जम्मू-कश्मीर: पीढ़ियों से इस बगिया को संजोते रहे, उनके खून से जन्नत लहूलुहान, बूढ़ी मां का विलाप रूह चीर दे

घाटीमेंपिछलेपांचदिनोंमेंसातवींघटनाहै।आतंकीसातपरिवारोंकोउजाड़चुकेहैं।इनमेंसेआधादर्जनवारदाततोश्रीनगरकाहीहै।आंकड़ोंपरअगरगौरकरेंतोइससाल2021मेंपूरेकश्मीरमेंआतंकीहमलोंमें28 नागरिकोंकोशिकारबनायागयाहै।

करीबतीनदशकपहलेजबजम्मू-कश्मीर(JammuKashmir)मेंआतंकवाद(Terrorism)चरमपरथाऔरघाटीबमधमाकोंसेलहूलुहानरहतीथीतोकुछऐसेपरिवारथेजिन्होंनेअपनीमाटीकोनहींछोड़नेकानिर्णयलिया।हजारोंमुश्किलों,दहशतगर्दीकोझेलतेहुएकश्मीरकोजन्नतबनानेमेंकोईकोरकसरनहींछोड़ी।

लेकिनअबवेहारतेनजरआरहे,उनकेहौसलेएकबारफिर,जहन्नुमबनरहेकश्मीरको,जन्नतबनानेकीकोशिशेंकरनेसेइनकारकररहे।अपनोंकीखूनसेलालहोरहीघाटीअबउनसेदेखीनहींजारहीहै।वेसमझनहींपारहेकिजीवनकाअमूल्यसमयऔरकईपीढ़ियोंकीयादेंजहांसंजोकररखीहै,उसपरअबक्याफैसलाकरें?सुरक्षाबलोंपरउनकेयकीं,दहशतगर्दोंकीदुस्साहसकेआगेमद्धिमपड़तीदिखरही।

दरअसल,जम्मू-कश्मीरकोएकबारफिरसेअस्थिरकरनेकीआतंकियोंकीकोशिशेंशुरूहोगईहै।केंद्रशासितप्रदेशबनाएजानेकेबादइनदिनोंआतंकीलगातारखून-खराबाकरनेपरउतारूहैं।पिछलेपांचदिनोंमेंयहआमनागरिकोंपरआतंकियोंकासातवांहमलाहै।हरहमलेमेंआतंकियोंनेखूनखराबाकरडरानेकीकोशिशेंकीहै।

जम्मू-कश्मीरकेशिक्षकदीपकचांदकोस्कूलमेंदहशतगर्दोंनेनिर्ममहत्याकरदी।परिवारपीढ़ियोंसेयहांरहरहाहै।लेकिनकभीइसधरतीकोजन्नतमाननेवालाचांदकापरिवारअबगम-ओ-गुस्सानिकालरहा।परिवारवालेरोते-बिलखतेकहरहेकिकश्मीरजन्नतनहींहै,हमारेपरिवारकेलिएतोयहजहन्नुमहै।परिजनदीपकचांदकीनन्हींबच्चीकोलेकरचिंतितहैं।पूरापरिवारखौफमेंजीरहाहै।इनकेपरिवारीजनबतातेहैंकिआतंकियोंकेधमकीभरेफोनअभीभीआरहेहैं।तीससालोंसेवेलोगआतंकियोंकेनिशानेपरहैं।

आतंकियोंकीगोलीकेशिकारशिक्षकोंमेंप्रिंसिपलसुपिंदरकौरभीहैं।बूढ़ीमांकोजैसेहीयहसूचनामिलीउनकोआतंकियोंनेमारदियाहैतोवहबदहवासहोगईं।जार-जाररोरहीमांइतनाकीकहरहींथींकिमुझेगोलीमारदो,उसेक्योंमारदिया?मुझबूढ़ीकोगोलीमारो।महिलाएंउनकोसंभालतेहुएअपनेआंसूनरोकपारहींथी।

घाटीमेंपिछलेपांचदिनोंमेंसातवींघटनाहै।आतंकीसातपरिवारोंकोउजाड़चुकेहैं।इनमेंसेआधादर्जनवारदाततोश्रीनगरकाहीहै।आंकड़ोंपरअगरगौरकरेंतोइससाल2021मेंपूरेकश्मीरमेंआतंकीहमलोंमें28 नागरिकोंकोशिकारबनायागयाहै।इनमेंश्रीनगरमें10,पुलवामामें4,अनंतनागमें4,कुलगाममें3,बारामूलामें2,बडगाममेंएकऔरबांदीपोरामेंहत्याकीगईहै।आतंकीवारदातोंसेपूरेराज्यमेंदहशतकामाहौलहै।