मातृ-पितृ वंदन कार्यक्रम : बुजुर्ग बोझ नहीं बल्कि परिवार की अमूल्य धरोहर : विजय कुमार

गुरुग्राम(आदित्यराज)।राष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघकीहरियाणाइकाईकेप्रांतप्रचारकविजयकुमारनेकहाकिबुजुर्गबोझनहींबल्किअमूल्यधरोहरहैं।पश्चिमसभ्यता-संस्कृतिसेप्रभावितहोकरकुछलोगबुजुर्गोंकोबोझसमझनेलगेहैं।माता-पिताकेप्रतिसम्मानमेंकमीकरनेलगेहैं।यहअच्छासंकेतनहीं।समाजकोइसविषयपरगंभीरतासेविचारकरनाहोगा।यहमानकरचलनाचाहिएकिपरिवारहीताकतहै।परिवारकीमजबूतीकेलिएमाता-पिताकासम्मानआवश्यकहै।उनकासम्मानकरकेहीहमनकेवलऊंचाईकोप्राप्तकरसकतेहैंबल्किअसलीसुखकीअनुभूतिकरसकतेहैं।

प्रांतप्रचारकविजयकुमाररविवारकोहिंदूआध्यात्मिकएवंसेवासंस्थान(एचएसएसएफ)कीहरियाणाइकाईद्वाराआयोजितमातृ-पितृवंदनकार्यक्रमकाेरोहतककार्यालयसेआनलाइनसंबोधितकररहेथे।कार्यक्रमकासंचालनगुरुग्रामजिलेकेगांवबंधवाड़ीमेंअर्थसेवियर्सफाउंडेशनद्वारासंचालितआश्रमसेकियागया।उन्होंनेकहाकिपूरीदुनियामेंभारतकीपहचानबुजुर्गोंवमाता-पिताकेसम्मानकोलेकरभीहै।अतिथिदेवोभवकीपरंपराअपनीसंस्कृतिहै।पश्चिमसभ्यता-संस्कृतिकेप्रभावमेंआकरअपनीसभ्यता-संस्कृतिकोभूलनाआनेवालेसमयमेंघातकसाबितहोगा।

राष्ट्रकीमजबूतीकेलिएअपनीसभ्यतावसंस्कृतिकोमजबूतीपरजोरदेनाहोगा।हिंदूआध्यात्मिकएवंसेवासंस्थानकेराष्ट्रीयसंयोजकगुणवंतसिंहकोठारीनेभीअपनेविचाररखे।कार्यक्रममेंविशिष्टअतिथिकेरूपमेंअर्थसेवियर्सफाउंडेशनकेअध्यक्षरविकालराशामिलहुए।कार्यक्रमकेसंयोजकभूमिकाशिक्षाविद्डा.अशोकदिवाकरनेनिभाई।

कार्यक्रममेंप्रदेशके2500परिवारोंकेलगभग12000सेअधिकलोगोंनेहिस्सालिया।मंचसंचालनहिंदूआध्यात्मिकएवंसेवासंस्थानकीहरियाणाइकाईकेसचिवप्रदीपशर्मानेकिया।कार्यक्रमकेआयोजनमेंप्रो.लोकेशशर्मा,कर्नल(रिटा.)जेकेसिंह,सुजातागुण,नरोत्तमवर्ष,संदीपशर्माआदिनेभीविशेषभूमिकानिभाई।इसमौकेपरआश्रमके30बुजुर्गोंकासम्मानभीकियागया।

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