कुषाण एवं गुप्तकालीन प्राचीन मूर्तियां और सिक्के मिलने के बाद मऊ डीएम ने पुरातत्व विभाग को लिखा पत्र

मऊ,जेएनएन।मुहम्मदाबादगोहना  तहसीलकेमाहपुरगांवमेंस्थितगढ़वाकोटकीखोदाईकेदौरानमिलीकुषाणवगुप्तकालीनप्राचीनमूर्तियोंऔर128ताम्रमुद्राओंपरशासन-प्रशासननजरगड़ाएहुएहै।जिलाधिकारीअमितसिंहबंसलनेशनिवारकीदेररातपुरातत्वविभागकोपत्रलिखकरअवगतकरादियाहै।निर्धारितस्थलकेउत्खननसेप्राचीनवस्तुएंमिलसकतीहैं।अभीतकटीममौकेपरनहींपहुंचीहैलेकिनकुषाणवगुप्तकालीनमूर्तियांवसिक्केमिलनेकेबादयहांकेलोगोंकीउम्मीदेंकरवटेंलेनेलगीहैं।फिलहालगढ़वाकोटकीखोदाईनेजिलाप्रशासनकेसाथ-साथपुरातत्वविदोंकीभीनींदउड़ाकररखदियाहै।शनिवारकोखोदाईकेदौरानप्राचीनसिक्केमिलनेकेबादपुलिसनेसारीरातजागकरगढ़वाकोटकीनिगरानीकी।गढ़वाकोटकीऐतिहासिकताकोलेकरक्षेत्रमेंतरह-तरहकीचर्चाएंव्याप्तहैं।इतिहासकेअलग-अलगकालखंडसेलोगइसकासंबंधजोड़रहेहैंतोकुछसैकड़ोंवर्षोंसेसुनीजारहीकिवदंतियोंसे।गढ़वाकोटकेगर्भमेंकौनसाराजदफनहै,इसेजाननेकीबेसब्रीअबहरकिसीमेंहै।फिलहालपुरात्वविभागकीटीमपरसभीकीनिगाहेंटिकीहुईहैं।

बतादेंकिपूर्वांचलएक्सप्रेसवेकेनिर्माणकेलिएइनदिनोंमिट्टीकीखोदाईकाकामक्षेत्रमेंचलरहाहै।शनिवारकोभीरोजकीतरहखोदाईचलरहीथी,तभीतांबेकेकुछसिक्केदिखाईदिए।जिलाधिकारीअमितङ्क्षसहबंसलकोजबइसकीजानकारीहुईतोवहभीमौकेपरपहुंचे।धीरे-धीरेकरके128तांबेकेसिक्के,मिट्टीकेबर्तन,टेरीकोटाकीमूर्तियोंकेटूटेअंशआदिमिले।जिलाधिकारीनेफौरनखोदाईकाकामरोकनेकानिर्देशदियाऔरउत्तरप्रदेशपुरातत्वनिदेशालयकोइसकीजानकारीदी।जिलाधिकारीनेयहसाफकरदियाहैकिपुरातत्वविभागकेनिर्देशनमेंहीमाहपुरगढ़वाकोटमेंखोदाईकरनेकाआदेशदियाजाएगा।बहरहालबड़ीसंख्यामेंमिलेसिक्कोंएवंमूर्तियोंसेगढ़वाकोटकेरहस्योंसेपर्दाउठनेकीउम्मीदक्षेत्रकेलोगोंमेंरोमांचपैदाकररहीहै।रविवारकीसुबहयहखबरजबआमहुईतोपूरेजनपदमेंचर्चाकाविषयबनगया।हरकोईउसस्थलतकपहुंचनेमेंलगाथा।यहीनहींसभीइसक्षेत्रकेइतिहासकोजाननेकेलिएबेसब्रीइंतजारकररहेहैं।यहीनहींकुछलोगमौकेपरपहुंचकरइसकीपड़तालभीकररहेहैंलेकिनप्रशासनकीनजरकीवजहसेवहांकोईफटकनहींपारहाहै।

प्रशासनिकउपेक्षासेअतिक्रमणकीजदमेंहैगढ़वाकोट

वर्ष1901केबंदोबस्तनक्शाकेमुताबिकगढ़वाकोटकाक्षेत्रफल66बीघामेंदर्शायागयाहै,जोअबसिमटकर16बीघापहुंचगयाहै।इसमेंताल29बीघा,छावनी12बीघा,कोट13बीघा,पोखरी12बीघा,भीटाचारबिस्वातथारास्ताचारबिस्वाहै।ग्रामीणोंकाकहनाहैकिगढ़वाकोटकीजमीनअतिक्रमणकीजदमेंहै।कोटपरदबंगोंकाकब्जाबढ़ताजारहाथालेकिनग्रामीणोंकीशिकायतोंपरध्याननहींदियाजारहाथा।

