Lockdown: रफ्ता रफ्ता ही सही पर फिर से घूमने लगा जिंदगी का पहिया...

झारखंड,प्रदीपशुक्ला।कोरोनाकेबादराज्यमेंक्याहालातहोंगे,बेशकइसपरअभीकोईभविष्यवाणीनहींकीजासकतीहै,लेकिनइतनाजरूरकहाजासकताहैकिमुश्किलोंकादौरलंबाचलनेवालाहै।आर्थिकमोर्चेकेसाथ-साथराजनीतिकऔरसामाजिकसमीकरणोंमेंकाफीबड़ीउथल-पुथलदेखनेकोमिलसकतीहैऔरइसकेपरिणामकाफीदूरगामीहोंगे।शायदमुख्यमंत्रीहेमंतसोरेनकोइसकाअंदाजाभीहै।वहआर्थिकमोर्चेपरआनेवालीचुनौतियोंकोतोखुलकरबयांकररहेहैं,लेकिनअन्यदोपरचुपहैं,परंतुउनकीगठबंधनसरकारमेंसहयोगीकांग्रेसआक्रामकहै।

वहकेंद्रपरलगातारनिशानासाधरहीहैतोविपक्षमेंबैठीभाजपाकहांचुपरहनेवालीहै।प्रवासीमजदूरोंकीअनदेखी,कोटामेंफंसेछात्रोंकीसकुशलवापसीसहितकईअन्यमुद्दोंपरराज्यभाजपाकेनेताएकदिनकासांकेतिकउपवासकरसरकारकोचेताचुकेहैंकिजोलापरवाहियांकीजारहीहैंउसकेलिएजवाबतोदेनापड़ेगा।

कोरोनाकेकहरकेलिहाजसेदेखेंतोबीतासप्ताहराज्यकेलिएसुखदभीरहाऔरदुखदभी।राज्यमेंकोरोनापॉजिटिव54मेंसे13इसबीमारीसेजंगजीतचुकेहैं।यहकाफीअच्छेसंकेतहैं।दुखदयहरहाहैकिचारमरीजोंकोइसमहामारीनेलीललिया।रांचीकाहिंदपीढ़ीइलाकाजहांअभीतकसबसेज्यादामामलेआएहैं,वहांसख्तीबरतीगईहै।हाईकोर्टकेसंज्ञानलेनेकेबादपुलिस-प्रशासनकीतंद्राटूटीहै।प्रशासनिकसख्तीकेबादयहांकार्यकररहेस्वास्थ्यकर्मियोंकोकामकरनेमेंसहूलियतहुईहैबावजूदइसकेअभीयहांऔरकड़ेकदमउठानेकीजरूरतहै।

कुछलोगयहांसेनिकलकरराज्यकेकईहिस्सोंमेंपहुंचेहैं।कुछपकड़ेभीगएहैं।कुछपरमुकदमादर्जहुआहै।दूसरेहॉटस्पॉटबोकारोमेंनएमामलेआनेबंदहैं।यहभीराहतकीबातहै,लेकिनसिमडेगा,गढ़वाऔरदेवघरजिलामेंएक-एककोरोनापॉजिटिवसामनेआगयाहै।अबरांची,बोकारो,धनबाद,हजारीबाग,कोडरमा,सिमडेगा,गढ़वाऔरदेवघर,आठजिलोंमेंकोरोनाकासंक्रमणपहुंचचुकाहै।कोरोनाटेस्टकेमामलेमेंराज्यबहुतपीछेहै।संसाधनोंकाघोरअभावहै।हरस्तरपरलापरवाहीहोरहीहै।यहांतककिकोरोनाकीजांचकेलिएस्वाबलेनेकेबादभीकुछसंदिग्धोंकोघरभेजदियागयाऔरबादमेंवेपॉजिटिवपाएगए।इसपरस्वास्थ्यसचिवनेउपायुक्तोंकोनोटिसजारीकरजवाब-तलबकियाहै।

राज्यसेबाहरफंसेकरीबआठलाखमजदूरोंकीमुसीबतभीबढ़तीजारहीहै।राज्यसरकारनेघोषणाकीहैकिजरूरतकेहिसाबसेसभीमजदूरोंकोएकसेदोहजाररुपयेदिएजाएंगे।इसकेलिएविधायकोंकीनिधिसेइंतजामकियागयाहै।मजदूरोंकोचुननेकाकामभीविधायकोंकोसौंपागयाहै।जितनीराशिकाइंतजामकियागयाहैउससेएकविधायकबारहसौसेकुछज्यादामजदूरोंकोहीधनराशिदेनेकीसिफारिशकरसकताहै,जबकिहरविधानसभाक्षेत्रमेंप्रभावितमजदूरोंकीसंख्याइससेबहुतज्यादाहै।ऐसेमेंवहधर्मसंकटमेंहैं।वहकिसेचुनेंऔरकिसेछोड़ें।राज्यसरकारनेइनमजदूरोंकोपंजीकृतकरनेकेलिएजोएपलांचकियाहैवहभीठीकसेकामनहींकररहाहै।

केंद्रसरकारनेअलग-अलगवर्गकेलिएजोघोषणाएंकीहैंउसकापैसालाभार्थियोंकेखातेमेंपहुंचरहाहै,लेकिनराज्यसरकारअभीतैयारीमेंहीजुटीहै।भाजपाकहरहीहै,हेमंतसोरेनफेलहोगएहैं।सरकारकेमंत्रीनाकामीछुपानेकेलिएकेंद्रकोकोसरहेहैं।दूसरेप्रदेशोंमेंफंसेमजदूरभूखसेपरेशानहैं।राज्यमेंभीसभीजरूरतमंदोंकोनराशनमिलपारहाहैऔरनहीभोजन।इन्हींसबमुद्दोंकोलेकरबुधवारकोराज्यकेभाजपानेताओंनेअपनेघरोंमेंएकदिनकाउपवासकरसांकेतिकरूपसेअपनाविरोधदर्जकरवायाहै।

इससबकेबीचबीसअप्रैलसेलॉकडाउनमेंकुछढीलदीगईहै।इससेग्रामीणअर्थव्यवस्थाकाचक्रकुछघूमाहै।मनरेगाकेकामशुरूहोनेसेमजदूरोंकेहाथमेंभीकुछपैसाआएगा।उद्योग-धंधोंकोपूरीतरहशुरूहोनेमेंकाफीसमयलगेगा।ग्रीनजोनमेंभीउद्यमीअपनाकारखानाखोलनेकोतैयारनहींदिखरहेहैं।इसकेपीछेदोप्रमुखकारणहैं,पहलासप्लाईचेनकाबाधितहोनाऔरउससेभीबड़ाहैराष्ट्रीयआपदाअधिनियमकेतहतलागूकड़ेकानून।ऐसेमेंकोईभीजोखिमलेनेकोतैयारनहींहै।कुछछोटेकामधंधेजरूरशुरूहुएहैंऔररफ्ता-रफ्ताहीसही,परजिंदगीकापहियाफिरसेघूमनाशुरूहुआहै।

[स्थानीयसंपादक,झारखंड]