कभी गांव सुंगरपुर दूसरों की बुझाता था प्यास आज खुद है प्यासा

प्रवीणसांगवान,तोशाम:तीनदशकपहलेतकआसपासकेदर्जनभरगांवोंकीप्यासबुझानेवालाकैरूखंडकागांवसुंगरपुरआजखुदप्यासाहै।अबइसगांवमेंनतोसिचाईकापानीहैऔरनपेयजलहै।भीषणगर्मीमेंगांवकेजलघरकेटैंकखालीहैं।गांवमेंजमीनकेनीचेकापानीखाराहोनेकेकारणसिचाईकेलिएमाइनरोंपरहीनिर्भरहै।जलघरमेंबनाबोरवेलकोपानीभीखाराहैऔरपूरागांवखारापानीपीनेपरमजबूरहोरहाहै।पीनेकेपानीकेलिएग्रामीण800रुपयेकाटैंकरमंगवाकरअपनीप्यासबुझारहेहैं।

ग्रामीणकृष्णवर्मा,अश्वनीतंवर,दयानंद,रवितंवर,पूर्वसरपंचअशोककुमार,श्रवणतंवरआदिनेबतायाकिगांवकेजलघरमेंदोपानीकेटैंकहैं।निगानानहरसेपानीकीसप्लाईजलघरमेंहोतीहै,लेकिननहरमेंपानीनहींआनेकेकारणजलघरकेटैंकसूखेपड़ेहै।

गांवसुंगरपुरमें70केदशकसेहीजलघरबनाहुआहैऔरपहलेढ़ाणीमाहूमाइनरसेपानीइसजलघरतकआताहै।इसमाइनरमेंकमपानीआनेकेकारणअबनिगानानहरसेपाइपलाइनजोड़दीहै।नहरमें42दिनोंमेंपानीआताहैवोभीपूरानहींआताहैऔरजलघरतकपूरापानीनहींआपाता।जलघरमेंपानीसिर्फ10से12दिनोंतकहीचलताहै,बादमेंबोरवेलकाखारापानीसप्लाईहोताहै।

गांवसुंगरपुरकाजलघरतत्कालीनमुख्यमंत्रीचौ.बंसीलालद्वारा1972मेंबनवायागयाथा।जलघरमेंबनीपानीकीऊंचीटंकीसेक्षेत्रकेदर्जनभरगांवमेंपानीकीसप्लाईहोतीथी।गांवआलमपुर,धारवानबास,देवराला,ईंदीवाली,लाडियावाली,कैरू,ढ़ाबढ़ाणी,लालावास,पोकरवास,शिमली,मनसरवासगांवमेंपानीकीसप्लाईहोतीथीऔरग्रामीणपानीपीतेथे,लेकिनअबसुंगरपुरखुदहीप्यासाहै।