पुरातत्वविभागसेनियुक्तकियागयाथाचौकीदार

वर्ष2010मेंगढ़वाकोटपरपुरातत्वविभागकीटीमपहुंचीथी।गढ़वाकोटकेसंरक्षणकेलिएपुरातत्वविभागकाएकबोर्डभीलगायागयाथा,जिसेशरारतीतत्वोंनेउखाड़करफेकदिया।ग्रामीणोंकाकहनाहैकिपिछलेडेढ़माहसेचौकीदारगांवमेंनजरनहींआरहाहै।इससेप्रशासनकोअवगतकरादियागयाहै।फिलहालयहबातजिलाधिकारीकेसंज्ञानमेंहैं।

प्राचीनगढ़वाकोटकाअधिकांशभागकिसानोंकोपट्टा

गढ़वाकोटकेआस-पासकीजमीनकोकिसानोंकेनामकालांतरमेंपट्टाकरदियागयाथा।पट्टाजमीनअबकिसानोंकृषिकार्यकरतेहैं।ग्रामीणोंकाकहनाहैकिजिसस्थानपरआजकृषिकार्यकियाजारहाहै,वहकभीजंगलऔरकोटकाहीभागहुआकरताथा।

कोटपरहैदेवीकास्थान

गढ़वाकोटपरकुलसातकुआंपूर्वमेंथे,जिसमेंसेअबतीनहीबचेहै।विशालपोखराआजभीविद्यमानहै।कोटपरदेवीकाएकमंदिरहै,जिसकेनीचेबड़ीगुफाहै।ग्रामीणश्रद्धासेयहांदीपकजलातेहैंऔरपूड़ीकाप्रसादचढ़ातेहैं।

गढ़वाकोटकोलेकरचर्चितहैराजभरराजाकीकहानी

ग्रामीणएककहानीसुनातेहैंकियहस्थानकिसीराजभरराजाकाथा।राजभरराजानेकिसीक्षत्रियकन्यासेविवाहकरनेकाप्रस्तावभेजा,जिसेक्षत्रियकुलसेअस्वीकारकरदियागया।राजभरराजानेदबावबनायातोक्षत्रियकुलसेशर्तरखीगईकिराजाकोअपनेपरिवारकेसभीबच्चों,बुजुर्गोंएवंमहिलाओंकेसाथबरातलेकरआनाहोगा।कहतेहैंकिबरातमेंआएसभीलोगोंकोनशीलापदार्थखिलाकरहमेशाकेलिएखामोशकरदियागया।यहलोककथाओंमेंहै,जिसकीसत्यतासंदिग्धहै।यहभीकहाजाताहैकिराजभरराजापरिवारकेकुछलोगकोलकातामेंरहतेहैं।कुछवर्षपहलेयहांघोड़ेसेबंजारेकेरूपमेंआएथेऔर15दिनोंतकडेराडालेथे।वेकागजपरबनेनक्शेकेसहारेअंदरगुफामेंगएऔरवहांसेबेशकीमतीसामानलेकरचलेगए।

खजानेमेंसुरक्षितकरदीगईंमुद्राएंऔरमूर्तियां

शनिवारकोखोदाईकेदौरानएवंरविवारकोमूर्तियोंकेअंश,ताम्रमुद्राएंआदिजोभीसामानप्राप्तहुएउन्हेंएकबक्शेमेंबंदकरजिलामुख्यालयस्थितट्रेजरीमेंडबललाककेभीतरसुरक्षितकरदियागयाहै।जिलाधिकारीअमितबंसलनेकहाकिपुरातत्वविभागकेनिर्देशनमेंहीअबआगेकोईकार्रवाईकीजाएगी।

कौतूहलऐसाकिदूसरेदिनभीडटेरहेलोग

गढ़वाकोटकोदेखनेरविवारकोबड़ीसंख्यामेंआस-पासकेग्रामीणपहुंचे।हरकोईबसएकनजरगढ़वाकोटकोदेखलेनाचाहताथा।जिलाप्रशासनकीओरसेजिसभींटेकीखोदाईसेसिक्केनिकलेउसेबैरीकेडकरनेकीतैयारीकीजारहीहै।फिलहालगढ़वाकोटप्रशासनकीनिगरानीमेंहै।