मजदूर दिवस: लॉकडाउन ने तोड़ दी इन 10 कामगारों की कमर

दुनियाभरमेंआजअंतरराष्ट्रीयमजदूरदिवस(InternationalLabourDay)मनायाजारहाहै।यहदिनमजूदरोंकेहक,अधिकारऔरउनकीसमानताकीमांगकेलिएयादकियाजाताहै।भारतमें1923मेंमजदूरदिवसकीशुरुआतहुई।हालांकि,देशभरकेकामगारोंऔरमजदूरोंकेलिए2020कामजूदरदिवसकाफीनिराशाभराहै।कोरोना(Corona)केकारणलॉकडाउन(Lockdown)जारीहै।इसीलॉकडाउनकेकारणकरोड़ोंदिहाड़ीमजदूर,कामगारऔरबड़े-बड़ेप्रफेशनल्सतकघरबैठगएहैं।इंटरनेटकेसहारेघऱसेकामकरनेवालोंकेअलावाबाकीकामगारोंकेलिएरोजी-रोटीकमापानाभीमुश्किलहै।देशभरमेंकरोड़ोंकामगारप्रवासीकेरूपमेंरहतेहैं।अपनेघरसेदूरफंसेइनकामगारोंकेलिएतीन-चारलोगोंकेपरिवारकोपालनाकाफीमुश्किलहोरहाहै।इससालकेमजदूरदिवसपरहरकामगारयहीदुआकररहाहोगाकिकभीभीऐसाकोईऔरसाल,दिनयामहीनानाआए।दुनियाभरमेंजहांकहींभीलॉकडाउनलागूहै,वहांकामगारोंकेलिएरोजी-रोटीहीसबसेमुश्किलकामहै।आइए,भारतकेमुख्यकामगारों,उनकीकमाईऔरऔरउनकीसमस्याकेबारेमेंसमझनेकीकोशिशकरतेहैं।इनकामगारोंकाकामरुकजानेसेदेशकीअर्थव्यव्यवस्थाभीप्रभावितहोरहीहै,जिसकेपरिणामदूरगामीहोसकतेहैं।राजमिस्त्रीलॉकडाउनकेदौरानहरप्रकारनेनिर्माणकार्यपररोकहै।गांवसेलेकरशहरतकराजमिस्त्रीकाकामकरनेवालेलाखों-करोड़ोंलोगबेरोजगारबैठेहैं।शहरोंमेंतोमिस्त्रीकाकामकरनेवालोंकेसाथउनकापरिवारभीकंस्ट्रक्शनसाइटपरहीरहताहै।हजारोंलोगऐसीसाइट्सपरहीफंसेहुएहैं।दूसरेचरणमेंसरकारनेकुछनिर्माणकार्योंकोअनुमतिदीहैलेकिनइससेमामूलीसंख्यामेंमिस्त्रियोंकोराहतमिलीहै।इलेक्ट्रिशियनगर्मीकेमौसममेंसबसेज्यादाजरूरतइन्हींकीहोतीहै।गर्मीमेंबंदहुएपंखे-एसीऔरकूलरकोफिरसेचलानेकेलिएइलेक्ट्रिशियनकीहीजरूरतहै।लॉकडाउनमेंइनकाकामबंदहोनेसेइनकीकमाईतोप्रभावितहुईहीहै,आमलोगभीकाफीपरेशानहोरहेहैं।हालांकि,अबधीरे-धीरेइलेक्ट्रिशनऔरपंखे-कूलरवालोंकोशर्तोंकेसाथथोड़ी-बहुतछूटदीजारहीहै।प्लंबरपीनेकेपानीसेलेकर,बाथरूमऔरनालीतकमेंपाइपकीफिटिंगऔररिपेयरिंगकरनेवालेप्लबंरशहरोंमेंलाखोंकीसंख्यामेंहोतेहैं।मुंबई,दिल्लीऔरनोएडाजैसेमहानगरोंमेंअभीभीलाखोंप्लंबरफंसेहैं।उनकेपासनातोकोईकामहैनाऔरहीघरजानेकारास्ता।ऐसेमेंलॉकडाउननेउनकीकमाईतोछीनीहै,साथहीसाथदोपलकासुकूनभीछीनलियाहै।पेंटरमहानगरोंकीलेबरचौकपरइकट्टाहोनेवालेराजमिस्त्रीऔरमजदूरोंकेअलावातीसरेबड़ीसंख्यापेंटरकीहोतीहै।शहरोंमेंबनरहेघरोंकोसुंदरबनानेऔरउनकीदीवारोंकीटिकाऊबनानेवालेये'कलाकार'भीखाने-पीनेकोमोहताजहैं।