जनाब, यमुना पार इन कॉलोनियों में जरा पहुंचकर तो दिखाओ

मथुरा,जासं।आजादीकेबाददेशमेंएक्सप्रेसवेतकबनेपरयमुनापारकीआधादर्जनकॉलोनियांऐसीहैंजहांतकजानेकेलिएकोईरास्तानहींहैं।पथरीलेरास्तोंकेबीचहोकरजबइनकॉलोनियोंमेंप्रवेशकरतेहैंतोयहांननालियांदिखतीहैंऔरनपानी।नगरनिगमटैक्सवसूलनेतोपहुंचरहेहैंपरअफसरोंकोयहबतातेकियहवहीइलाकेहैंजहांतकउसकीकूड़ाउठानेवालीगाड़ीतकनहींपहुंचसकतीहै।

यमुनापुलपारकरपथरीलेरास्तोंसेहोकरजबयमुनाकिनारेपहुंचतेहैंवहांआबादीमेंजानेसेरोकनेकेलिएमिट्टीकाऊंचाटीलाबनादियाहै।इसीटीलेपरचढ़करदेखतेहैंतोकरीबआधादर्जनकॉलोनियांबसीहुईहैं।इनमेंशांतिआश्रमसबसेपहलीकॉलोनीहै।इसीसेसटेइलाकेहैंईशापुर,विशनगंज,हंसगंज,ढेंगराआदिमुहल्लेवकॉलोनियां।यहांजानेकेलिएग्रीष्मवसर्दऋतुमेंतोधूलभरेरास्तेहैंपरबारिशकेदिनोंमेंयहभीबंदहोजाताहै।

आधादर्जनकॉलोनियोंमेंसड़क,नालियोंकाअभावहै,इसकेकारणपानीसड़कऔरगलियोंमेंभरानजरआताहै।पीनेकेपानीकाभीयहांअभावहै।यमुनाकिनारेकेइलाकेमेंलोगोंनेघरोंमेंहैंडपंपलगारखेहैं,इन्हींसेपानीखींचकरदैनिकजीवनकेउपयोगमेंउसेलातेहैं।सफाईऔरकूड़ेकेउठानसहितनालियोंकीसफाईक्याहोताहैयहांकेलोगजानतेहीनहींहैं।यहांनसड़कहै,ननालियांऔरपानी।यहांकेलोगकैसेजीवनयापनकररहेहैंयहपहलीबारकोईदेखनेआयाहै।इससेपहलेतकतोयहांनगरनिगमकाकोईअधिकारीनहींआया।

मालतीदेवी,स्थानीयनागरिकयमुनापारकाइलाकानरकमेंतब्दीलहोचुकाहै,बारिशकेदिनोंमेंतोयहांरहनेवालेलोगोंपरआफतछाईरहतीहै।निकलनेतककोरास्तानहींबचतातोलोगघरोंमेंकैदहोजातेहैं।