कब तक होती रहेगी भारत में जोड़तोड़ की राजनीति

[कमलेशपांडे] कर्नाटकविधानसभाचुनावमेंकिसीभीदलकोस्पष्टबहुमतनहींमिलनेसेभलेहीकांग्रेस-जेडीएसगठबंधनकीसियासीकिस्मतचमकउठीहै,लेकिनस्पष्टबहुमतसेमहजआठसीटोंकीकमीकेचलतेजिसतरहसेसूबेकीसबसेबड़ीपार्टीभाजपाबड़ेहीबेआबरूहोकरसत्तासेबाहरहोजानेकोविवशहुईऔरक्रमश:दूसरे-तीसरेस्थानोंपररहीपार्टियोंकेअवसरवादीगठजोड़यानीकांग्रेसऔरजेडीएसनेसरकारबनानेकीचहलकदमीशुरूकरदीहैउसकेमद्देनजरजनादेशबनामबहुमतवालेअंकगणितकासवालएकबारफिरसेव्यवस्थाकेसामनेमुखरहोचुकाहै।

यहीनहीं,उससेभीबड़ासवालयहहैकिक्याऐसेबनावटीबहुमतकीप्राप्तिकेलिएचुनावबादहोनेवालेदोयादोसेअधिकदलोंकेगठबंधनसेयहपूरालोकतंत्रमहजबनावटीलोकतंत्रनहींरहजाएगा?क्योंकिअस्पष्टजनादेशकीस्थितिमेंसरकारेंतोजोड़तोड़करअपनाकार्यकालपूराकरलेतीहैंयाफिरबदलजातीहैं,लेकिनवहजनहितनहींसधपाताजिसकेलिएयेसरकारेंबनती-बिगड़तीहैं।कहनेकातात्पर्ययहकिक्याऐसासियासीखेलयूंहीचलतारहेगायाफिरसंसदऔरसर्वोच्चन्यायालयमिलकरकुछऐसेमाकूलप्रबंधकरेंगेकिऐसीओछीनौबतभविष्यमेंनहींआए।

कांग्रेस-जेडीएस

कांग्रेस-जेडीएसकोयहबातनहींभूलनीचाहिएकिसदनयाउससेबाहरधर्मनिरपेक्षताबनामसांप्रदायिकताकेसवालपरजब-जबस्पष्टध्रुवीकरणहुआहै,तबतबभाजपासदनमेंहारकरभीउसकेबादहुएचुनावोंमेंपूरीमजबूतीसेउभरीहैऔरभारीमतोंसेजीतकरअपनीसरकारकईबारबनाचुकीहै।यहीवजहहैकिइसबारभीविश्वासमतहासिलकरनेकेमौकेपरसदनमेंयेद्दयुरप्पानेकिसानोंऔरकार्मिकोंआदिकीबातकरतेहुएसूबेकेसुलगतेहुएसवालोंकाजिक्रकिया।खैरफिलहालबहुमतकेआंकड़ोंकेखेलमेंजिसतरहसेमौलिकजनादेशकीमूलभूतभावनाओंकाअपमानहुआहै,उसनेअवसरवादीऔरधर्मनिरपेक्षसियासीताकतोंकीकलईहीखोलदीहै।क्योंकिचुनावमेंतोवेएक-दूसरेकोलांछितकरतेहैं,लेकिनचुनावबादसत्तामेंआनेकेलिएएकजुटहोजातेहैं।

भटकचुकीहैराजनीति

नि:संदेहहालियाघटनाक्रमइसबातकीस्पष्टचुगलीकररहेहैंकिताजादिशानिर्देशोंसेनकेवलराज्यपालपदकीगरिमाघटीहै,बल्किआनेवालेदिनोंमेंहोनेवालेसियासीनाटकोंमेंभीन्यायिकहस्तक्षेपबढ़ेगा।जाहिरहैकिभारतीयराजनीतिअपनेमूलउद्देश्यसेभटकचुकीहैऔरमहजसत्ताप्राप्तिकेलिएअनैतिकजोड़तोड़कोबढ़ावादे-दिलारहीहै।बहरहालजनमानसकीबेचैनीऔरबेसब्रीगौरकरनेकेलायकहोयानहो,लेकिनसत्ताप्रतिष्ठानोंकीमारामारीऔरआपाधापीउन्हेंपूरीतरहसेबेनकाबकरचुकीहै।