खुद को संभाला, औरों के भी बने पतवार

प्रतापगढ़:वक्तजबसाथनदेतोबहुतसेलोगटूटजातेहैं।कुछऐसेभीहोतेहैंजोऐसेहालातमेंखुदभीसंभलतेहैंऔरदूसरोंकेनावकीभीपतवारबनतेहैं।छोटाहीसही,परजरूरतमंदलोगोंकोनियोजनकाप्लेटफार्मदेनेकीकईमिसालइसजिलेमेंहैं।उनकीकवायददूसरोंकेलिएरोजगारकाजरियाबनगई।ऐसेहीहैंसालभरपहलेगांवसेशहरमेंमजदूरीकरनेकेलिएआनेवालेविनोद।

जिलेकेरानीगंजक्षेत्रकेमेंडुआडीहगांवकेविनोदकुमारयादवकीकमाईमेंपरिवारकाखर्चनहींचलपाताथा।बादमेंजुटाएगएकुछपैसेवअपनेरिश्तेदारोंसेकुछउधारलेकरआंवलेकाउत्पादबनानेकाछोटासाकारोबारशुरूकिया।कड़ीमेहनतवलगनसेसालभरमेंउनकाव्यापारतेजीसेफैलनेलगा।उन्होंनेगांवकेदर्जनभरसेअधिकगरीबलोगोंकोरोजगारभीदेरखाहै।पहलेआयनहोनेसेबेटेआर्यनयादववबेटीसिच्जावऋचाकीपढ़ाईप्रभावितहोरहीथी।विनोदनेपत्नीसेबातकरकेदिसंबर2018मेंअचानकआंवलेकाउत्पादतैयारकरनेकानिर्णयलिया।कुछअपनेपासरखेपैसेवरिश्तेदारोंसेउधरलेकरपहलेआंवलाखरीदा।इसकेबादछोटेपैमानेपरउसकाउत्पादतैयारकिया।आंवलेसेकैंडी,चूरन,लड्डू,बर्फी,अचारआदिबनाया।गांवकेलोगोंकोजानकारीहुईतोथोड़ा-थोड़ाउत्पादखरीदा।टेस्टकियातोलोगोंकोयहउत्पादभागया।जबसाराउत्पादबिकगयातोबड़ेपैमानेपरकामकरनाशुरूकिया।फिरक्याधीरे-धीरेकरकेआंवलेकाउत्पादजौनपुर,रायबरेली,प्रयागराज,उन्नाव,गाजियाबादसहितअन्यजगहोंपरजानेलगा।इनदिनोंप्लांटमेंगांवकेहीदर्जनभरलोगोंकोरोजगारमिलगया।गांवकेलोगमनचाहीमजदूरीपानेसेवहखुशहैं।पहलेथेप्राइवेटशिक्षक

विनोदपहलेक्षेत्रकेइंटरकालेजमेंप्राइवेटशिक्षकथे।वहांसेतीनहजाररुपयेपढ़ानेकेएवजमेंमिलतेथे,लेकिनइसपैसेसेउनकाखर्चनहींचलपाताथा।उन्होंनेशिक्षककीनौकरीछोड़करव्यापारकरनेकीतैयारीकरनेलगे।इनकोमिलारोजगार

आंवलेकेउद्योगलगानेसेगांवकेअमरबहादुर,धर्मेद्रकुमार,आरतीदेवी,विनयकुमार,अजयकुमार,निशादेवी,जयश्री,पुष्पाकोरोजगारमिला।इसकेअलावाकुछअन्यलोगोंकोभीविनोदरोजगारदेकरआत्मनिर्भरबनारहेहैं।ट्राईसाइकिलकेव्यवसायसेबदलीतकदीर

प्रतापगढ़:मेहनतमजदूरीकरनेवालीसमूहकीमहिलाएंस्वयंसहायतासमूहसेजुड़करगरीबीकोमातदेरहीहैं।खुदकेअलावावहदूसरोंकोभीआत्मनिर्भरबनारहीहैं।इसव्यवसायसेउनकीअच्छीआयहोरहीहै।जिलेकेबाबाबेलखरनाथधामब्लाककेरतनमईगांवकीआशादेवीनेछहमाहपहलेराष्ट्रीयग्रामीणआजीविकामिशनसेजुड़करसमूहबनाया।वहबेबीट्राईसाइकिलबनानेकेलिएफ्रेम,पहिया,मुठिया,सीट,नट-बोल्टआदिउपकरणदिल्लीसेमंगातीहैैं।एकबेबीट्राईसाइकिलतैयारकरकेउसेबचनेपर150रुपयेकीबचतहोतीहै।इसव्यवसायसेमहिलाएंविकासकीइबारतलिखरहीहैं।इसव्यवसायसेउनकापरिवारखुशहालहै।खासबातयहहैकिगांवकीसवितासिंह,रेखादेवी,रुचिसिंहकोभीरोजगारमिलगयाहै।यहमहिलाएंआशाकासहयोगकरतीहैं।इसकेएवजमेंउनकोमजदूरीमिलतीहै।ब्लाककेमिशनप्रबंधकरविप्रसादतिवारीमहिलाओंकोसमय-समयपरप्रशिक्षितकरकेउनकासहयोगकरतेहैं।जैविकखेतीसेजीवनमेंआयानिखार

मानधाताब्लाककेगंभीरागांवकीनीलमरासायनिकखादसेदूरीबनाकरगोबरकीखादसेखेतीकरनेलगीं।इनदिनोंनीलमअपनेखेतमेंगोभी,पालक,टमाटर,मूली,मेथीजैसीअन्यसब्जियांतैयारकररहीहैं।वहआसपासकेबाजारमेंइसेबेचतीहैं।इससेउनकोअच्छीखासीआयहोरहीहै।यहदेखगांवकीममतासिंह,ऊर्मिलासहितअन्यमहिलाएंजैविकखेतीकरकेगरीबीकोमातदेरहीहैं।गांवकीपिकी,अर्चनासहितअन्यकोभीरोजगारदियाहै।जैविकखेतीसेमहिलाओंकेजीवनमेंनिखारआगया।