मंदिर के पुजारियों को भी मानदेय दे सरकार : स्वामी दिव्य ज्ञान

संवादसहयोगी,खूंटी:विश्वहिंदूपरिषदकेनेतास्वामीदिव्यज्ञानवझारखंडउच्चन्यायालयकेअधिवक्ताविजयकुमारनेशुक्रवारकोएकप्रेसकाफ्रेंसआयोजितकरकहाकिसरकारकोचाहिएकिवहमंदिरोंकेपुजारियोंकोभीमानदेयऔरभत्ताप्रदानकरें।कोरोनाकालमेंजैसेवक्फबोर्डकेलोगोंकोवइमामोंकोसहायताराशि,मानदेययाभत्तासरकारदेरहीहै,वैसीहीव्यवस्थामंदिरकेपुजारियों,पुरोहितोंकेलिएभीकीजानीचाहिए।लॉकडाउनमेंअधिकतरमंदिरबंदकरदिएगएहैं।सार्वजनिकपूजा-पाठपरपाबंदीहै।अनलॉककेबादभीस्थितिकमोबेशवैसीहीहै।इसकेकारणमंदिरोंकीआयकेस्त्रोतपूर्णत:बंदहोगएहैंऔरवहाकेपुजारीदाने-दानेकेमोहताजहोगएहैं।वहींउनकेजीवनयापनकामुख्यआधारहै।

उन्होंनेकहाकिअभीराचीस्टेशनपरदुर्गापूजापंडालकोकालेकपड़ेसेढंकाजाना,दिउड़ीमंदिरकेदानपात्रपरसरकारीकब्जाहोनावचुनावजीतनेकेबादअपनेधर्मगुरुओंकोछोड़ईसाईधर्मगुरुसेमुख्यमंत्रीकामिलनाकुछऔरहीइंगितकरताहै।विहिपनेताओंनेकहाकिधार्मिकसंस्थाओंकेआयस्त्रोतोंपरसरकारीनीतिमेंएकरूपतासमयकीमागहै।जैसेचर्चस्वतंत्रहै,वेप्राप्तदानसेविद्यालयऔरअस्पतालबनवासकतेहैं।वक्फबोर्डस्वतंत्रहै।धनकासदुपयोगकरनेकेलिएमजाररस्वतंत्रहैं।चढ़ावेकीराशिकाउपयोगवहमदरसायाइस्लामकोबढ़ानेमेंकरताहै।इसीतरहहिंदुओंकेदानकेसबसेबड़ेस्त्रोतहिंदूमंदिरहैं।जिसपरराज्यसरकारोंकाकब्जाहै,लेकिनमंदिरोंकेदानकाउपयोगसरकारदूसरेमदमेंकरतीहै।उन्होंनेकहाकिविडंबनादेखिएकीवक्फकेपैसेसरकारनहींलेतीऔरवहाकेअधिकारियोंमदरसोंकेअलीमकोवेतनभीदेतीहै।धर्मातरणकेलिएभीपूर्वमुख्यमंत्रीरघुवरदासनेअपनेकार्यकालमें2017मेंकड़ेक़ानूनबनाये।इसकाकड़ाईसेपालनहोनाचाहिए।इसविषयकोसासदसंजयसेठनेभीसंसदमेंपूरेजोरशोरसेउठायाहै।प्रेसकांफ्रेंसमेंविहिपकेजिलाकार्यवाहसुनीलसाहू,प्रियाकभगत,डा.निर्मलसिंह,तिलकराजसिंहआदिआदिउपस्थितथे।