करीब आए तो एकदूसरे का सुख-दुख पूछने लगे

सीतापुर:सुबहकेनौबजेहैं,सुजातपुरगांवमेंबड़ेलालमिश्रकेघरकेपासजामुनपेड़केनीचेचौपाललगीहै।शारीरिकदूरीकेसाथमॉस्कवगमछासेचेहराढकेयुवावबुजुर्गकुíसयोंपरचर्चाओंमेंलगेहैं।सुंदरलालशुक्ला,त्रिवेणी,रामजी,कैलाश,उस्मान,कासिमआदिबैठेथे।तभीनंदकिशोर,रामासरे,विशंभरभीपहुंचतेहैंऔरहाथजोड़करराम-रामबोलकरबैठजातेहैं।बातचीतकाकेंद्रकोरोनामहामारी,बचाव,जागरूकताकेसाथअर्थव्यवस्थावरोजगारकेमुद्देथे।

सुंदरलालनेकहासरकारनेकुछरियायतेंदीहैं,लेकिनहमारीजिम्मेदारीहैकिशारीरिकदूरी,मॉस्क,साफसफाईकेनियमोंकापालनकरतेरहें।महामारीसेबचावकेलिएजागरूकताऔरसतर्कताहीढालहै।महामारीनेहमसबकोकुछअच्छाइयांभीसिखादीहैं।इनकोअपनेआचरणमेंशामिलकरें।कासिमनेकहापहलेलोगोंकेपाससमयनहींहोताथा।महामारीनेएकदूसरेकेकरीबपहुंचादिया।वर्षोंबादहमसबएकजगहबैठकरएकदूसरेकेदुख-दर्दजानसके।प्रकृतिनेहमसबकोजोड़नेकायहसंदेशभीदियाहै।

गैरप्रदेशोंसेआए200मजदूर

पंजाब,दिल्ली,हरियाणा,चंडीगढ़,जम्मूमेंकामकररहे200मजदूरलॉकडाउनकेचलतेघरोंकोलौटे।सभीकोक्वारंटाइनकरायागया।राशनकिटदीगई।यहलोगस्थानीयस्तरपरमजदूरीकरनेलगेहैं।कुछमनरेगामेंभीकामकररहेहैं।मजदूररामकुमारवबाबूनेबतायाकिवहअबबाहरनहींजाएंगे।गांवमेंबहुतकाममिलेगा।बाहरसेपैदलआए,यहजीवनमेंकभीभूलेगानहीं।सूफियाकोमिलाईदकातोहफा

सुजातपुरनिवासीदिव्यांगकिशोरीसूफियाकोईदकेमौकेपरप्रधानरजनीमिश्रानेअपनेपाससेट्राइसाइकिलप्रदानकी।ईदकाउपहारपाकरसूफियाफूलीनहींसमाई।इकरारनेबतायाकिट्राइसाइकिलपाकरबेटीबहुतखुशहै।वर्जन-

कोरोनाकेप्रतिहरनागरिककोजागरूककिया।मनरेगासेमजदूरोंकोकामदियागयाहै।जरूरतमंदोंकोराशनवितरितकियाहै।लॉकडाउनमेंसभीकासहयोगरहा,जिससेसफलतामिली।

रजनीमिश्रा,प्रधानसुजातपुर