मदद की आस, निरीक्षण कर लौट जाते हैं अधिकारी

बस्ती:मुख्यमंत्रीबाढ़पीड़ितोंकोहरसंभवमदददेनेकानिर्देशदेरहेहैंजबकिअधिकारीतटबंधकानिरीक्षणकरलौटजारहेहैं।बाढ़प्रभावितगांवोंमेंकोईअधिकारीअबतकझांकनेनहींगया।दुश्वारियोंकेबीचबाढ़पीड़ितबाढ़कापानीखिसकनेकाइंतजारकररहेहैं।

यहपीड़ाहैदुबौलियाविकासक्षेत्रकेकटरियाग्रामपंचायतकेराजस्वग्रामसुविखाबाबूकाहै।गांवकीकुलआबादी350है।यहगांवपिछलेपांचदिनोंसेबाढ़कीचपेटमेंहै।ग्रामीणसुबहसेशामतकराहतसामग्रीकीउम्मीदमेंतटबंधकीओरटकटकीलगाएरहतेहैंलेकिनउनकीसुधलेनेवालाकोईनहींहै।गांवमेंनावलगाईगईहैलेकिननाविकबेमनसेकामरहेहैं।उनकाकहनाहैप्रशासननेपिछलेसालकाहीपारिश्रमिकअबतकनहींदियाहै।नाविकउसीकोलेकरआतेजातेहैंजोकिरायादेताहै।

स्कूलआनेजानेवालेबच्चे,रोजमर्राकीचीजोंकीखरीदारीकरनेजानेवालेग्रामीण,वृद्धजन,मरीज,औरगर्भवतीमहिलाओंकोनावकेलिएघंटोंइंतजारकरनापड़ताहै।गांवमेंचारगर्भवतीमहिलाएंहैं।इलाजकेलिएबाहरनिकलनाइनकीमजबूरीहै।बाढ़कापानीभराहोनेकेचलतेलोगदूषितजलपीनेकोमजबूरहैं।स्वास्थ्यविभागकीटीमअबतकगांवमेंनहींपहुंचीहै।गांवकेस्वामीनाथकारिहायशीछप्परतीनदिनपहलेगिरगयालेकिनसरकारीमददतोदूरकोईभीराजस्वकर्मीझांकनेतकनहींगया।

सुविखाबाबूगांवनिवासीमहावीरनेबतायाहरवर्षकीभांतिबाढ़राहतसामग्रीकेनामपरइसवर्षकुछनहींमिला।पशुचारेकेलिएदूसरीबारभूसामिलरहाहैजबकिसरकारबड़ी-बड़ीबातेंकररहीहै।गांवकीजमुनादेवीनेकहाबिजलीजातेहीगांवमेंअंधेराछाजाताहै।मिट्टीकातेलमिलतानहींहै।विषैलेजीवजंतुबिस्तरतकपहुंचजातेहैं।दसवींकेछात्ररामआशीषनेबतायाकिदोबजेस्कूलसेछुट्टीहोनेकेबादतटबंधपरनावकेलिएएकघंटेइंतजारकरनापड़ताहै।एकहीनावहै,जिससेलोगोंकोआनेजानेमेंदिक्कतहोरहीहै।

नवींकेछात्रअमितनेकहासुबहहीघरसेबिनाखाएनिकलनापड़ताहै।कभी-कभीनावभीछूटजातीहै।स्कूलआनाजानामुश्किलहोरहाहै।

नाविकरामभवनराजभरऔरमंगलनिषादनेबतायाप्रशासनकीतरफसेनावलगादीगईहैलेकिनमेहनतानाबाढ़समाप्तहोनेकेबादमिलनेकाआश्वासनदियाजारहाहै।पिछलेसालकाभीपारिश्रमिकउनकोनहींमिलाहै।