कोरोना संक्रमण के भय से बड़े पैमाने पर घरों को लौटने लगे प्रवासी

गोपालगंज:कोविड-19केबढ़तेसंक्रमणऔरदिल्लीतथामुंबईमेंलॉकडाउनकिएजानेकेबादएकबारफिरबड़ेपैमानेपरप्रवासियोंनेअपनेघरोंकारुखकियाहै।राहतकीबातयहहैकिइसबारउत्तरप्रदेशतथाबिहारमेंलॉकडाउननहींहोनेसेप्रवासीपैदलघरलौटनेकोमजबूरहोनेकीजगहबसों,ट्रकोंतथाछोटीवाहनोंसेअपनेघरोंकोलौटरहेहैं।विभिन्नप्रांतोंमेंकामकरनेवालेप्रवासीऑटो,पिकअपतथाअपनेनिजीवाहनोंसेभीअपनेघरोंकारुखकियाहै।बिहारआनेवालेप्रवासियोंमेंअधिकांशदिल्ली,महाराष्ट्र,हरियाणा,पंजाबतथाराजस्थानसेकामकरनेवालेशामिलहै।प्रतिदिनदोसौसेअधिकबसोंऔरसैकड़ोंनिजीसवारियोंसेलोगजिलेकीसीमासेहोकरअपनेघरोंकोजारहेहैं।हालांकिएनएच27परकुचायकोटप्रखंडकेबलथरीचेकपोस्टपरकिसीतरहकीकोईरोक-टोकयाजांचनहींहोनेकीवजहसेइसबारपिछलेजैसेहालातनहींहैं।जगह-जगहलाइनहोटलोंवढाबोंपरप्रवासियोंकीभारीभीड़भोजनपानीकेलिएजुटरहीहै।बिहारवापसआनेवालेप्रवासियोंकोएकबारफिरलंबेलॉकडाउनकाभयसतारहाहै।वहींकामकाजबंदहोनेसेरोजी-रोटीकासंकटइन्हेंवापसआनेकेलिएमजबूरकररहाहै।पिछलेलॉकडाउनकेपैदलघरलौटेथेसमस्तीपुरकेराममिलन

कुचायकोट(गोपालगंज):बससेजिलेकीसीमामेंपहुंचेसमस्तीपुरजिलेकेनिवासीराममिलनबैठापिछलेसाललॉकडाउनमेंदिल्लीसेपैदलहीअपनेघरपहुंचेथे।उसपीड़ाकोयादकरतेहुएराममिलनबतातेहैंकिपिछलीबारजबलॉकडाउनकीवजहसेपैदलघरपहुंचाथातोसोचाथाकिफिरवापसदिल्लीनहींजाऊंगा।लेकिनरोजी-रोटीकीसमस्यानेचारमहीनेपूर्वएकबारफिरदिल्लीजानेकोमजबूरकिया।दिल्लीपहुंचनेकेबादअभीकामकाजधीरे-धीरेशुरूहीहोपायाथाकिएकबारफिरकॅरोनाकेबढ़तेसंक्रमणनेजिदगीकोबदहालकरदिया।दिल्लीमेंलॉकडाउनलगनेकेबादकामधंधाबंदहोगया।यहलॉकडाउनकबतकचलेगा,इसकोलेकरसबकेमनमेंआशंकाहै।ऐसेमेंइनलोगोंनेएकबारफिरघरआनेमेंहीअपनीभलाईसमझी।राममिलननेबतायाकिबसमें55लोगोंकेबैठनेकीजगह100सेअधिकलोगइसबसमेंसवारहैं।किरायाभीज्यादादेनापड़ा।लेकिनघरपहुंचनेकेसुकूनसेयहपीड़ाकहींज्यादाभलीलगी।गाजियाबादकेएकफैक्ट्रीमेंकामकरनेवालेपूर्णियाकेमहेशशर्माअपनेकुछअन्यसाथियोंकेसाथएकपिकअपपरसवारहोकरवापसअपनेघरकेलिएनिकलेहैं।कुचायकोटमेंस्थितएकढाबेपररुककरयहलोगआगेकीयात्राकेलिएतैयारीमेंव्यस्तथे।महेशशर्मानेबतायाकिकॅरोनानेउनकीजिदगीकोबर्बादकरदियाहै।पिछलेएकसालवहऔरउनकापरिवारपूरापरिवारअव्यवस्थाकीस्थितिझेलरहाहै।पिछलेलॉकडाउनमेंकिसीतरहएकसप्ताहकीयात्राकेबादवहघरपहुंचेथे।उन्होंनेबतायाकिपिछलीबारबलथरीचेकपोस्टतकउन्हेंपैदाआनापड़ाथा।यहांसेप्रशासनद्वाराबससेउन्हेंउनकेघरतकपहुंचायागयाथा।इसबारऐसीनौबतनहींआए,इसकोलेकरदिल्लीमेंलॉकडाउनहोनेकेबादकुछदोस्तोंकेसाथभाड़ेपरएकपिकअपलेकरअपनेघरकोजारहेहैं।उनकाकहनाथाकिगाजियाबादमेंस्थितिबदसेबदतरहै।कामधंधेबंदहैऔरजांचमेंबड़ेपैमानेपरलोगकोरोनासंक्रमितमिलरहेहैं।नतोकोईइलाजकीव्यवस्थाहैऔरनाहीरोजीरोजगार।ऐसेमेंवहलोगअपनेघरोंकोपहुंचनेमेंहीभलाईसमझरहेहैं।वहींमहाराष्ट्रकेनासिकसेअपनीनिजीकारसेअपनेघरसिवानजारहेनवीनसिंहनेबतायाकिनासिकमेंस्थितिबदतरहोचुकीहै।कोरोनासंक्रमणइतनाबढ़गयाहैकिकिसीभीअस्पतालमेंजगहनहींहै।लॉकडाउनकेचलतेकामधंधेभीबंदहै।पिछलेसालभीलॉकडाउनकेचलतेभारीमशक्कतकेबादवहघरपहुंचपाएथे।ऐसेमेंइसबारसमयरहतेउन्होंनेपरिवारकेसाथनासिकसेअपनीकारसेअपनीयात्राघरकेलिएप्रारंभकरदी।इनलोगोंकीतरहहीपिछलेतीनचारदिनमेंएनएच27होकरवाहनोंमेंसवारहोकरभारीसंख्यामेंप्रवासियोंकेबिहारवापसलौटतेकासिलसिलातेजहोगयाहै।