कौमी एकता के प्रतीक बाबा हजरत सैय्यद अब्दुल अजीज शाह के दर पर माथा टेकने वालों की भर जाती झोलियां

धनबाद,जेएनएन:कौमीएकताकेप्रतीकहजरतसैय्यदअब्दुलअजीजशाहबाबा(रहम)केदरपरआस्थासेजोमाथाटेकतेहैंउनकीझोलियांभरजातीहैं।उनकादामनखालीनहींजाता।शायदकव्वालीकायेशेयरऐसेहीसुफीसंतोकेलिएलिखीगईहै।होकेमायूसतेरेदरसेकोईसवालीनहींगया।झोलियांभरगईसबकीकोईखालीनगया। यूंतोसुफीसंतोसाधुओंकेपासजातपातनस्लवधर्मकाकोईबंधननहींहोताहै।श्रद्धाकेसाथजोभीबाबाकेदरबारपरहाजरीलगातेहैंउनकीवेजरुरसुनतेहैं।बाबाकेमजारएअकदसएकताकेएकअनूठीमिसालहै।पिछले83सालोंसेसभीसंप्रदायकेलोगअकीदतकेसाथबाबाकेदरबारपरआतेहैं।श्रद्धाकेसाथमाथाटेकतेहैंऔरमन्नतेंमांगतेहैं।यूंतोसालोंभरबाबाकेमजारशरीफपरस्थानीयवबाहरश्रदालूआतेरहतेहैं।गुरुवारऔरशुक्रवारकोकाफीसंख्यामेंअकीदतमंददरबारपरआते हैंलेकिनउर्सकेमौकेपरश्रद्धालुओंकीभीड़ देखतेहीबनतीहै।सभीसंप्रदायकेलोगमिलकरबाबाकेउर्सकाआयोजनकरतेहैं।बाबाकेमजारएअकदसएकताकेएकअनूठीमिसालहै।उर्समेंगंगायमुनीतहजीबकीझलकदेखनेकोमिलती। उर्ससंपन्नकरानेमेंसभीलोगबढ़चढ़करअपनीअपनीभागीदारीनिभातेहैं।बाबायहांपरकैसेआयेयहकिसीकोपतानहींहै। लोगोंकीबातोंपरयकीनकियाजायतोबाबानेदोस्थानीयव्यक्तियोंकोख्वाबमेंदिखायाकिवहअपनेखादिमाकेसाथयहांपरलेटहुएहैं।उनदोनोंव्यक्तियोंनेबाबाकेदिखाईजगहपरकब्रबनाकरफातिहापढनाशुरूकरदिया।मुसलमानोंनेइसकाकड़ाविरोधकिया।उससमयलोथानामकएकपीर कोबुलायागया।उन्होंनेवहांपरएकबुजुर्गऔरउनकीखादिमाकेलेटेहोनेकीतस्दीककीतथाउनकानामसैय्यदअब्दुलअजीजशाह(रहम)बताया।इसकेअलावाएकऔरबातकहीजातीहैकिजहांपरमजारएअकदसहैवहांपरअंग्रेजोंकेद्वाराकोयलेकाउत्पादनकेलिएएकखदानकीखुदाईशुरूकराईगईथी इसबीचवहांपरएकबाबाआयेमजदूरोंकोखुदाईकरनेसेमनाकिया।कहाजाताहैकितीनबारमनाकरनेपरभीजबअंग्रेजोंनेखुदाईकरनेसेबाजनहींआयातोबगलमेंचलरहेखदानमेंभीषणआगलगगईजिसमेंकरीब124मजदूरोंकीमौतहोगई।तबअंग्रेजोंनेउक्तस्थानपरखुदाईबंदकरदी।मारेगएमजदूरोंकीयादमेंनौनंबरकेसमीपएकस्तूपभीबनाहुआहै।बाबाकेदरबारपरलोगोंकीमुरादेंपूरीहोनेलगीऔरदेखतेहीदेखतेबाबाकीख्यातिआमहोगई।मुस्लिमकमेटीइलाकालोयाबादकेतत्वावधानमेंप्रत्येकवर्षउर्समेलाकाआयोजनकियाजाताहै।इसबारसरकारीगाइडलाइनकापालनकरतेहुएसादगीसेउर्समनायाजाएगा।