महायज्ञ में बटुकों ने धारण किया यज्ञोपवीत

संवादसूत्र,परियर:परियरकेजानकीकुंडमेंचलरहे27कुंडीयमहायज्ञमेंबड़ीसंख्यामेंपहुंचरहेश्रद्धालुयज्ञमेंआहुतिदेकरपुण्यलाभअर्जितकररहेहैं।महायज्ञमेंसोमवारकोवैदिकरीतिसेबटुकोंकासामूहिकयज्ञोपवीतसंस्कारकरायागया।आचार्योंनेयज्ञोपवीतधारणकराबटुकोंकोयज्ञोपवीतकामहत्वबताया।इसकेसाथहीआचार्यपुरुषोत्तमदासमहाराजनेश्रीरामकथासुनाई।सदरविधायकपंकजगुप्तानेसभीबटुकोंकोभेंटदेकरउनकेसाथयज्ञशालाकीपरिक्रमाकी।

श्रीरामकथावाचकआचार्यपुरुषोत्तममहाराजनेकहाकिसाधु-संतोकेदर्शनमात्रसेसभीपापोंकानाशहोताहै।इसीलिएसद्संगतिकोदुर्लभबतायागयाहैऔरयहपूर्वजन्मकेसद्कर्मोंकेआधारपरमाताजानकीऔरपार्वतीजीकेआशीर्वादसेप्राप्तहोतीहै।पुरुषोत्तममहाराजनेमातापार्वतीकेप्राकट्यकीकथासुनाई।उन्होंनेकहाविधाताकेलिखेकोबदलनासंभवनहींहोताहै।वहजड़-चेतनकीतरहगुणोंकेसाथसभीकोदोषभीदेताहै।इसलिएदोनोंकोहीस्वीकारकियाजानाचाहिए।

रावण-मंदोदरीविवाहलीलाकाहुआमंचन

-जानकीकुंडबाल्मीकिआश्रममेंचलरहीश्रीरामलीलामंचनमेंरंगकर्मियोंनेरावणऔरमंदोरीविवाहकेलीलाकासजीवमंचनकिया।मंदोदरीसेविवाहकररावणलंकापतिबनकरराजकरनेलगताहैऔरउसकेशासनकालमेंराक्षसगणप्रजापरआसुरिकहमलेकरतेहुएतरह-तरहसेपरेशानकरनेलगतेहैं।इससेमनुष्योंसहितधरतीभीपापोंसेअकुलाउठतीहै।देवताओंसहितपृथ्वीसृष्टिसंचालकब्रह्माकेसामनेपहुंचकरअपनादुखड़ासुनातेहैं।इसपरभगवानमनुष्यरूपमेंअयोध्यामेंअवतारलेनेकीबातकहतेहुएसभीकोविदाकरतेहैं।दर्शकोंनेतालियांबजाकरअभिनयकररहेकलाकारोंकाहौसलाबढ़ाया।