकीसमस्याएवंशिक्षकोंकीकमीसेविभागकोअवगतकरायागयाहै।

सवितापन्ना,वार्डेन-कस्तूरबाविद्यालय,बसिया।