कोरोना को हराने के लिए मीरजापुर में प्रभु श्रीराम को बनाया सहारा, लिख चुके हैं 13 करोड़ 20 लाख बार राम का नाम

मीरजापुरसतीशरघुवंशी।कोरोनाकाभयदूरकरनेकेलिएहरकोईनुस्खेअपनारहाहै,लेकिनरामभक्तोंनेअपनीआस्थाकोहीकोरोनाकेखिलाफसबसेबड़ाहथियारबनाया।विंध्याचलस्थितप्रभुश्रीरामबैंकके41हजारखाताधारकोंने12हजारकापियोंमें13करोड़20लाखबाररामनामलिखा।रामनामलिखनेकेबादखाताधारकइनकापियोंकोश्रीरामबैंकमेंजमाकररहेहैं।भक्तोंकाकहनाहैकिरामनामलिखनेसेमनकाेशांति,संतुष्टि,विश्वास,हाैसलाऔरअसीमऊर्जामिलतीहै।

रामभक्तकहतेहैंकिलालरंगकीस्याहीसेश्रीरामकानामलिखनेसेहनुमानजीप्रसन्नहोतेहैं।अशुभग्रहोंकेप्रकोपसेराहतमिलतीहै।इसकेअलावामनएकाग्रहोताहैऔरस्मरणशक्तिमेंवृद्धिहोतीहै।रामसबकीचेतनाकासजीवनामहै।प्रभुश्रीरामभक्तोंकेहृदयमेंवासकरसुख-सौभाग्यवआनंदप्रदानकरतेहैं।कोरोनामहामारीकेदौरमेंभगवानरामकानामलोगोंकेलिएबड़ासहाराबनाहै।रामनामलिखनेकेलिएतमामरामभक्तश्रीरामबैंकसेपासबुक(पुस्तिका)मुफ्तमेंलेजारहेहैं।जनपदहीनहीं,देशकेविभिन्नप्रांतोंकेलोगभीरामनामलिखनेकेलिएपुस्तिकाकोरियरसेमंगातेहैं।एककापीपर11हजारबाररामनामलिखनेकेबादरामभक्तहनुमानजीकेबारहनामकाग्यारहबारजपकरतेहैं।श्रीरामबैंककेसंस्थापकमहेंद्रपांडेयनेबतायाकिकोरोनाकालमेंअबतक12हजाररामनामपूंजीबैंकमेंजमाहुईहै।बैंकमेंकुल41हजारखाताधारकहैं।गीताप्रेस,दिल्लीवहरिद्वारकीपुस्तकेंभीरामभक्तयहांलाकरजमाकरतेहैं।रामनामलिखनेकेलिएप्रभुश्रीरामबैंकसेपुस्तकवलालकलममुफ्तमेंदीजातीहै।

कोरियरसेभीभेजीजातीहैंपुस्तिकाएं

विंध्याचलमेंप्रभुश्रीरामबैंकमेंरुपयेनहीं,बल्किश्रीरामनामरूपीधनजमाकियाजाताहै।अगरकोईसहयोगकरनाचाहतातोश्रीरामबैंककेसदस्यश्रीरामनामकीपुस्तिकाछपवाकरसहयोगप्राप्तकरतेहैं।रामनामलिखनेकेलिएदूरदराजकेभक्तोंकोभीकोरियरसेपुस्तिकाभेजीजातीहै।श्रीरामबैंककाबूढ़ेनाथमेंएकऔरब्रांचहै।यहांसेभीलोगपुस्तकलेरहेहैं।कुछभक्तयहांरखेदानपात्रमेंपुस्तिकाछपवानेकेलिएदानदेजातेहैं।

