किसानों को सहारा दे रहे रेशम के कोकून

महराहगंज:नौतनवाविकासखंडकेरतनपुरगांवमेंवर्ष1980मेंस्थापितराजकीयरेशमफार्म100सेअधिककिसानोंकेआयकाप्रमुखसाधनबनाहै।रेशमकेअंडोंसेनिकलेलारवाकोशहतूतकीपत्तियांखिलाकरकोकूनबनानेतककीदेखभालकरकिसानप्रतिवर्ष20से25हजाररुपयेअर्जितकररहेहैं।

करीब12एकड़क्षेत्रफलमेंफैलेरेशमफार्मकीभूमिपरकिसानशहतूतकापेड़लगानेमेंमददकरतेहैं।जबशहतूतमेंपत्तियांआजातीहैं,तोरेशमविभागकेकर्मीकिसानोंकोरेशमकीटकाअंडावएकविशेषबाक्सदेतेहैं।जिन्हेंकिसानअपनेघरलेजातेहैं।अंडोंसेलारवानिकलतेहीकिसानफार्मपरआकरशहतूतकीपत्तियांतोड़करलेजातेहैं।जिसेविशेषबाक्समेंरखेलारवाकोखिलातेहैं।जबलारवाकोकूनमेंबदलजाताहैतोकिसानउससेनिकलेरेशमकोफार्मपरलेजाकरतौलदेतेहैं।

रेशमकेकिस्मकोदेखतेहुएकिसानोंको300से500रुपयेप्रतिकिग्राभुगतानमिलताहै।फार्मकेकेयरटेकरवकिसानछोटेलालनेबतायाकिपीलेपड़ेकोकूनसेनिकलेरेशमका300वहल्केलालहुएउन्नतकिस्मकेकोकूनसेनिकलेरेशमके500रुपयेप्रतिकिग्रामिलतेहैं।किसानोंनेकहाकिफार्ममेंप्रतिवर्ष10-12क्विंटलरेशमउत्पादनहोजाताहै,जिनकीखरीददारीकेलिएदूर-दूरसेव्यापारीआतेहैं।

रेशमकाउत्पादनफार्ममेंमौजूदपत्तियोंपरनिर्भरकरताहै।इसवर्षमार्च-अप्रैलमेंशहतूतकीपत्तियांउगनेलगेंगी।इसकेबादकिसाननिरंतरपत्तियांवअंडेलेजानेकासिलसिलाशुरूकरेंगे।