मातृभाषा की प्रगति में सहायक बन रहे युवा

पीलीभीत,जेएनएन:तराईकेजिलेमेंअनेकयुवाहिदीकीप्रगतिकेलिएकामकररहेहैं।वेनसिर्फस्वयंहिदीकीरचनाएंकररहेबल्किविद्यार्थियोंमेंमातृभाषाकेप्रतिलगावबढ़ानेकेप्रयासभीकरतेरहेहैं।इसकेलिएवेहिदीमेंविभिन्नतरहकीप्रतियोगिताओंकाआयोजनकरातेहैं,जिससेविद्यार्थियोंकेबीचमातृभाषाकीलोकप्रियतामेंबढ़ोतरीहोसके।हिदीकोएकदिनकेबंधनमेंनबांधें

जिलाअस्पतालमेंसाइकोथेरेपिस्टकेपदपरकार्यरतडॉ.पल्लवीसक्सेनासाहित्यिकसंस्थाराष्ट्रीयकविसंगमकीजिलासंयोजिकाहैं।हिदीभाषामेंकविताएंलिखनेकेसाथहीविभिन्नसाहित्यिकगतिविधियोंकेआयोजनमेंनिरंतरसक्रियरहतीहैं।पल्लवीद्वारालिखीकविताएंकईपत्र-पत्रिकाओंमेंप्रकाशितहोचुकीहैं।मौलिकताजीवनकेयथार्थसेसंबंधितभावोंकोपिरोनेमेंप्रधानताहै।दैनिकजीवनमेंमरीजोंकीकाउंसलिगकरतेहुएजीवनकेमुद्देउनकाध्यानआकर्षितकरतेहैंजिसपरकविताएंलिखकरवहपाठकोंकोउनसमस्याओंसेरूबरूकरातीहैंवसीखभीदेतीहैं।डॉ.पल्लवीनेवार्ताकेदौरानकहाकिहिदीहमारीपहचानहै।हिदुस्तानकादिलहै।हिदीकोएकदिनकेबंधनमेंनबांधें।यहअपनेपनकीभाषाहै।प्रत्येकदिनहिदीदिवसकेरूपमेंमनाएं।हिदीसेजुड़ेंवलोगोंकोजोड़ें।यहप्रेमऔरभावनाकीभाषाहै।अपनीभाषाकेब्रांडएंबेसडरस्वयंबनें।खुदपरगर्वकरेंवहिदीपरगर्वकरें।लेखनकेमाध्यमसेहिदीकोबढ़ावादेरहेउमेश

शहरकेसनातनधर्मबांकेबिहारीरामइंटरकालेजमेंलिपिककेपदपरकार्यरतउमेशत्रिगुणायतकोहिदीकविताकीरचनाकरनेकाशौकहै।वहकविसम्मेलनोंकेमंचकेमाध्यमसेहिदीकोबढ़ावादेतेहुएउसकीप्रगतिकेलिएप्रयासरतरहतेहैं।बातचीतकेदौरानबतातेहैंकिछात्रजीवनमेंहीकविताएंलिखनाशुरूकरदियाथा।बीचमेंकुछसमयलेखनकार्यमंदपड़गयालेकिनवर्ष2018सेलगातारकविसम्मेलनोंकेमंचपरसक्रियताबनाएहुएहैं।उनकाकहनाहैकिनईपीढ़ीमेंहिदीकेप्रतिरुचिबढ़े,इसकेलिएविद्यार्थियोंकेबीचविभिन्नतरहकीप्रतियोगिताएंकरातेरहतेहैं।त्रिगुणायतकाकहनाहैकिव्यक्तिमातृभाषाकेमाध्यमसेअपनीभावनाओंकोजितनेप्रभावीढंगसेव्यक्तकरसकताहै,उतनाकिसीअन्यभाषाकेमाध्यमसेनहींहोसकताहै।बच्चोंमेंमातृभाषाकासंस्कारबढ़ारहेसचिनजैसवार

शहरकेमुहल्लाहोलीचौराहानिवासीसचिनजैसवारपेशेसेव्यवसायीहैंलेकिनहिदीसेवाकाकार्यपिछलेलगभगडेढ़दशकसेकररहेहैं।उन्होंनेअंग्रेजीसाहित्यमेंस्नातककियाहैलेकिनहिदीसाहित्यकेप्रतिखासाजुड़ावरखतेहैं।उनकीहिदीकविताएंगोष्ठियोंवकविसम्मेलनोंमेंखूबपसंदकीजातीहैं।दरअसलवहहिदीगजलकारहैं।बातचीतकेदौरानसचिनकहतेहैंकिकालेजकेदिनोंसेहीहिदीमेंकविताएंलिखनाशुरूकरदियाथा।बच्चोंमेंहिदीकेप्रतिलगावबढ़ानेकेलिएवहसंस्कारभारतीसंस्थासेजुड़ेहुएहैं।संस्थाकेमाध्यमसेविद्यार्थियोंकेबीच,हिदीनिबंध,वाद-विवादप्रतियोगिताआदिकरातेरहतेहैं।सचिनकामाननाहैकिलोगोंकोअपनेदैनिककार्यव्यवहारमेंहिदीकाहीप्रयोगकरनाचाहिए।विदेशीभाषाज्ञानप्राप्तकरनातोठीकलेकिनउसकेमोहमेंनहींफंसनाचाहिए।अपनीमातृभाषाकेप्रतिमनमेंगौरवकाभावहोनाचाहिए।