जोशहरोंमेंफंसेहैं,उनकोकिसीतरहखानातोमिलजारहाहैलेकिनउनकीकमाईपरचलनेवालाउनकापरिवारकाफीसमस्यासेगुजररहाहै।मकैनिकसड़कपरपंचरबनानेसेलेकरबड़ी-बड़ीकारकंपनियोंमेंकामकरनेवालेमकैनिकइनदिनोंबेरोजगारहैं।मारुतिऔरटाटाजैसीकंपनियांअप्रैलमहीनेमेंएकभीनईकारनहींबेचपाईहैं।सड़कपरनातोगाड़ियांचलरहीहैं,नावेखराबहोरहीहैं।इसप्रकारछोटे-मोटेमिस्त्री-मकैनिकएक-एकपैसेकोमोहताजहैं।उम्मीदहै,जल्दहीसड़कपरगाड़ियांचलेंगीऔरयेफिरसेकमाईकरसकेंगे।फर्नीचरकाकामकरनेवालेलकड़ीऔरफर्नीचरकेकारोबारसेदेशकाएकबड़ावर्गजुड़ाहुआहै।शहरोंनेनईबसरहीकॉलोनियोंऔरफ्लैट्सकेलिएदरवाजे,खिड़कीऔरअन्यजरूरीसामानबनानेकेलिएकरोड़ोंबढ़ईलगेहुएहैं।लॉकडाउनमेंइनकाकामठपहोनेसेयेभीबेरोजगारहोगएहैं।महानगरोंमेंफंसेकरोड़ोंप्रवासीमजदूरोंमेंलाखोंकीसंख्यामेंबढ़ईऔरफर्नीचरकाकामकरनेवालेलोगभीशामिलहैं।रिक्शा,ऑटोऔरटेम्पोवालेसार्वजनिकपरिवहनकेरूपमेंइस्तेमालहोनेवालेरिक्शे,बैटरीरिक्शे,ऑटोऔरटेम्पोचलानेवालोंकीआमदनीपरहीदेशकाएकबड़ावर्गआश्रितहै।लॉकडाउनकेदौरानबाहरनिकलनेपरहीपाबंदीहैतोरिक्शेऔरऑटोमेंबैठेगाकौन।दिनमें200-300से1000-1200भीकमालेनेवालेयेकामगारएकदमसेबेरोजगारहैं।इसमेंसेकईतोऐसेभीहैं,जिनकीगाड़ीईएमआईपरहै।उनकेलिएभविष्यकाफीअंधकारमयहोसकताहै।फूडवेंडर्सदेशभरमेंआजभीकरोड़ोंलोगहरदिनसड़कपरलगनेवालीरेहड़ियों,ठेलोंऔरफूडस्टॉल्सपरहीखानाखातेहैं।ब्रेड-मक्खन,बाटीचोखासेलेकरपराठा,बिरयानीऔरकईअन्यखाद्यसामग्रियांपरोसनेवालीयहफूडवेंडिंगइंडस्ट्रीभीइससमयबंदहै।नाखानेवालेलोगहैं,नाहीखिलानेवाले।हरदिनदेशभरमेंकरोड़ों-अरबोंकाकारोबारकरनेवालीइंडस्ट्रीभीपूरीतरहसेठपहैऔरकरोड़ोंफूडवेंडर्सबेरोजगारबैठेहैं।इनकेपाससेविंगकेनामपरशायदहीकुछहो,जिससेयेअपनाघरचलासकें।चायवालादेशकीहरगलीकेहरनुक्कड़परचायकीदुकानजरूरहोतीहै।छोटी-मोटीचायकीदुकानरखनेवालाशख्सभी300-400रुपयेकीकमाईकरलेताहै।लॉकडाउनमेंसभीदुकानेंबंदहोनेकेकारणएकबड़ेवर्गकीआजीविकापरतोसंकटहैही,सरकारोंकोचीनी,चायपत्ती,दूधऔरअन्यसंसाधनोंसेहोनेवालीकमाईमेंभीकाफीकमीआईहै।सलूनकर्मीसलूनमेंबालकाटने,फेशियलकरनेयाअन्यजरूरीकामोंकेलिएकामकरनेवालेकर्मचारीऔरग्राहककाफीपासहोतेहैं।ऐसेमेंकोरोनाफैलनेकाडरहै।लॉकडाउनमेंसलूनभीबंदकरदिएगएहैं।देशहीहरगलीमेंसलूनपाएजातेहैं,इसप्रकारलॉकडाउनकेकारणकरोड़ोंलोगबेरोजगारबैठेहैं।लॉकडाउनखुलनेकेबादभीसलूनकर्मियोंकोतुरंतराहतमिलजाएगी,इसकेआसारबेहदकमहैं।