मरीजों के घर पोस्टर चस्पा कर जागरूक कर रहीं फ्रंटलाइन वर्कर

देवरिया:कोरोनाकीरोकथामकेलिएहरकोईप्रयासकररहाहै।आशाकार्यकर्तागांव-गांवमेंपोस्टरचस्पाकरग्रामीणोंकोकोरोनाकेबारेमेंजागरूककररहीहैं।वहहोमक्वारंटाइनकिएगएकोरोनामरीजोंकेघरजाकरउपचारकिटदेरहीहैं।

शहरवग्रामीणक्षेत्रमेंआशासंगिनीऔरआशाकार्यकर्ताओंद्वाराकोरोनासंक्रमितमरीजोंकेघरपोस्टरचस्पाकरजानकारीदीजारहीहै।सावधानीहीहमारीसुरक्षाहै,मैंसंक्रमितहूं,मैंस्वस्थ्यहोनेतकआपसेनहींमिलसकूंगा।यदिआपमेरेसम्पर्कमेंआएहुएहोतोआपकोरोनाकीजांचकराए।इसीप्रकार45वर्षसेअधिकउम्रकेनागरिकतत्कालस्वास्थ्यकेंद्रजाकरटीकालगवाएं।साथहीयहसमझायाजारहाकिपिछलेवर्षकीतुलनामेंतीनगुनाकोरोनाकेकेसमिलरहेहैं।रघुनाथपुरकीआशाकार्यकर्तारंजनाकुशवाहाबतातीहैंकिलोगोंकोसलाहदीजारहीहैकिघरसेनिकलेंतोमास्कपहनकरहीनिकलें।साथहीअगरकोविडहोगयाहैतोखुदकोस्वच्छऔरहवादारकक्षमेंक्वारंटाइनकरलें।चिकित्सकीयपरामर्शकेअनुसारदवाओंकासेवनकरतेरहें।

डीसीपीएमराजेशगुप्तानेबतायाकिग्रामीणक्षेत्रमेंआशावआशासंगिनीलोगोकोकोरोनाकेप्रतिहररोजजागरूककररहीहै।होमक्वारंटाइनकिएगएकोरोनामरीजोंकेघरजाकरउपचारकिटदेरहीहैं।आत्मविश्वाससेकोरोनाकोहराया

मुझेआठमाहपहलेकोरोनाहोगया।मैंकाफीपरेशानीमेंथा।खांसी,बुखारकेसाथसांसलेनेतकमेंदिक्कतहोनेलगी।जबमैंनेटेस्टकरवायातोरिपोर्टपाजिटिवआगया।अस्पतालोंमेंइलाजकरानेमेंकाफीसमस्याथी।मैंघबरायानहींतथाआत्मविश्वासकेसाथचिकित्सककेसलाहपरदवाइयांलेनेलगा।इसीदौरानमैंनेप्रतिदिनमार्निंगवाककेसाथ-साथव्यायाम,योगऔरप्राणायामकरनाप्रारंभकिया।चायपीनाछोड़दियाऔरनित्यतीनबारकाढ़ाकासेवनकिया।गरमपानीमेंनीबूनिचोड़करपीताथा।सुबह-शामभापलियाकरताथा।लौंगएवंअजवाइनकासेवनकिया।कभीमस्तिष्कमेंनकारात्मकविचारनहींआनेदियाऔरटीवीदेखतातथागानासुनाकरताथा,ताकिकोईनकारात्मकविचारनबनसके।लगातार28दिनतकघरमेंहीआइसोलेटरहा।इसदौरानमैंघबरायानहींतथाहिम्मतबनाएरखा।उसकेबादजबपुन:मैंनेकोविडटेस्टकरायातोरिपोर्टनिगेटिवआई।इसतरहमैंकोरोनासेजीता।

-भूपेन्द्रकुशवाहा,जमुई,सलेमपुर