जरूरत से कम हुई यूरिया की आपूर्ति, बढ़ी किसानों की परेशानी

जागरणसंवाददाता,गोपालगंज:रबीअभियानमेंडीएपीकेबादअबयूरियाकीकिल्लतसेकिसानोंकेपसीनेछूटरहेहैं।रबीकीसिचाईकेबादकिसानोंकोयूरियाकीदरकारहै,लेकिनबाजारकीदुकानोंसेयूरियागायबहै।कृषिविभागभीइसबातकोस्वीकारकररहाहैकिजिलेमेंयूरियाकीकमीएकबड़ीसमस्याहै।विभागजिलेमेंजरूरतकेविरुद्धअबतकमात्र67प्रतिशतहीयूरियाकीउपलब्धताकादावाकररहाहै।ऐसेमेंकिसानअधिककीमतपरयूरियाखरीदनेकोविवशहोरहेहैं।

जानकारीकेअनुसार,वर्तमानरबीअभियानमेंजिलेको15983मीट्रिकटनयूरियाकीजरूरतहै।इसकेविरुद्धसरकारकेस्तरपरजिलेकोमात्र10,754मीट्रिकटनकीयूरियाउपलब्धकराईजासकीहै।रविवारकोकृषिविभागनेदावाकियाकिजल्दहीजिलेकोशेषयूरियाउपलब्धहोजाएगी।इधर,असलीसमस्याजनवरीमाहमेंकिसानोंकोरबीअभियानकेलिएयूरियाकानहींमिलपानाहै।ऐसेमेंकिसानयूरियाकेलिएदर-दरभटकरहेहैं।इसबीचकिसानअपनीजरूरतकेहिसाबसेयूरियाकेनिर्धारितदरसेअधिकराशिदेकरइसकीखरीदकररहेहैं।उधर,कृषिविभागइसबातसेइन्कारकररहाहैकिजिलेमेंनिर्धारितदरसेअधिककीमतपरयूरियाकीबिक्रीहोरहीहै।जिलाकृषिपदाधिकारीडा.वेदनारायणसिंहनेबतायाकिजिलेमेंयूरियाकादर266रुपया50पैसानिर्धारितहै।इसदरपरहीयूरियाकीबिक्रीहोरहीहै।

कुचायकोटप्रखंडमेंभीदुकानोंसेयूरियागायब

संवादसूत्र,कुचायकोट(गोपालगज):तीनदिनपूर्वप्रखंडक्षेत्रकेविभिन्नहिस्सोंमेंहुईबरसातकेबादयूरियाकीमांगबढ़नेकेसाथहीबाजारसेयूरियागायबहोगईहै।किसानयूरियाकेलिएएकबाजारसेदूसरीबाजारभटकरहेहैं,परबाजारसेयूरियानदारदहै।ऐसेमेंकुछदुकानदारचोरी-छिपेयूरियाकीकालाबाजारीभीकरनेलगेहैं।जानकारीकेअनुसारबारिशसेपूर्वप्रखंडमेंयूरियाका75मीट्रिकटनकाआवंटनप्राप्तहुआथा,लेकिनबारिशकेअगलेहीदिनअधिकांशदुकानोंसेयूरियागायबहोगई।रविवारकोप्रखंडकेसासामुसाबाजारमेंहीमात्रदोदुकानोंपरयूरियाउपलब्धदिखी,जहांयूरियालेनेकेलिएलोगोंकीभीड़लगीरही।इससंबंधमेंप्रखंडकृषिपदाधिकारीराघवप्रसादनेबतायाकिपिछलेहफ्तेकुचायकोटप्रखंडकेलिएयूरियाका75मीट्रिकटनकाआवंटनप्राप्तहुआथा,जिसेप्रखंडकेविभिन्नदुकानोंपरउपलब्धकराईगईहै।

सिधवलियाप्रखंडमेंभीयूरियाकीकिल्लतबरकरार

संवादसूत्र,कुचायकोट(गोपालगज):बारिशकेबादसिधवलियामेंयूरियाकीकिल्लतबरकरारहै।ऐसेमेंकिसानमिलोंदूरचलकरदूसरेप्रखंडवजिलामुख्यालयतकयूरियाकीतलाशकररहेहैं।किसानअपनेखेतोंमेंलगेगेहूंवतेलहनफसलमेंयूरियाखादकेछिड़कावकेलिएदरदरभटकरहेहै।इससंबंधमेंबीएओमिथलेशप्रसादनेबतायाकियूरियाखादकीकिल्लतहै।यूरियाकाआवंटनमिलनेकेबादहीयूरियाखादकीउपलब्धताकिसानोंकेबीचहोगी।