कागजों पर हर साल लगते हैं दस लाख पौधे

जागरणसंवाददाता,नूंह:

हमारादेशविकासकीओरअग्रसरतोहोरहाहै,लेकिनदूसरीतरफसरकारकेसाथ-साथलोगभीपर्यावरणसंरक्षणसेदूरहोतेजारहेहैं।आजहमारेदेशमेंविकासपरियोजनाओंकेनामपरपेड़-पौधोंकीअंधाधुंधकटाईकीजारहीहै।जिससेहरियालीखत्महोतीजारहीहैऔरधरतीकातापमानबढ़ताजारहाहै।

नूंहजिलेमेंवनविभागरकबाकरीबबीसहजारएकड़है।जोपिछलेसालोंकेमुकाबलेबढ़ाहै।अगरहमबातकरेंतोजमीनीस्तरकीयोनूंहजिलेमेंवनकारकबाबढ़नेकीबातबेईमानीसाबितहोगी।हालांकिअरावलीमेंकुछसुधारजरूरहुआहै।लेकिनवहांभीअवैधकब्जेजारीहैं।जिससेपेड़ोंकीकटाईभीनिरंतरहोरहीहै।लोगोंनेअरावलीकीतलहटीमेंपेड़ोंकोकाटकरअवैधरूपसेपक्केमकानबनालिएहैं।यहसिलसिलावनविभागकेअधिकारियोंकीलापरवाहीकेकारणलगातारजारीभीहै।

बतादें,किनूंहजिलेमेंपेड़-पौधोंकोलेकरवनविभागगंभीरनजरनहींआरहाहै।हालांकिहरेकमानसूनमेंवनविभागद्वारादससेबारहलाखपौधेलगानेकालक्ष्यतोरखाजाताहै।लेकिनउतनेपौधलगाएनहींजाते।येपौधेकेवलकागजोंतकहीसीमितरहजातेहैं।जोकुछपौधेलगाएभीजातेहैंतोवेदेखरेखकेअभावमेंदमतोड़देतेहैं।मानसूनसीजनमेंवनविभागपौधेलगानेकेबादकुछमहीनेतोउनकीदेखभालकरताहै।लेकिनगर्मियोंमेंइनपौधोंसेवनविभागभीअपनामुंहमोड़लेताहै।जिसकेकारणपौधेसूखजातेहैं।ऐसेमेंहरसालदससेबारहलाखपौधेतोलगाएजातेहैं,लेकिनधरातलपरकुछेकपेड़हीनजरआतेहैं।जिसकेपर्यावरणपरभीगंभीरअसरपड़रहाहै।ऑक्सीजनकीकमीकेकारणलोगजहरीलीगैसोंकोग्रहणकररहेहैं,परिणामस्वरूपउन्हेंभयंकरबीमारियोंकासामनाकरनापड़रहाहै।

वनविभागजिलेकीहरियालीकोलेकरगंभीरहै।इसबारमानसूनसीजनमेंविभागद्वाराबारहलाखपौधेलगानेकालक्ष्यरखाहै।लगाएगएपौधोंकीदेखभालकीजारहीहै।नूंहजिलेमेंवनकारकबालगातारबढ़नेलगाहै।अरावलीसेभीजल्दहीअवैधकब्जोंकोहटवायाजाएगा।

रमेशसैनी,रेंजआफिसरवनविभाग।