मुजफ्फरपुर में समाप्त हो गए पोखर-तालाब, पानी की दोहरी मार झेल रहे शहरवासी

मुजफ्फरपुर,जासं।पोखर-तालाबएवंप्राकृतिकजलस्रोतोंकेसमाप्तहोनेसेशहरवासीपानीकीदोहरीमारझेलरहेहैं।पहलेबारिशकाइनमेंसंचितहोजाताथा।इससेनसिर्फसालोंपरधरतीकीप्यासबुझतीथी,बल्किभू-जलस्तरभीनहींगिरताथा।बारिशहोनेपरपानीपोखरवतालाबमेंचलेजानेसेजलजमावभीनहींहोताथा।इनकेनहींरहनेसेबारिशकापानीयातोनालियोंसेबहकरशहरसेबाहरचलाजाताहैयाक्रंकीटकीसड़कपरकईदिनोंतकजमारहताहै।इससेलोगोंकोजलजमावकीपीड़ाझेलनीपड़तीहै।दूसरीओरबारिशकापानीपोखरवतालाबमेंसंचितनहींहोनेसेभू-जलस्तरगिरजाताहैऔरलोगोंकोपानीकीकमीकासामनाकरनापड़ताहै।इसप्रकारशहरवासियोंकोपानीकीदोहरीमारझेलनीपड़तीहै।जरूरीहैकिशहरकेसभीपोखर-तालाबवसिकंदरपुरमनकोबचायाजाए।तभीहमेंइसदोहरीमारसेमुक्तिमिलेगी।दैनिकजागरणकेसहेजलोहरबूंदअभियानकोलेकरप्रबुद्धलोगोंसेचर्चाकेदौरानयेबातसामनेआईं।

समाजसेवीमनीषकुमारनेकहाकिशहरमेंपहलेदोदर्जनसेअधिकपोखरवतालाबथे।सिकंदरपुरमनकाविस्तारदूरतकथा।बारिशहोनेपरउसकासारापानीपोखर-तालाबवमनमेंचलाजाताथा।इससेशहरमेंजलजमावकीसमस्यानहींहोतीथी।साथहीनालाकापानीफरदोनदीयाबूढ़ीगंडकमेंचलाजाताथा।इसप्रकारहरसालवर्षाजलकासंचयहोताथा,लेकिनअबऐसानहींहोता।वहीसमाजसेवीपंकजङ्क्षसहनेकहाकिबरसातमेंसदरअस्पतालमेंजलजमावहोजाताहै।यदिअस्पतालपरिसरमेंदोदर्जनसोख्ताबनादिएजाएंतोनसिर्फजलजमावकीसमस्यासेनिजातमिलजाएगा,बल्किजमीनकीप्यासभीबुझेगी।ऐसाहीप्रयोगस्कूल-कॉलेजोंमेंहोनाचाहिए।मनोरंजनकुमारनेकहाकिबारिशकेपानीकोसंचितकरनेकेलिएशहरमेंमृतपड़ेकुओंकोङ्क्षजदाकरसोख्ताकेरूपमेंइस्तेमालकियाजानाचाहिए।इसकेकेलिएप्रशासनिकस्तरपरप्रयासहोनेचाहिए।