-महेंद्रकुमारपांडेय,संस्थापकसदस्य

प्रभुश्रीरामबैंकसेजुड़करनौपुस्तिकाएंलिखचुकाहूं

कोरोनाकालमेंजनवरीसेहीमैंप्रभुश्रीरामबैंकसेजुड़करनौपुस्तिकाएंलिखचुकाहूं।सुख-शांतिकेसाथहीमनएकाग्ररहताहै।जबहमरामकानामलिखतेहैंतोभगवानकीछविसामनेरहतीहै।सुबहपूजा-पाठकेसमयमेंभगवानकेसमक्षबैठकररामकानामलिखतेहैं।कोरोनाकालमेंरामनामलिखनेवस्मरणकरनेसेआनंदकीअनुभूतिकेसाथऊर्जामिलतीहै।

-प्रो.शशिधरशुक्ल,शिक्षकमीरजापुर

पिछलेतीनवर्षोंसेरामनामलिखतेआरहेहैं

पिछलेतीनवर्षोंसेरामनामलिखतेआरहेहैं।इससेउन्हेंमानसिकशांतिवऊर्जामिलतीहै।भक्तिमार्गपरप्रगतिकरनेकीयहअद्भुतकलाहै।रामनामलिखनेसेमननहींभटकताहै।ध्यानलगताहैऔरसंतुष्टिमिलतीहै।मैंसिंगरौली,नासिक,धर्मकेश्वर,बटुकहनुमानवअप्पामंदिरकेपुजारीसमेततमामलोगोंकोभीपुस्तिकामंगाकरउपलब्धकराताहूं।

-कुलदीपसिंहसन्नी,सिंगरौलीमध्यप्रदेश

कोरोनाकालमें35पुस्तिकाओंपररामनामलिखीहूं

डेढ़वर्षोंसेरामकानामलिखरहीहूं।कोरोनाकालमें35पुस्तिकाओंपररामनामलिखीहूं।बेटीदिशाबिहानीभीखालीसमयमेंरामनामलिखतीहै।इससेमनकेविचारबदलनेकेसाथहीस्वभावमेंभीबदलावहोताहै।कईलोगमिलकरप्रेसमेंकापीछपवाकरबांटतेभीहैं।कोरोनाकालमेंरामनामकेअलावाकुछसोचनाकामौकानहींमिलताहै।रामनाममेंबहुतशक्तिहै।मनकोशांतिवसंतुष्टिमिलनेकेसाथहीसकारात्मकसोचबनीरहतीहै।-स्मिताबिहानी,व्यवसाई,बूढ़ेनाथमीरजापुर

रामकानामहीएकमात्रसहाराहै

रामकानामहीएकमात्रसहाराहै।जन्मवमरणकेसमयभीप्रभुरामकाहीनामलेतेहैं।ऐसेमेंअभीसेरामकानामलेनेसेभटकावनहींहोताहै।ऐसेमेंमैंरामनामलगातारलिखतारहताहूं।मनमेंशांतिवआत्मिकसंतुष्टिहोतीहै।कोरोनाकालमेंट्यूशनबंदहोनेकेबादअबरामकानामलिखनाहीसहाराहै।ऐसेहालातमेंअपनीदाल-रोटीचलरहीहैतोरामकेहीसहारे।बिहार,दिल्ली,सोनभद्र,सासाराम,गया,वमुंबईतककेलोगोंकोपुस्तिकाकोरियरसेभेजतेहैं।-शिवरामशर्मा,शिक्षकमीरजापुर

रामकानामलिखनेसेअपारआनंदकीअनुभूतिहोतीहै

रामकानामलिखनेसेअपारआनंदकीअनुभूतिहोतीहै।रामनामहीएकअधारहैजोमन,बुद्धिवशरीरकोएकाकारकरदेताहै।रामनामलिखतेसमयलगताहैकिभगवानकोपत्रलिखरहाहूं।रामकीप्रेरणामेंआनेसेएकनशासाहोगयाहै।कोरोनाकालमेंरामकानामलिखनेसेसंबलमिलताहै।भौतिकयुगमेंअध्यात्मसेहीकोरोनाकाभयनष्टहोसकताहै।अबतक30लाखरामकानामलिखचुकेहैं।इससेज्यादालोगोंकोकापियांबांटचुकेहैं।

-नंदलालचौरसिया,व्यवसाई,मीरजापुर