मत विमत: विकास के लिए बहुत कुछ करना बाकी

हरदोई:चुनावीसंग्राममेंनेतावोटमांगरहेहैं,मतदाताउनकीबातेंसुनरहेहैं,लेकिनलोगोंकेविचारअलगअलगहैं।महिलाएंभलेहीकहतीकुछनहींलेकिनवहभीराजनीतिकदलोंकोबारीकीसेदेखरहीहैंऔरसभीकेमतअलगअलगहैं।पूनमअवस्थीकहतीहैंकिविकासकाफीकुछहुआलेकिनअभीभीकईक्षेत्रअछूतेहैं,जहांविकासबाकीहै।अल्पनातिवारीसंवैधानिकसंस्थाओंपरकिसीकेहस्तक्षेपनहोनेकीवकालतकररहीहैं।उनकाकहनाहैकिसीबीआई,आरबीआईजैसीसंस्थाओंसेसरकारकेटकरावकीखबरेंआतीजोकिदेशहितमेंसहीनहींहैं।बरखासिंहबिजलीसेलेकरसफाईतकसबमेंअभूतपूर्वबदलावकीबातकहतीहैं।शाहीनखानकाकहनाहैकिसोंचसमझकरउसीकोवोटदेंजोकिदेशकेलिएकामकरे।वहदेशमेंअभीकाफीकुछकामहोनेकीजरूरतबतारहीहैं।